बिहार पुलिस एसोसिएशन ने दी चेतावनी, न्‍याय नहीं मिला तो सामूहिक अवकाश पर जाएंगे पुलिसकर्मी

मधुबनी के झंझारपुर कोर्ट में हुई घटना के बाद एक ओर पुलिस एसोसिएशन खफा है तो दूसरी ओर अधिवक्‍ता भी आक्रोशित हैं। अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं किए जाने पर बिहार पुलिस एसोसिएशन खफा है। अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं किए जाने पर एसोसिएशन ने एतराज किया है।

Vyas ChandraThu, 25 Nov 2021 09:17 AM (IST)
एडीजे से विवाद मामले में आरोपित पुलिसकर्मी। सांकेतिक तस्‍वीर

पटना, राज्य ब्यूरो। मधुबनी के झंझारपुर कोर्ट में हुई घटना के बाद एक ओर पुलिस एसोसिएशन खफा है तो दूसरी ओर अधिवक्‍ता भी आक्रोशित हैं। अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं किए जाने पर  बिहार पुलिस एसोसिएशन खफा है। पुलिसकर्मियों के बयान पर अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं किए जाने पर एसोसिएशन ने एतराज किया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार सिंह ने कहा कि इस घटना से आक्रोशित पुलिसकर्मी काला बिल्ला लगाकर अपना विरोध प्रकट करना चाहते हैं। न्याय नहीं मिलने पर पुलिसकर्मी सामूहिक अवकाश पर भी जा सकते हैं। इसको लेकर जिला इकाइयों से प्रस्ताव मांगा गया है। पुलिस के वरीय अधिकारियों से भी गुहार लगाई गई है। इधर एडीजे (प्रथम) अविनाश कुमार के साथ कोर्ट चैंबर में मारपीट की घटना तूल पकड़ चुकी है। इसकी जांच करने दरभंगा के प्रमंडलीय आयुक्त मनीष कुमार और आइजी अजिताभ कुमार झंझारपुर गए थे। लेकिन एक बार फिर उनसे न्‍यायिक अधिकारी व कोर्ट कर्मी नहीं मिले। उनलोगों ने कहा है कि हाईकोर्ट का आदेश मिलने पर ही वे मुलाकात करेंगे।  

सिटी कोर्ट के वकीलों ने न्यायिक कार्यों से अलग रहकर जताया विरोध

झंझारपुर न्यायालय के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम के साथ थानाध्यक्ष और उनके सहयोगियों द्वारा बदसलूकी किए जाने की घटना का विरोध करते हुए पटना सिटी व्यवहार न्यायालय के अधिवक्ताओं ने बुधवार को खुद को न्यायिक कार्यों से अलग रखा। कोर्ट के समीप एकत्र हुए अधिवक्ताओं ने घटना के खिलाफ विरोध जताया तथा दोषी पुलिसकर्मियों पर स्पीडी ट्रायल चलाकर जल्द से जल्द सजा देने की मांग की। उन्होंने ने कहा कि इस तरह की घटना की जितनी ङ्क्षनदा की जाय कम है। आज न्यायपालिका, अधिवक्ता और न्यायालय कर्मी भी सुरक्षित नहीं हैं। अधिवक्ताओं के कार्य नहीं करने से कोर्ट पहुंचे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। मौके पर तदर्थ समिति के अध्यक्ष विजय कुमार, महासचिव सरदार बलवंत सिंह,  विजय कुमार सहित अन्य अधिवक्ता सक्रिय थे। 

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