Hasanpur Election 2020: इस बार सुर्खियों में है हसनपुर, यहां दो राजकुमारों में आमने-सामने की लड़ाई

हसनपुर सीट पर चुनावी लड़ाई की सांकेतिक तस्‍वीर।
Publish Date:Sat, 24 Oct 2020 10:40 AM (IST) Author: Sumita Jaiswal

समस्तीपुर, मुकेश कुमार। Hasanpur Election 2020: मिथिलांचल की सबसे हॉट और वीआइपी सीट हसनपुर सीट पर पूरे सूबे की निगाह है। हो भी क्यों नहीं, यहां से लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेज प्रताप राजद के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। वे अपने अंदाज में वोटरों को लुभा रहे। सभा में शंख बजाने से लेकर घोड़े पर चढ़कर लोगों को संबोधित करने पहुंच चुके हैं। यहां दूसरे चरण में 3 नवंबर काे वोट डाले गए। वा‍ेट‍िंग का प्रतिशत 57 रहा। उनका सीधा मुकाबला जदयू के राजकुमार राय से है। वे लगातार दो बार से इस सीट से जीत चुके हैं। तीसरी बार मैदान में हैं। इसलिए, तेज प्रताप की राह आसान नहीं है।

हसनपुर सीट विधानसभा उपाध्यक्ष रहे गजेंद्र प्रसाद हिमांशु और पूर्व मंत्री राजेंद्र यादव के कारण भी चर्चित रही है। लेकिन, इस बार चुनाव में कुछ अलग ही बात है। 2010 और 2015 के विजेता जदयू के राजकुमार राय अपनी सीट बचाने के लिए पूरा जोर लगा चुके हैं। उन्होंने सरकार की उपलब्धियों और 10 साल में खुद के कामकाज का हवाला देकर लोगों से जुडऩे की कोशिश की। वहीं, तेज प्रताप ने क्षेत्र को विकास का रास्ता दिखाने के नाम पर लोगों को साधने की कोशिश की।

यादव बहुल मतदाता वाले इस सीट पर अब तक यादव ही विधायक रहे हैं। 2010 में जदयू उम्मीदवार राजकुमार राय राजद के एमवाई समीकरण के मुकाबले अन्य जातियों की गोलबंदी के सहारे जीते थे। उन्हें अपनी जाति यादवों के वोट भी मिले थे। वर्ष 2015 में सूबे की बदली राजनीतिक तस्वीर के बाद एमवाई और अतिपिछड़ा समीकरण के चलते उन्हें फिर जीत मिली थी। सूबे की तस्वीर एक बार फिर 2010 वाली है, इसलिए जदयू उसी फार्मूले पर समीकरण साध रहा है। लेकिन, मुश्किल यह है कि यादवों का वोट किसे अधिक मिलेगा? तेज प्रताप व राजकुमार राय के अलावा प्रभावी यादव प्रत्याशी जनाधिकार पार्टी के अर्जुन यादव हैं। इससे यादवों के वोट निश्चित ही बंटेंगे। इसलिए मुकाबला अवश्य ही कड़ा होगा। यादवों को रिझाने के लिए तेजस्वी तीन बार यहां प्रचार कर चुके हैं। तेज प्रताप भी यहीं जमे हैं। दूसरी ओर, एनडीए गठबंधन की ओर से समस्तीपुर में प्रधानमंत्री की सभा हो चुकी है। मुख्यमंत्री भी सभा कर चुके हैं। इससे सवर्ण से लेकर अन्य जातियों के वोट निश्चित ही एनडीए प्रत्याशी को मजबूती प्रदान कर रहे। यहां यादवों के बाद निषाद, दुसाध, कुशवाहा सहित सवर्ण जातियों के वोट भी अच्छे-खासे हैं। मुस्लिमों की भी कुछ संख्या है।

जाप पर भी रहेगी नजर 

हसनपुर के रामचंद्र यादव बताते हैं कि इस बार आर-पार की लड़ाई है। हालांकि, एक वर्ग जदयू और राजद में सीधी टक्कर देख रहा। कुछ जनाधिकार पार्टी के प्रत्याशी अर्जुन यादव को भी प्रमुख मान रहे। पिछले चुनाव में बतौर निर्दलीय वे 10 हजार वोट हासिल कर चुके हैं। वर्ष 2015 के चुनाव में जदयू प्रत्याशी राजकुमार राय ने रालोसपा के विनोद चौधरी को 29,600 मतों से पराजित किया था। यह स्थिति तब थी, जब जदयू-राजद साथ थे और रालोसपा भाजपा के साथ थी।

विधानसभा चुनाव 2020 में मुख्य प्रत्याशी

राजद : तेजप्रताप यादव

जदयू : राजकुमार राय

पिछले तीन चुनावों का हाल

वर्ष 2005

विनर : सुनील कुमार पुष्पम (राजद)

रनर : रामनारायण मंडल (लोजपा)

वर्ष 2010

विनर : राज कुमार राय (जदयू)

रनर : सुनील कुमार पुष्पम (राजद)

वर्ष 2015

विनर : राजकुमार राय (जदयू)

रनर : विनोद चौधरी (रालोसपा)

मतदाता

कुल मतदाता : 2,90366

पुरुष : 1,53,555

महिला : 1,36,804

अन्य : 07

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अब तक के विधायक व पार्टी

1967 : गजेंद्र प्रसाद हिमांशु (एसएसपी )

1969 : गजेंद्र प्रसाद हिमांशु (एसएसपी )

1972 : गजेंद्र प्रसाद हिमांशु (एसओपी )

1977 : गजेंद्र प्रसाद हिमांशु (जेएनपी )

1980 : गजेंद्र प्रसाद हिमांशु (जेएनपी-एससी)

1985 : राजेंद्र प्रसाद यादव (कांग्रेस )

1990 : गजेंद्र प्रसाद हिमांशु (जनता दल )

1995 : सुनील कुमार पुष्पम (जनता दल )

2000 : गजेंद्र प्रसाद हिमांशु (जदयू )

2005 : सुनील कुमार पुष्पम (राजद )

2010 : राजकुमार राय (जदयू)

2015 : राजकुमार राय (जदयू)

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