बिहारः मुकेश सहनी की पार्टी का भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी पर हमला, कहा- माफ नहीं करेगा निषाद समाज

वीआइपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता देवज्योति ने सोमवार को बयान जारी कर कहा कि भाजपा के राज्यसभा सदस्य और प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी और उनके पार्टी की महिला विरोधी सोच और पिछड़ी जातियों के लिए नफरत की भावना उनकी बातों से साफ झलकती है।

Akshay PandeyPublish:Mon, 29 Nov 2021 09:25 PM (IST) Updated:Mon, 29 Nov 2021 09:25 PM (IST)
बिहारः मुकेश सहनी की पार्टी का भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी पर हमला, कहा- माफ नहीं करेगा निषाद समाज
बिहारः मुकेश सहनी की पार्टी का भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी पर हमला, कहा- माफ नहीं करेगा निषाद समाज

राब्यू, पटना: राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सहयोगी विकासशील इंसान पार्टी (वीआइपी) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रवक्ता पर हमला किया है। वीआइपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता देवज्योति ने सोमवार को बयान जारी करते हुए कहा कि भाजपा के राज्यसभा सदस्य और प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी और उनकी पार्टी की महिला विरोधी सोच और पिछड़ी जातियों के लिए नफरत की भावना उनकी बातों से साफ झलकती है। सुधांशु त्रिवेदी ने जिस तरह फूलन देवी का अपमान किया, उनके बारे में अपशब्द कहे, उसके लिए निषाद समाज उनको कभी माफ नहीं करेगा।

आगामी चुनाव में जनता देगी जवाब

देवज्योति ने कहा कि यूपी में सरकार ने फूलन देवी जी की प्रतिमा स्थापित करने से रोक दिया, सारी प्रतिमाओं  जब्त कर लिया, इससे साफ जाहिर होता है कि उत्तर प्रदेश सरकार निषाद समाज से किस प्रकार भयभीत है, उत्तर प्रदेश सरकार की सामंतवादी एवं महिला विरोधी सोच जनता से छिपी नहीं है, 2022 के विधानसभा चुनाव में निषाद समाज इसका जवाब देगा।

जरूरत पड़ने पर महिलाएं उठा सकती हैं हथियार

विकासशील इंसान पार्टी (वीआइपी) के प्रवक्ता देवज्योति ने कहा कि सुधांशु त्रिवेदी को निषाद समाज से माफी मांगनी होगी। वीरांगना फूलन देवी जी ने उन पर अत्याचार करने वाले लोगों को सजा देकर, समाज में एक मिसाल कायम की है। उन्होंने संदेश दिया है कि महिलाएं सिर्फ चूड़ी पहनना नहीं जानतीं बल्कि जरूरत पड़ने पर हथियार भी उठा सकती हैं।

अत्याचार करने वालों को फूलन देवी ने दी सजा

भगवान श्री राम जी ने भी रावण का वध किया था, क्योंकि रावण ने सीता मैया पर बुरी नजर डाली थी, ठीक उसी प्रकार बहन फूलन देवी ने भी उन पर अत्याचार करने वालों को सजा दी थी, ताकि एक महिला पर बुरी नजर डालने से हर कोई सौ बार सोचे। ऐसी वीरांगना के बारे में सुधांशु त्रिवेदी के द्वारा जिस अपशब्द का इस्तेमाल किया गया, आने वाले समय में जनता जवाब देगी।