बिहार में मठ-मंदिरों को दान की गई जमीन होगी देवी-देवताओं के नाम, बक्‍सर-आरा में हुई शुरुआत

बिहार में मठ-मंदिरों की जमीन का झगड़ा अब कम होने वाला है। धार्मिक संस्‍थाओं को दान की गई जमीन पर मालिकाना हक अब देवी-देवताओं का होगा। इसके लिए बिहार सरकार ने भोजपुर और बक्‍सर जिले से शुरुआत कर दी है।

Shubh Narayan PathakSun, 12 Sep 2021 11:58 AM (IST)
पटना जंक्‍शन स्थित हनुमान मंदिर। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

आरा, जागरण संवाददाता। बिहार में मंदिरों और मठों के नाम दान की गई जमीन की रजिस्‍ट्री देवी-देवताओं के नाम की जाएगी। अगर हमारे पूर्वजों ने जमीन को मंदिर के नाम पर दान कर दिया है, तो उस पर अधिकार मंदिर का होगा। सेवादार उसके सिर्फ सेवक रहेंगे। उसका स्वामित्व किसी व्यक्ति विशेष का ना होकर अब देवताओं के ही नाम होगा। इसके लिए सरकार के विधि विभाग की ओर से सर्वेक्षण शुरू करा दिया गया है, ताकि मंदिर की जमीन के आधिपत्य को लेकर झगड़ा-झंझट नहीं हो। शनिवार को गन्ना उद्योग व विधि विभाग के मंत्री प्रमोद कुमार ने संवाददाता सम्मेलन ये बातें कहीं। दरअसल बिहार में जमीन के झगड़े कानून-व्‍यवस्‍था के लिए बड़ा मसला हैं। इसे देखते हुए सरकार जमीन को लेकर कई तरह के सुधार कर रही है।

एक माह के अंदर भोजपुर और बक्‍सर में होगी जमीन की पैमाइश

विधि मंत्री प्रमोद कुमार ने कहा कि भोजपुर जिले के 14 अंचलों में कुल 64 धार्मिक न्यास पर्षद की संपत्ति चिन्हित की गई है। बक्सर जिले के नौ अंचलों में 67 धार्मिक न्यास पर्षद की संपत्ति चिन्हित की गई है। एक माह के अंदर धार्मिक न्यास पर्षद की चिन्हित जमीन की अंचलाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी के माध्यम से स्थलीय जांच कराकर पैमाइश की जानकारी ली जाएगी।

मठ-मंदिरों की जमीन देवी-देवताओं के नाम होगी : मंत्री भोजपुर में 59 और बक्सर में 67 संपत्तियां धार्मिक न्यास की

मंत्री ने बताया कि जमीन चिन्हित कर निबंधन के लिए प्रस्ताव पटना स्थित धार्मिक न्यास पर्षद को भेजना है। दोनों जिले के सभी अंचलाधिकारी व उप समाहर्ता, भूमि सुधार को निर्देश दिया गया कि किसी जमीन पर अवैध दखल-कब्जा अथवा किसी दूसरे के नाम से निबंधित किया गया है, तो संबंधित के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाए।

 

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