बिहार के विश्‍वविद्यालयों में अब नहीं हो सकेगा फर्जीवाड़ा, राज्‍य सरकार ने लिया है यह बड़ा फैसला

उत्तर पुस्तिकाओं एवं प्रश्न पत्रों की छपाई तथा उसकी खरीद पुस्तकालयों में किताबों प्रयोगशालाओं में उपकरणों एवं कंप्यूटर आदि खरीदारी का अंकेक्षण होगा। शिक्षा विभाग ने महालेखाकार को लिखी चिट्ठी राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में परफार्मेंस आडिट कराने का अनुरोध

Vyas ChandraPublish:Tue, 30 Nov 2021 07:28 AM (IST) Updated:Tue, 30 Nov 2021 08:18 AM (IST)
बिहार के विश्‍वविद्यालयों में अब नहीं हो सकेगा फर्जीवाड़ा, राज्‍य सरकार ने लिया है यह बड़ा फैसला
बिहार के विश्‍वविद्यालयों में अब नहीं हो सकेगा फर्जीवाड़ा, राज्‍य सरकार ने लिया है यह बड़ा फैसला

पटना, राज्य ब्यूरो। वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में जल्द आडिट होगी। कुलपतियों द्वारा उत्तर पुस्तिकाओं एवं प्रश्न पत्रों की छपाई तथा खरीद, पुस्तकालयों में किताबों और प्रयोगशालाओं में उपकरणों एवं कंप्यूटर आदि खरीदारी आदि पर वर्षों से हो रहे खर्च की आडिट होगी। इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था एवं साफ-सफाई के लिए आउटसोर्सिंग पर किये जा रहे खर्च की भी आडिट कराई जाएगी। इस बारे में राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए शीघ्र परफार्मेंस आडिट कराने के लिए महालेखाकार (बिहार) को पत्र लिख कर अनुरोध किया है। 

शिक्षकों व कर्मियों के वेतन-पेंशन पर हो रहे खर्च का भी अंकेक्षण

शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार की ओर से सोमवार को सभी विश्वविद्यालयों में हर बिंदु पर जल्द आडिट कराने का अनुरोध महालेखाकार से किया गया है। शिक्षा विभाग की चिट्ठी में कहा गया है कि राज्य सरकार द्वारा सभी विश्वविद्यालयों को वेतन भुगतान, सेवानिवृत्त शिक्षकों व कर्मियों के सेवांत लाभ का भुगतान, अतिथि शिक्षकों के मानदेय भुगतान, आउटसोर्सिंग से नियुक्त किए गए कर्मचारियों के मानदेय भुगतान के लिए हर साल राशि दी जाती है। इसके साथ ही विश्वविद्यालयों एवं अंगीभूत महाविद्यालयों के आधारभूत संरचना सुविघाओं के विकास हेतु योजना मद से राशि दी जाती है। सभी विश्वविद्यालयों के पास आंतरिक स्रोत से भी आय होती है। विश्वविद्यालयों द्वारा परीक्षा संचालन हेतु कापियों और प्रश्न पत्रों की छपाई एवं खरीद, पुस्तकालयों में किताबों की क्रय, प्रयोगशालाओं में उपकरणों और कंप्यूटर आदि की खरीदारी की जाती है। पिछले कई वर्षों से विश्वविद्यालयों में आय और उपरोक्त मद में खर्च का अंकेक्षण नहीं हुआ है। 

वित्तीय नियमावली का पालन अनिवार्य

शिक्षा विभाग ने पत्र में सभी विश्वविद्यालयों के लिए बिहार वित्तीय नियमावली का पालन करना आवश्यक बताया है। बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम,1976 और पटना विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 की धारा 54 तथा आर्यभट्टï ज्ञान विश्वविद्यालय अधिनियम, 2008 की धारा 34 में विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के आय-व्यय का अंकेक्षण का प्रविधान है। पत्र में कहा गया है कि इसीलिए सभी विश्वविद्यालयों का परफार्मेंस आडिट शीघ्र कराने का अनुरोध है।