Bihar CoronaVirus Update: बगैर जानकारी कोरोना संक्रमित हो स्‍वस्‍थ भी हो गए? अब 10 मिनट में चल जाएगा पता

Publish Date:Sun, 20 Sep 2020 07:25 AM (IST) Author: Amit Alok

पटना, जेएनएन। Bihar CoronaVirus Update: किसी व्यक्ति को कोरोना हुआ था कि नहीं, अब सरकार इसकी जांच कराने जा रही है। इसके लिए बिहार मेडिकल सर्विसेस एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (BMSICL) ने आइजीजी-आइजीएम एंटीबॉडी कांबो रैपिड किट भी खरीद ली है। केवल 10 मिनट में रिजल्ट देने वाली यह किट बताएगी कि 5 से 45 दिन के बीच व्यक्ति कोरोना संक्रमित हुआ है कि नहीं। यदि संक्रमित हुआ है तो एंटीबॉडी विकसित हुआ कि नहीं। इससे समाज में हर्ड इम्युनिटी (कोरोना वायरस से लड़ने वाली एंटीबॉडी यदि 70 से 80 फीसद लोगों में मिले तो इसे हर्ड इम्युनिटी कहते हैं।) विकसित हुई है कि नहीं?

क्यों पड़ी एंटीबॉडी जांच की जरूरत

प्रदेश की बड़ी आबादी ने अभी तक कोरोना की जांच नहीं कराई है। इनमें से बहुत से लोगों को पता भी नहीं चला और वे कोरोना संक्रमित होकर ठीक भी हो गए। ऐसे लोगों में यदि बाद में कोई समस्या होती है तो कोरोना हिस्ट्री की जानकारी के अभाव में डॉक्टर सही उपचार नहीं कर पाते हैं। यही कारण आजकल डॉक्टर अपनी सुरक्षा और लाइन ऑफ ट्रीटमेंट निश्चित करने के लिए शुगर, बीपी, कम्प्लीट ब्लड काउंट आदि के साथ कोविड टोटल एंटीबॉडी टेस्ट भी करा रहे हैं। हालांकि, सरकारी अस्पताल में इस जांच की सुविधा नहीं है और निजी लैब 950 रुपये से लेकर 2250 रुपये तक वसूल रही है।

क्या है एंटीबॉडी टेस्ट, जानिए 

पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्‍पताल (PMCH) में माइक्रोबायोलॉजी के विभागाध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र नारायण सिंह के अनुसार आइजीएम एंटीबॉडी बताता है कि व्यक्ति हाल में संक्रमित हुआ है। धीरे-धीरे आइजीएम एंटीबॉडी गायब हो जाता है और आइजीजी एंटीबॉडी की लाइन प्रभावी हो जाती है। यह बताती है कि संक्रमण पुराना है।

परीक्षण सफल रहा तो खरदें जाएंगे और किट

बीएमएसआइसीएल के प्रबंध निदेशक प्रदीप झा ने बताया कि आइसीएमआर से मान्यता प्राप्त आइजीजी-आइजीएम एंटीबॉडी जांच किट क्रय की गई है। यदि परीक्षण में ये सफल रहीं तो हर्ड इम्युनिटी पता करने के लिए बड़े पैमाने पर खरीदारी की जाएगी।

कितना पहले हुआ था संक्रमण, ऐसे चलता है पता

- 5 से 7 दिन : आइजीएम की हल्की लाइन यानी संक्रमण है।

- 7 से 14 दिन : आइजीएम की लाइन और गाढ़ी यानी संक्रमण की पुष्टि।

- 03 सप्ताह : आइजीजी की लाइन आनी शुरू होगी यानी एंटीबॉडी बन रहे हैं।

- 04 सप्ताह : दोनों गाढ़ी लाइन यानी शरीर वायरस से लड़ रहा है।

-05 सप्ताह : आइजीजी गाढ़ी और आइजीएम हल्की यानी एंटीबॉडी वायरस पर हावी हो गए।

-06 सप्ताह : केवल आइजीजी आएगा यानी आप रोग मुक्त है और शरीर में एंटीबॉडी पर्याप्त मात्रा में है।

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