Bihar Election 2020: कांग्रेस की आठ विधायकों की किस्‍मत का फैसला ईवीएम में बंद

पहले दौर के चुनाव में 21 सीटों पर कांग्रेस मैदान में।
Publish Date:Wed, 28 Oct 2020 08:37 PM (IST) Author: Prateek Kumar

पटना, राज्य ब्यूरो। बिहार में पहले चरण के मतदान में जनता ने अपना फैसला ईवीएम में बंद कर दिया। इसके साथ ही कांग्रेस की आठ सीटिंग सीटों के उम्मीदवारों व चार जिलाध्यक्षों की किस्मत भी ईवीएम में कैद हो गई। अब 10 नवंबर को मतगणना के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कौन जीता और किसकी किस्मत में हार आई। 

महागठबंधन में शामिल कांग्रेस ने पहले चरण के चुनाव में 21 विधानसभा सीटों पर किस्मत आजमाई है। जिसमें पार्टी के चार जिला अध्यक्ष और दो विधायक पुत्र शामिल हैं। पटना ग्रामीण के जिलाध्यक्ष सत्येंद्र बहादुर बाढ़, वारिसलीगंज जिलाध्यक्ष मंटन सिंह, करगहर से रोहतास जिला अध्यक्ष संतोष मिश्रा और मुंगेर के जिलाध्यक्ष डा. अजय, जमालपुर से चुनाव लड़ रहे हैं।

कांग्रेस के सिंबल पर निवर्तमान विधायक मुन्ना तिवारी बक्सर से, सिद्धार्थ विक्रम से राजेश राम कुटुंबा, बंटी चौधरी सिकंदरा और आनंद शंकर औरंगाबाद से चुनाव मैदान में हैं। कांग्रेस के ये नेता दूसरी बार चुनाव लड़ रहे हैं। बरबीघा सीट से भी कांग्रेस ने 2015 में चुनाव जीता था। विजेता बने थे सुदर्शन। सुदर्शन ने चुनाव के पहले कांग्रेस छोड़ जदयू की सदस्यता ले ली थी। इस बार वे जदयू के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं। सुदर्शन की जगह पार्टी ने जदयू से कांग्रेस में आए गजानंद शाही को अपना उम्मीदवार बनाया है। गोविंदगंज भी कांग्रेस की सीटिंग सीट थी, परन्तु इस बार यहां से कांग्रेस की बजाय राजद के उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।

इन उम्मीदवारों के अलावा कहलगांव से विधायक रहे सदानंद सिंह के पुत्र शुभानंद मुकेश और वजीरगंज से कांग्रेस विधायक रहे अवधेश कुमार सिंह के पुत्र शशि शेखर सिंह के भाग्य का फैसला भी जनता ने ईवीएम में बंद कर दिया है। बता दें कि पहले चरण में कांग्रेस की 21 सीटों में 11 कांग्रेसी उम्मीदवार के सामने भाजपा है तो जदयू से भी सात सीटों पर उसकी भिड़त हुई है।

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