Bihar Crime: पटना में सिपाही के बेटे ने बिल्डर को डराने के लिए की थी फायरिंग, डेढ़ लाख में हुई थी डील

Bihar Crime पटना में बीते दिनों बिल्डर के घर पर हुई फायरिंग मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। एक सिपाही के बेटे ने बिल्डर को डराने के लिए उसके घर पर फायरिंग का कांट्रैक्ट लिया था। पुलिस को गुमराह करने के लिए भी बना चुके थे प्लान।

Rahul KumarThu, 23 Sep 2021 02:09 PM (IST)
पटना में बिल्डर के घर फायरिंग मामले में पुलिस ने तीन को दबोचा। सांकेतिक तस्वीर

पटना,जागरण संवाददाता।  एसकेपुरी थाना क्षेत्र के उत्तरी आनंदपुरी में रियल स्टेट के कारोबारी राकेश कुमार सिंह उर्फ गुड्डू के घर के बाहर फायरिंग मामले में संलिप्त तीन अपराधियों को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। तीनों की पहचान मूल रूप से रोहतास के फजलगंज निवासी प्रिंस पांडेय, पूर्वी चंपारण मोतिहारी निवासी रौशन कुमार और सहरसा के सौर बाजार निवासी अतुल कुमार के रूप में हुई है। प्रिंस पटना में एसकेपुरी स्थित वैष्णवी प्लाजा अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 501 में और अतुल बुद्धा कालोनी में किराये के कमरे में रहता है। प्रिंस 12वीं का छात्र है। पिता शिवहर जिला बल में सिपाही हैं। वहीं, रौशन पटना में कोचिंग के लिए आया था। 

डेढ़ लाख में हुई थी डील

पुलिस ने प्रिंस को वैष्णवी अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया, जबकि रौशन को मोतिहारी के बंजरिया थाना क्षेत्र से दबोचा। अतुल कुमार को बोरिंग कैनाल रोड के पास से गिरफ्तार किया गया है। आरोपित प्रिंस ने पुलिस पूछताछ में बताया कि बुद्धा कालोनी निवासी जमीन की खरीद-बिक्री करने वाला अमित कुमार गोली चलाने में माहिर है। अमित का राकेश कुमार से जमीन खरीद बिक्री को लेकर विवाद चल रहा है। अमित ने प्रिंस को हायर किया था। प्रिंस और उसके साथियों को राकेश के घर के बाहर फायरिंग कर दहशत फैलाने के लिए डेढ़ लाख रुपये का कांट्रेक्ट दिया था। इसके बाद प्रिंस अतुल, रौशन सहित एक अन्य साथी के साथ दो बाइक पर सवार होकर 16 सितंबर की रात करीब दस बजे राकेश के घर के बाहर पहुंचा। वहां ताबड़तोड़ पांच राउंड फायरिंग कर सभी फरार हो गए। पुलिस मास्टरमाइंड और प्रिंस के एक अन्य साथी की तलाश में दबिश दे रही है। तीनों से वारदात में इस्तेमाल बाइक भी पुलिस ने बरामद कर ली है। 

पुलिस को गुमराह करने की कोशिश 

वारदात के बाद सिटी एसपी मध्य अम्बरीश राहुल मौके पर पहुंचे। मामले की जांच और आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए बुद्धा कालोनी और एसकेपुरी थानेदार के नेतृत्व में 12 सदस्यीय टीम का गठन किया गया। फुटेज के आधार पर पुलिस तकनीकी अनुसंधान में जुट गई। पुलिस ने फुटेज के आधार पर आरोपित प्रिंस को गिरफ्तार कर लिया।

अमित व प्रिंस के बीच 162 बार बातचीत  

प्रिंस का मोबाइल पुलिस के हाथ लगने के बाद जब डिटेल खंगाला गया तो पता चला कि वारदात के तीन दिन पूर्व, वारदात के समय और उसके बाद 162 बार प्रिंस और अमित के बीच बातचीत हुई थी। कड़ाई से पूछताछ पर प्रिंस ने सच उगल दिया और तीन साथियों के बारे में जानकारी दी। दो बार 12वीं में फेल प्रिंस, रौशन और अतुल की दोस्ती बुद्धा कालोनी में हुई थी। प्रिंस को इस काम के लिए डेढ़ लाख रुपये मिलने लगे। एडवांस में प्रिंस के साथी अतुल के ई-वालेट में 68 हजार रुपये दिया गया था। शेष राशि काम होने के बाद देनी थी।

फायरिंग का बनाया वीडियो 

प्रिंस ने पुलिस को बताया कि अमित ने कहा था कि फायरिंग का वीडियो उसे चाहिए। प्रिंस, रौशन, अतुल और एक अन्य अपराधी दो बाइक से राकेश के घर के पास पहुंचे थे। तीन बार रेकी करने के बाद चौथी बार 16 सितंबर की रात फायरिंग की थी। इस दौरान रौशन और अतुल बाइक चला रहे थे और प्रिंस फायरिंग कर रहा था। वहीं, चौथा साथी वीडियो बना रहा था। पुलिस ने प्रिंस के पास से वह मोबाइल भी बरामद कर लिया है, जिसमें रिहर्सल से लेकर फायरिंग का वीडियो है।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.