बिहार में बगैर पहचान पत्र दिखाए भी मिलेगी वैक्सीन, खास तबकों के लिए सरकार ने बनाई योजना

Bihar CoronaVirus Vaccination News महीने में एक करोड़ लोगों का टीकाकरण अभियान एक जुलाई से शुरू होना है। अभियान की सफलता और लक्ष्य हासिल करने के लिए स्वास्थ्य विभाग विस्तृत कार्ययोजना बना रहा है। अब बिना पहचान पत्र वालों को भी वैक्सीन लगेगी

Shubh Narayan PathakSun, 20 Jun 2021 03:21 PM (IST)
पटना में कोरोना का टीका लगवाता एक युवक। फाइल फोटो

पटना, राज्य ब्यूरो। Bihar CoronaVirus Vaccination News: महीने में एक करोड़ लोगों का टीकाकरण अभियान एक जुलाई से शुरू होना है। अभियान की सफलता और लक्ष्य हासिल करने के लिए स्वास्थ्य विभाग विस्तृत कार्ययोजना बना रहा है। इसी कड़ी में यह तय हुआ है कि जिनके पास पहचान पत्र नहीं है, वे भी टीकाकरण से वंचित नहीं रहेंगे। बिना पहचान पत्र वालों को भी वैक्सीन लगेगी। इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर करने के लिए विभाग ने जिलों की टास्क फोर्स को सक्रिय कर दिया है।

जिलों की टास्क फोर्स को बगैर पहचान पत्र वालों की पहचान का जिम्मा दिया गया

स्वास्थ्य विभाग ने जिलाधिकारियों को इस संबंध में एक पत्र भी भेजा है। कहा गया है कि जिला टास्क फोर्स अपने जिले में 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के वैसे लोगों की पहचान करे, जिनके पास कोई पहचान पत्र नहीं। इस कार्य में अल्पसंख्यक कल्याण, सामाजिक न्याय और समाज कल्याण के क्षेत्र में काम करने वाली संस्थाओं से मदद लेने की सहूलियत भी टास्क फोर्स को दी गई है।

स्वास्थ्य विभाग ने जुलाई से शुरू होने वाले महाभियान को देखते हुए लिया फैसला

विभाग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि साधु-संत, जेल में बंद कैदी या अस्पतालों में इलाज करा रहे मानसिक रोगी, वृद्धाश्रम या पुनर्वास केंद्रों में रह रहे लोगों के साथ सड़क किनारे रहने वाले भिखारियों के पास अमूमन पहचान पत्र नहीं होता। ऐसे लोगों को भी सूचीबद्ध करें और इनके लिए अलग कोविड टीकाकरण केंद्र बनाकर टीकाकरण की व्यवस्था सुनिश्चित करें। केंद्र बनाने के लिए विभाग ने किसी सरकारी इमारत या फिर स्वास्थ्य संस्थान को चिह्नित करने का निर्देश दिया गया है।

फिलहाल इनमें से कोई एक पहचान पत्र ले जाने की बाध्‍यता

बता दें कि वर्तमान में कोविड टीकाकरण के लिए सात प्रकार के पहचान पत्र की दरकार होती है। इनमें आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, एनपीआर स्मार्ट कार्ड और फोटो-युक्त पेंशन दस्तावेज शामिल हैं। हालांकि, राज्य में ऐसे बहुत लोग हैं, जिनके पास न तो कोई पहचान पत्र और न ही अपना मोबाइल नंबर।

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