बिहारः नालंदा में सड़क हादसे में घायल दो युवकों की पीएमसीएच में मौत, स्पीड ब्रेकर ने ले ली जान

नालंदा में हुए सड़क हादसे में मृत पवन कुमार और उज्ज्वल कुमार कुमार।

चंडी-हरनौत एनएच-431 पर स्थानीय गोपी बिगहा के दो युवकों पवन कुमार एवं उज्ज्वल कुमार की मौत सोमवार की रात पीएमसीएच पहुंचते ही हो गई। दोनों युवक सोमवार देर शाम गांव के निकट ही अज्ञात बोलेरो की चपेट में आकर गम्भीर रूप से जख्मी हो गए थे।

Akshay PandeyTue, 13 Apr 2021 03:12 PM (IST)

संवाद सूत्र,चंडी (नालन्दा)। चंडी-हरनौत एनएच-431 पर स्थानीय गोपी बिगहा के दो युवकों पवन कुमार एवं उज्ज्वल कुमार की मौत सोमवार की रात पीएमसीएच पहुंचते ही हो गई। दोनों युवक सोमवार देर शाम गांव के निकट ही अज्ञात बोलेरो की चपेट में आकर गम्भीर रूप से जख्मी हो गए थे। दुर्घटना की वजह गांव के निकट अवैध स्पीड ब्रेकर का होना बताया गया। दोनों जख्मी युवकों को बिहारशरीफ जिला जिला अस्पताल से पीएमसीएच भेजा गया था। पवन कुमार की मौत पीएमसीएच में दाखिल होने से पहले हो गई। स्वजन उसका शव घर पर ले आए। जबकि उज्ज्वल कुमार की मौत अस्पताल में दाखिला होते ही हो गई। पवन इस साल इंटरमीडिएट की परीक्षा प्रथम श्रेणी से पास किया था। जबकि उज्ज्वल ने रांची में एक कृषि विज्ञान कालेज में नामांकन लिया था। घटना से नाराज ग्रामीणों ने गांव के पास ही चंडी-हरनौत रोड को ताड़ का बल्ला रख जाम कर दिया। हालांकि इससे आवागमन पर कोई खास असर इसलिए नहीं पड़ा क्योंकि इस सड़क पर स्थानीय टेम्पों ही दिन में चलते हैं। मंगलवार सुबह दस बजे चार-चार लाख रुपये मुआबजे का चेक मिलने के बाद जाम हटाया गया।

बचपन में ही उठ गया था मां-पिता का साया 

पवन कुमार तीन भाइयों में सबसे छोटा था। पवन जब चार साल का था तब पिता हरदेव पासवान और मां की मौत किसी बीमारी से हो गई थी। दोनों बड़े  भाई चेन्नई में किसी कंपनी में काम कर पवन की परवरिश की और पढाई का खर्च जुटा रहे थे। इंटरमीडिएट साइंस में पवन ने 68.6 फीसद अंक प्राप्त किया था। उसकी इच्छा थी कि सरकारी नौकरी मिलने के बाद शादी करेंगे।

मेधावी था उज्जवल

कृषि विज्ञान में स्नातक प्रथम वर्ष का छात्र उज्ज्वल कुमार मेधावी था। कोरोना संक्रमण का जोर की वजह से रांची नहीं जा रहा था। बिजेंद्र  पासवान के तीन पुत्रों में उज्ज्वल मंझला था। किसान बिजेंद्र को मंझले पुत्र पर भरोसा था कि पढाई कर कोई अच्छी नौकरी प्राप्त कर लेगा।लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

स्पीड ब्रेकर से गई जान

ग्रामीणों ने कुछ महीने पहले सड़क से कनेक्ट हुई गली के पास अवैध रूप से दो बम्प बनवा दिया था। चंडी से जा रही अज्ञात बोलेरो अचानक हाइवे पर बम्प देख गति नियंत्रित कर बाएं से वाहन निकालने की कोशिश की। इसी दौरान सड़क पर चहल कदमी कर रहा उज्ज्वल कुमार बोलेरो से धक्का खा कर खाई में जा गिरा। कुछ कदम आगे रहा पवन ने शोर मचाते हुए ईंट उठा दौड़ा और बोलेरो को आगे से रोकना चाहा। इस दौरान वह भी कुचल गया। बोलेरा हरनौत की तरफ भाग निकला। भागने के क्रम में नरसंडा में भी एक टेम्पो को धक्का मार दिया। इससे टेंपो में बैठा कैलास प्रसाद के भतीजे को मामूली चोट आई है। गोपी बिगहा से दो किलोमीटर पूरब नरसंडा में भी इसी सड़क पर चार अवैध स्पीड ब्रेकर बना हुआ है। यहां भी दुर्घटना होती रहती है। आये दिन बाइक सवारों का संतुलन बिगड़ता रहता है।

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