Bihar Police Daroga Bharti: बिहार दारोगा भर्ती के लिए शारीरिक परीक्षा खत्‍म, जानिए आगे क्‍या होगा

बिहार पुलिस दारोगा भर्ती के लिए 15 मार्च से ही चल रही थी शारीरिक जांच परीक्षा। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

Bihar Police Sub Insepector Recruitment Physical Test बिहार पुलिस में दारोगा भर्ती के लिए चल रही शारीरिक परीक्षा खत्‍म हो गई है। बिहार पुलिस अवर चयन आयोग छूटे हुए उम्‍मीदवारों को मौका देने के लिए अलग से त‍िथि जारी कर सकता है।

Shubh Narayan PathakTue, 13 Apr 2021 11:03 AM (IST)

पटना/फुलवारी शरीफ, जागरण टीम। Bihar Daroga Bharti 2021: बिहार पुलिस के अंतर्गत दारोगा बहाली की शारीरिक जांच प्रक्रिया सोमवार को समाप्त हो गई। अब भर्ती आयोग उन आवेदनों पर विचार करेगा, जिन्होंने शारीरिक जांच में आने का मेडिकल लगाते हुए समय की मांग की थी। ऐसे दो हजार मामले हैं, मगर आयोग को अभी तक आधा दर्जन आवेदन प्राप्त हुए हैं। आयोग ने सभी को पत्र लिख सूचित किया था कि सोमवार को सभी की शारीरिक जांच की परीक्षा होगी, मगर इसमें कई आवेदक द्वारा पत्र भेज कर कहा गया था कि स्वास्थ्य ठीक ना होने के कारण वह परीक्षा में शामिल होने में असमर्थ हैं, इसलिए उनको अगला समय दिया जाए।

दो हजार आवेदकों को फिर से मिल सकता है मौका

आयोग की ओर से समय दिए जाने के बावजूद चंद ही लोगों का आवेदन आयोग को प्राप्त हुआ था। इस कारण आयोग ने सोमवार को दारोगा बहाली प्रक्रिया को समाप्त कर दिया। दो हजार लोगों ने मेडिकल आधार पर शारीरिक परीक्षा में शामिल होने में असर्मथा जताई है, इसलिए आयोग नए सिरे से विचार कर उन सभी लोग, जिन्होंने असमर्थता जताई है, उन्हें समय देगा। 

फिजिकल टेस्ट सेंटर पर अभ्यर्थियों ने किया हंगामा

गर्दनीबाग स्थित फिजिकल सेंटर में सोमवार को टेस्ट और दौड़ से वंचित अभ्यर्थियों ने जमकर हंगामा किया। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। अभ्यर्थियों को आरोप था कि एडमिट कार्ड और मेडिकल फिटनेस रिपोर्ट होने के बावजूद उन्हें फिजिकल टेस्ट में शामिल नहीं किया गया। सेंटर के बाहर भीड़ जुटने पर किसी तरह पुलिस अभ्यर्थियों को समझा बुझाकर मामला शांत कराया। अभ्यर्थियों ने आयोग पर आरोप लगाते हुए बताया कि 25 मार्च को फिजिकल टेस्ट रखा गया। 24 मार्च को मैसेज आया कि 12 अप्रैल को परीक्षा होगी। फिर छह अप्रैल को मैसेज आया कि आपका फिजिकल टेस्ट नहीं होगा।

आयोग के दफ्तर से लेकर सेंटर तक का लगा रहे चक्‍कर

इसके बाद से वह आयोग से लेकर सेंटर का चक्कर लगा रहे है। वहीं एक महिला अभ्यर्थी का आरोप था कि उसे प्रेगनेंट बताकर दौड़ से वंचित कर दिया गया। जबकि महिला का कहना था कि पीएमसीएच का मेडिकल रिपोर्ट दिखाने के बाद भी दौडऩे नहीं दिया गया। अभ्यर्थी वहां मौजूद महिला अधिकारियों से भी मिली। उसने उनसे कहा भी कि उसका अभी चेकअप करा सकती है। वहीं पति का कहना था कि पिछले छह दिनों से पत्नी आयोग से सेंटर तक घूमते रही।

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