रिटायर्ड सैनिकों के लिए बिहार में खुलेगी नई राह, 400 निजी कंपनियों में मिलेगा 25 फीसद आरक्षण

बिहार में चल रही निजी सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी बढ़ेगी। इसमें काम करने वाले निजी सुरक्षा गार्डों का बेहतर प्रशिक्षण अनिवार्य होगा। इसके अलावा सरकारी विभागों और कार्यालयों में काम करने वाले निजी सुरक्षा गार्डों में भूतपूर्व सैनिकों के लिए 25 फीसद सीटें आरक्षित की जाएंगी।

Shubh Narayan PathakFri, 06 Aug 2021 07:49 AM (IST)
रिटायर्ड सैनिकों के लिए बिहार में बढ़ेंगे रोजगार के अवसर। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

पटना, राज्य ब्यूरो। बिहार में चल रही निजी सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी बढ़ेगी। इसमें काम करने वाले निजी सुरक्षा गार्डों का बेहतर प्रशिक्षण अनिवार्य होगा। इनको प्रशिक्षित करने वाले संस्थानों का प्रमाणीकरण भी होगा। इसके अलावा सरकारी विभागों और कार्यालयों में काम करने वाले निजी सुरक्षा गार्डों में भूतपूर्व सैनिकों के लिए 25 फीसद सीटें आरक्षित की जाएंगी। अन्य जगहों पर भी सुरक्षाकर्मी के तौर पर भूतपूर्व सैनिकों को प्राथमिकता दी जाएगी। गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव ने इस बाबत निर्देश जारी किया है। उन्होंने सैनिक कल्याण निदेशालय को शीघ्र ही केंद्रीय पोर्टल भी बनाने को कहा है, ताकि सुरक्षा एजेंसियों को उनके यहां रोजगार के लिए इच्छुक सैनिकों से संपर्क करने में आसानी हो। पिछले दिनों निजी सुरक्षा एजेंसियों के साथ हुई गृह विभाग की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। निजी सुरक्षा एजेंसियों को बिहार प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी रुल्स-2011 का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया गया है।

प्रशिक्षण संस्थानों का होगा प्रमाणीकरण

बैठक के दौरान पाया गया कि अभी सुरक्षाकर्मियों का प्रशिक्षण एजेंसी के द्वारा ही किया जाता है। ऐसे पांच से छह संस्थान हैं, मगर इसका कोई प्रमाणीकरण नहीं है। इस पर गृह विभाग के विशेष सचिव को निर्देश दिया गया कि प्रशिक्षण संस्थानों का प्रमाणीकरण और मानकीकरण किया जाए। प्रशिक्षण संस्थानों का कम से कम वर्ष में दो बार सक्षम प्राधिकार से निरीक्षण कराया जाए। निजी सुरक्षा एजेंसियों को राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना की संभावना तलाशने को भी कहा गया। इस मामले में गृह विभाग की ओर से भी सहयोग करने का आश्वासन दिया गया।

कौशल विकास मिशन से प्रशिक्षण की तैयारी

निजी सुरक्षाकर्मियों को बिहार कौशल विकास मिशन के अंतर्गत प्रशिक्षण कराने की भी योजना है। निजी सुरक्षा एजेंसी संघ के अध्यक्ष डीपी सिंह ने सुरक्षा गार्ड के प्रशिक्षण के लिए गृह विभाग की ओर से फंड देने की मांग की। इस पर अपर मुख्य सचिव ने श्रम संसाधन विभाग से समन्वय कर इस मामले को निष्पादित कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कौशल विकास का काम श्रम संसाधन विभाग द्वारा ही किया जाता है।

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