बिहारः इसबार बुखार-खांसी की बजाए ये हैं कोरोना के लक्षण, ऐसे लोगों को पड़ रही अस्पताल की जरूरत

Bihar CoronaVirus Alert कोरोना के नए स्ट्रेन की संक्रमण क्षमता अधिक है। यही कारण है कि एक व्यक्ति के संक्रमित होने से पूरा परिवार चपेट में आ जा रहा है। अभी तक शोध एजेंसियों से मिले फीडबैक के आधार पर नया स्ट्रेन पिछली बार के स्ट्रेन से कम घातक है।

By Akshay PandeyEdited By: Publish:Sat, 17 Apr 2021 04:13 PM (IST) Updated:Sat, 17 Apr 2021 04:13 PM (IST)
बिहारः इसबार बुखार-खांसी की बजाए ये हैं कोरोना के लक्षण, ऐसे लोगों को पड़ रही अस्पताल की जरूरत
पटना के गार्डिनर रोड अस्पताल में कोरोना सैंपल लेती चिकित्सक। प्रतीकात्मक तस्वीर।

जयशंकर बिहारी, पटनाः पिछले साल की तुलना में कोरोना के नए स्ट्रेन की संक्रमण क्षमता अधिक है। यही कारण है कि एक व्यक्ति के संक्रमित होने से पूरा परिवार चपेट में आ जा रहा है। अभी तक शोध एजेंसियों से मिले फीडबैक के आधार पर नया स्ट्रेन पिछली बार के स्ट्रेन से कम घातक है। संक्रमण क्षमता अधिक होने के कारण डरने या परेशान होने की बात नहीं है। सकारात्मक सोच और संतुलित आहार से कोरोना संक्रमण को आसानी से हराया जा सकता है। यह कहना है एम्स पटना के डीन डॉ. उमेश भदानी का। 

वायरस का बदला स्वरूप 

डॉ. उमेश भदानी ने बताया कि डेढ़ से दो फीसद संक्रमितों को ही अस्पताल या आइसोलेशन सेंटर की जरूरत पड़ती है। इससे इतर, इंटरनेट मीडिया पर अफवाहें ज्यादा वायरल हैं। इस कारण हमलोग पॉजिटिव होते ही डर जाते हैं। वायरस जिंदा रहने के लिए हर बार अपना स्वरूप और प्रभाव बदलता है। इस बार संक्रमण होने पर खांसी की शिकायत कम मिल रही है। पेट खराब होना, सिर में दर्द, शरीर में अकड़न जैसी समस्याएं सामान्य हैं। 

बगैर लक्षण वालों से अधिक है संक्रमण का खतरा

डॉ. भदानी का कहना है कि कई संक्रमित ऐसे मिल रहे, जिनमें लक्षण नहीं दिखते हैं। लक्षण नहीं दिखने के कारण उनकी जांच नहीं हो पाती, जिस कारण उनसे संक्रमण ज्यादा बढ़ता है। एक भी लक्षण दिखने के बाद कोरोना जांच अनिवार्य रूप से करानी चाहिए। यदि किसी का इम्युनिटी पावर बेहतर है तो उसे संक्रमण ज्यादा परेशान नहीं करेगा, लेकिन वह कम इम्यूनिटी पावर वाले को संक्रमित कर खतरे में डाल सकता है। पिछली बार की तुलना में इस बार बिना लक्षण वाले मरीजों की संख्या ज्यादा देखी जा रही है। अभी इसका अध्ययन किया जा रहा है। 

चेन ब्रेक करना ही सबसे उत्तम उपचार

पटना एम्स के अनुसार कोरोना संक्रमण को कम करने के लिए चेन ब्रेक कराना ही सबसे बेहतर उपचार है। लॉकडाउन चेन ब्रेक का सबसे कारगर हथियार माना गया है। जिस रफ्तार से कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। उसमें चेन को ब्रेक करना बहुत जरूरी है। 

ऐसे ब्रेक कर सकते हैं चेन

विशेषज्ञ डॉक्टरों के अनुसार हम खुद को घर में क्वारंटाइन कर चेन ब्रेक कर सकते हैं। बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर जाएं। वापस आएं तो स्नान के साथ वायरस को खत्म करने के सभी उपाय करें। मास्क हमें 95 फीसद तक संक्रमण से दूर रखता है, इसलिए मास्क अवश्य पहनें। 

होम क्वारंटाइन के फायदे

यदि घर में दो या दो से ज्यादा वयस्क हैं तो बाहर के कामों के लिए चार-चार दिन आपस में बांट लें। ऐसे में एक व्यक्ति का नंबर कम से कम आठ दिन बाद आएगा। जो व्यक्ति घर में रहेगा, उसका इम्यून सिस्टम बेहतर होगा। इस दौरान घर में रहने वाले शारीरिक रूप से सक्रिय रहने के साथ योग करते रहें।

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