Bihar Coronavirus Update: एक दिन के लिए 70 हजार रुपए मांग रहे अस्‍पताल, सरकार का दावा हवा-हवाई

पटना में कोरोना का इलाज कराना काफी महंगा। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

Bihar Coronavirus Update News पटना के अस्‍पतालों में भीड़ बढ़ते ही महंगी हो गई जिंदगी बचाने की फीस ऑक्सीजन और बेड के लिए सुबह से हो गई शाम दर्जन भर अस्पतालों का चक्कर लगाते रहे स्वजन सरकार ने निर्धारित कर रखी है इलाज की दर पर किसी को फि‍क्र नहीं

Shubh Narayan PathakWed, 21 Apr 2021 09:36 AM (IST)

पटना, जागरण संवाददाता। Bihar Coronavirus Update News: डॉक्टर साहब बुआ को बचा लो। उसका ऑक्सीजन लेवल कम होते जा रहा है। कई जगह गुहार लगा चुके हैं। आप से उम्मीद है। कुछ करिये। एक बेड और ऑक्सीजन दिला दीजिए। सुबह से शाम तक वह अपनी 55 साल की बुआ रंजना देवी को ऑटो में लेकर बाईपास से लेकर सगुना मोड़ के हर छोटे बड़े अस्पताल का चक्कर लगाते रहा। कहीं कोई सुनवाई नहीं। दो तीन छोटे अस्पताल भर्ती को तैयार भी हुए, लेकिन जिंदगी बचाने के लिए मांगी जा रही फीस सुन स्वजन की आंखों के सामने अंधेरा छा गया। किसी तरह एक ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था हुई। बदइंतजामी से टूट चुके स्वजन पीडि़ता को घर लेकर लौट आए। घर पर ही ऑक्सीजन लगाकर जिंदगी के लिए जंग जारी है। कहने को तो सरकार ने निजी अस्‍पतालों के लिए दर निर्धारित कर दी है, इसकी मॉनिटरिंग करने वाला कोई नहीं है।

जमा करें एडवांस, दवा और ऑक्सीजन का अलग चार्ज

कोरोना की नई लहर के जाल में आम से लेकर खास हर कोई फंस जा रहा है। कोई कोरोना पॉजिटिव हो गया और उसकी स्थिति गंभीर हो गई तो पैरवी और पैसा के बाद भी अस्पताल में जगह मिलने की गारंटी नहीं है। खास को बेड नहीं मिल रहा है, ऐसे में आम आदमी पर क्या गुजर रही होगी, सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। बड़े से लेकर छोटे अस्पताल का कोविड वार्ड फुल हो चुका है। रंजना इसकी सिर्फ एक बानगी है, जो खगौल की रहने वाली है। इन्हें आस्थमा भी है। पिछले तीन चार दिनों से स्थिति बिगड़ते जा रही है। लक्षण कोरोना के हैं।

ऑक्सीजन लेवल 50 से घटकर 45 पर आ गया

सोमवार की रात उनकी तबियत इतनी बिगड़ गई कि ऑक्सीजन लेवल 50 से घटकर 45 पर आ गया। स्वजन पीएमसीएच के बारे में पता किए तो मालूम हुआ बेड फुल है। सुबह के पांच बजते ही रंजना को ऑटो में सवार कर स्वजन बाईपास, सगुना मोड़ और रामकृष्णा नगर स्थित एक दर्जन से अधिक अस्पतालों की चौखट तक गए। हाइटेक और समय अस्पताल पहुंचने पर बताया कि बेड उपलब्ध भी करा दिया जाए तो अभी ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं हो पाएगा। फिर रामकृष्णानगर, बाईपास स्थित कई अस्पतालों का चक्कर लगाए।

आइसीयू में एक दिन का चार्ज मांग रहे 70 हजार रुपए

एक अस्पताल में बताया गया कि आइसीयू में एक दिन का चार्ज 70 हजार रुपये लगेगा। पहले एडवांस जमा करना होगा। ऑक्सीजन और दवा का चार्ज अलग से लगेगा। उनकी आर्थिक स्थित पहले से खराब है। एक दिन की बात होती तो वह कुछ व्यवस्था भी करते। यह सुनकर बाईपास स्थित एक छोटे अस्पताल में गए, वहां 50 हजार रुपये एक दिन का चार्ज बताया गया। साथ ही दवा ऑक्सीजन का दाम अलग से।

थक हारकर इंटरनेट मीडिया पर मदद की लगाई गुहार

रंजना की हालत बिगड़ते जा रही है। हर तरफ निराशा देख स्वजन उन्हें लेकर घर लौट आए। भतीजा विवेक फिर इंटरनेट मीडिया पर समस्या बताई और फिर एक ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराने की गुहार लगाई। वहां कई नंबर मिले, लेकिन अधिकांश के पास सिलेंडर नहीं थे। किसी तरह एक ऑक्सीजन सिलेंडर का जुगाड़ हुआ। वह भी 11 हजार रुपये एडवांस और 250 रूपया प्रतिदिन के हिसाब से। रंजना को घर पर ही ऑक्सीजन लगाया गया है।

आम लोग तो दूर, अफसर भी हो रहे हैं परेशान

आम आदमी के साथ ही अफसर भी अपने करीबी को अस्पताल में दाखिला दिलाने के लिए अस्पतालों का चक्कर लगा रहे हैं। पटना के एक पुलिस अधिकारी की मां भी कोरोना संक्रमित हो गईं। उनकी स्थिति बिगडऩे लगी। वह एक दो नहीं, चार अस्पतालों का चक्कर लगाते रहे। कोई पैरवी काम नहीं आई। आखिरकार एक अस्पताल में जगह मिली, लेकिन शर्त रखा गया कि ऑक्सीजन खत्म होने पर आगे खुद इंतजाम करना होगा।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.