बिहार में पौने चार लाख किसानों के अरमानों पर सरकारी बाबू भारी, टेबल पर धूल फांक रहे पीएम योजना के आवेदन

बिहार में पीएम किसान सम्मान निधि की 3.8 लाख अर्जियां महीनों से लंबित कृषि सचिव ने जिलाधिकारियों को पत्र लिख जताई चिंता मानीटरिंग के लिए दिए सख्त निर्देश किसानों के अर्जी की जांच में हीलाहवाली कर रहे हैं अफसर

Shubh Narayan PathakWed, 22 Sep 2021 07:54 AM (IST)
बिहार में किसानों के आवेदन दबा बर बैठे सरकारी बाबू। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

पटना, राज्य ब्यूरो। PM Kisan Samman Nidhi Yojana: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना पीएम किसान सम्मान निधि की सवा तीन लाख अर्जी पर अफसरों की कोताही भारी पड़ रही है। प्रखंड से लेकर जिला स्तर पर अधिकारियों की हीलाहवाली के कारण कई माह से किसानों के आवेदन लंबित हैं। यह स्थिति तब है, जबकि हर स्तर पर आवेदन को अग्रसारित करने की समय-सीमा तय है, फिर भी जिम्मेदारों के बीच कार्रवाई का कोई डर नहीं। पीएम किसान सम्मान निधि योजना को लेकर राज्य स्तर पर गठित अनुश्रवण एवं शिकायत निवारण समिति की बैठक में अफसरों की लालफीताशाही पर शासन ने चिंता जताई है।

कृषि सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को लिखा पत्र

कृषि सचिव एन सरवण कुमार ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर मानीटरिंग की सख्त हिदायत दी है। सचिव ने तय समय-सीमा में किसानों के आवेदनों की जांच सुनिश्चित कराने की ओर अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट किया है। यही नहीं, किस स्तर पर किसानों के कितने आवेदन लंबित हैं, यह बताकर अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा किया है।

बाबुओं की मनमानी से धूल फांक रहे हैं आवेदन

सरकारी बाबुओं की लेटलतीफी के कारण सम्मान निधि योजना से संबंधित लाखों किसानों आवेदन टेबल पर धूल फांक रहे हैं। इसमें कृषि समन्वयक, अंचलाधिकारी और एडीएम (राजस्व) के स्तर पर सर्वाधिक आवेदन लंबित हैं। अगर आवेदन का सत्यापन हो जाए तो किसानों के बैंक खाते में भी योजना के छह-छह हजार रुपये भेज दिए जाएं।

किसान कैसे करें आवेदन

प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के लिए किसानों को सर्वप्रथम कृषि पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। उसके बाद न्यूनतम एक एकड़ व अधिकतम दो हेक्टेयर जमीन की रसीद की छाया प्रति, बैंक पासबुक व आधार कार्ड लेकर साइबर कैफे, कामन सर्विस सेंटर या वसुधा केंद्र पर जाकर आनलाइन आवेदन करना है।

किस स्तर पर कितने आवेदन लंबित

कृषि समन्वयक स्तर पर 2.3 लाख

अंचलाधिकारी स्तर पर 2.43 लाख

एडीएम (राजस्व) के स्तर पर 38 हजार

कितने दिनों में करना होगा सत्यापन

कृषि समन्वयक-14 दिन

अंचलाधिकारी-30 दिन

अपर समाहर्ता (राजस्व)-30 दिन

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