बिहार में सरकार शुरू करेगी डेढ़ लाख नर्सरी क्‍लास, स्‍मार्ट परिवेश में मिलेगा म्‍यूजिक रूम और डिजिटल लाइब्रेरी

Nursery Class in Government Schools in Bihar सरकारी स्कूलों में नर्सरी क्लास होंगे स्मार्ट म्यूजिक रूम और डिजिटल लाइब्रेरी भी बच्चों के आराम की व्यवस्था से लेकर प्राथमिक उपचार का होगा इंतजाम शिक्षा विभाग ने आंगनबाड़ी केंद्रों की सूची तैयार करने का दिया आदेश

Shubh Narayan PathakMon, 30 Aug 2021 01:40 PM (IST)
बिहार के सरकारी स्‍कूलों में नर्सरी क्‍लास शुरू करने की तैयारी। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

पटना, दीनानाथ साहनी। Bihar Elementry Education News: बिहार में स्कूली शिक्षा से पहले छह वर्ष तक के बच्चों को बौद्धिक विकास के लिए प्राथमिक विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में बड़े बदलाव की तैयारी है। शिक्षा विभाग ने काम शुरू कर दिया है। सरकारी विद्यालयों के करीब संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों की सूची बनाई जा रही है। इसके बाद आंगनबाड़ी केंद्रों में ई-लर्निंग सेंटर के रूप में विकसित करने की योजना पर अमल होगा। शिक्षकों के एकेडमिक सपोर्ट से आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चे पढ़ेंगे, सीखेंगे।

बच्चों के उम्र के हिसाब से होंगे वर्क बुक

योजना के मुताबिक बच्चों के हिसाब से पाठ्यक्रम और स्मार्ट क्लास तैयार होंगे। म्यूजिक रूम और डिजिटल लाइब्रेरी भी होगा। म्यूजिक रूम में वाद्य यंत्र रखे जाएंगे। शैक्षणिक सामग्री खिलौने उपलब्ध कराए जाएंगे। अलग-अलग आयु के बच्चों के लिए अलग अलग वर्क बुक होगा। आराम की समुचित व्यवस्था, प्राथमिक उपचार कक्ष, बायो टायलेट जैसी व्यवस्थाएं होंगी। अमल अगले वित्तीय वर्ष 22-23 में होगा। अनुमान है कि इस पर 1500 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान है।

बच्चों की सोच के अनुरूप कक्षाओं के नाम

नर्सरी कक्षाओं का नाम बच्चों की सोच के अनुरूप रखा जाएगा। मसलन, किसी क्लास रूम का नाम समुद्र, रिश्ते, तो किसी क्लास रूम का नामकरण चिड़ि‍याघर, पहचान, उड़ान या भावनाएं होगा। बच्चों को बस्ते का बोझ न ढोना पड़े, इसके लिए लाकर की सुविधा होगी। प्रत्येक लाकर पर आइ कार्ड लगा होगा ताकि बच्चे उसे तुरंत पहचान सकें। साथ ही, हर महीने बच्चों की ऊंचाई, वजन और आंखों की जांच की जाएगी।

हर माह बच्चों का मूल्यांकन होगा

आंगनबाड़ी केंद्रों में 3-6 आयुवर्ग के बच्चों का उम्र निर्धारित मूल्यांकन किया जाएगा। इससे हर महीने बच्चों की बौद्धिक क्षमता के बारे में पता लगाया जाएगा। सेविकाएं मूल्यांकन कर सीडीपीओ को रिपोर्ट सौंपेगी। सीडीपीओ सारी रिपोर्ट महीने की 10 तारीख को आनलाइन अपलोड करेंगी। मूल्यांकन में बच्चों के  भाषाई, बौद्धिक/मानसिक, शारीरिक, रचनात्मक तथा सामाजिक व भावात्मक का आकलन होगा।

अपर मुख्‍य सचिव ने ये कहा

शिक्षा विभाग के अपर मुख्‍य सचिव संजय कुमार ने बताया कि नर्सरी में बच्चों में भाषाई और अंक गणितीय ज्ञान सिखाने के लिए थीम आधारित स्मार्ट क्लास और वातावरण का निर्माण जरूरी है, ताकि प्रदेश के 1 लाख 15 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों और पहली से पांचवीं तक के 40 हजार प्राथमिक विद्यालयों में 3-9 आयुवर्ग बच्चों में बौद्धिक विकास संभव हो और आगे की कक्षाओं में भी बेहतर प्रदर्शन कर सकें। आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक एकडमिक सपोर्ट भी करेंगे।

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