Bihar Politics: BJP के बाद अब चिराग के समर्थन में आए मांझी, CM नीतीश की शराबबंदी पर उठाए सवाल

Bihar Politics हिंदुस्‍तानी अवाम मोर्चा के अध्‍यक्ष जीतन राम मांझी ने दिल्‍ली में बीजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। इसके बाद उन्‍होंने बिहार में मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा लागू याराबबंदी पर सवाल उठाए तथा चिराग के एनडीए में शामिल होने के पक्ष में बयान दिया।

Vyas ChandraThu, 16 Sep 2021 01:41 PM (IST)
पूर्व सीएम जीतन राम मांझी और भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा। साभार मांझी का ट्वि‍टर एकाउंट

पटना, आनलाइन डेस्‍क। बिहार के पूर्व मुख्‍यमंत्री और हम के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जीतन राम मांझी (Ex CM Jitan Ram Manjhi) ने कहा है कि  चिराग पासवान (Chirag Paswan) एनडीए में रहते हैं तो वे इसका स्‍वागत करते हैं। लेकिन यह उनका व्‍यक्तिगत मत है, एनडीए या जदयू (NDA or JDU) का नहीं। इस क्रम में उन्‍होंने एक बार फिर बिहार में शराबबंदी (Liquor Ban in Bihar) पर भी सवाल खड़े कर दिए। उन्‍होंने कहा कि इस कानून की समीक्षा की जरूरत है। बता दें कि इससे पहले भाजपा की ओर से भी कहा गया था कि चिराग पासवान एनडीए में हैं। मांझी के इस बयान के बाद अब जदयू की ओर से क्‍या प्रतिक्रिया आती है, इसका सभी को इंतजार है। नई दिल्‍ली में भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद मांझी ने कहा कि शराबबंदी से पहले बिहार में जितनी शराब बिकती थी, अब उससे दोगुनी ज्‍यादा बिकने लगी है। ऐसे में इस कानून की समीक्षा की जरूरत है। क्‍योंकि कानून का डंडा जिनपर चलता है, उनमें  से तीन चौथाई लोग गरीब तबके के होते हैं। यूं कहें कि गरीब ही ज्‍यादा कार्रवाई की जद में आते हैं।   

रूडी पर सवाल उठाना ठीक नहीं 

मांझी ने सारण के एमपी राजीव प्रताप रूडी (MP Rajiv Pratap Rudi) की ओर से दी गई एंबुलेंस से शराब मिलने के मामले में कहा कि इसमें रूडी जी पर सवाल खड़ा करना गलत है। सांसद और विधायक अपने कोष से एंबुलेंस देते हैं। लेकिन उसका गलत उपयोग होने लगे तो इसमें जनप्रतिनिधि की तो गलती नहीं है। हां, जो दोषी हैं उनपर कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन राजीव प्रताप रूडी पर सवाल उठाना गलत है।  

जदयू सीट नहीं देगा तो नहीं लड़ेंगे यूपी में चुनाव 

पूर्व मुख्‍यमंत्री ने कहा कि उत्‍तरप्रदेश विधानसभा चुनाव में जदयू और भाजपा का गठबंधन हो जाता है तो वे भी साथ में लड़ना चाहेंगे। लेकिन यदि दोनों पार्टियां अलग-अलग लड़ती हैं तो वे जदयू के साथ चुनाव लड़ेंगे। सीमावर्ती इलाके में जहां, हमारा वर्चस्‍व है, उन सीटों पर चुनाव लड़ने का प्रयास करेंगे। मांझी ने यह भी कहा कि यदि जदयू सीट नहीं देगा तो वे चुनाव नहीं लड़ेंगे।  

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