जागरण समूह के चेयरमैन योगेन्द्र मोहन जी के निधन पर बोले बिहार CM नीतीश, यह समाचार अत्यंत दुखदायी

जागरण परिवार के मुखिया व संरक्षक के निधन पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शोक संवेदना जाहिर की है। नीतीश कुमार ने कहा कि श्री योगेन्द्र मोहन जी का जाना पत्रकारिता जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।

Akshay PandeyFri, 15 Oct 2021 06:37 PM (IST)
जागरण समूह के चेयरमैन श्री योगेन्द्र मोहन जी और बिहार सीएम नीतीश कुमार।

जागरण टीम, पटना। जागरण समूह के चेयरमैन श्री योगेन्द्र मोहन जी का शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के कानपुर में स्वर्गवास हो गया है। 83 वर्षीय योगेन्द्र मोहन जी ने एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। योगेन्द्र मोहन जी को सभी स्नेह, प्यार और आदर से सोहन बाबू कहते थे। जागरण परिवार के मुखिया व संरक्षक के निधन पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शोक संवेदना जाहिर की है। नीतीश कुमार ने कहा कि श्री योगेन्द्र मोहन जी का जाना पत्रकारिता जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। सीएम ने कहा कि श्री योगेन्द्र मोहन जी की साहित्य और संगीत में गहरी अभिरुचि थी। उनके निधन का समाचार मिलना अत्यंत दुखद है।

बिहार विधानसभा के अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने जताया शोक

दैनिक जागरण समूह के अध्यक्ष श्री योगेन्द्र मोहन गुप्ता जी के निधन पर बिहार विधानसभा के अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि खबर से मैं मर्माहत हूं। उनके निधन से हमने पत्रकारिता और शिक्षा जगत के एक सशक्त हस्ताक्षर को खो दिया है। वह साहित्य और संगीत में गहरी रुचि और समझ रखते थे। ईश्वर दिवंगत आत्मा को चिर शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिजनों को दुख सहने की शक्ति प्रदान करें।

हमेशा याद किया जाएगा महत्वपूर्ण योगदान

नीतीश ने कहा कि पत्रकारिता के क्षेत्र में श्री योगेन्द्र मोहन जी के महत्वपूर्ण योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। सीएम ने कहा कि ईश्वर से प्रार्थना है कि इस दुख की घड़ी में दिवंगत आत्मा की चिर शांति तथा उनके स्वजनों एवं प्रशंसकों को दुख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करें।

कला और संस्कृति के क्षेत्र में अविस्मरणीय योगदान

योगेन्द्र मोहन जी का जन्म 14 दिसंबर 1937 को हुआ था। कला और संस्कृति के क्षेत्र में भी उनका अविस्मरणीय योगदान रहा। वह एक उत्कष्ट कवि भी थे। वह अपने दौर की सर्वोत्कृष्ट पत्रिका कंचनप्रभा के संपादक भी रह चुके थे। कानपुर में लक्ष्मीदेवी ललित कला अकादमी की स्थापना का श्रेय उन्हें ही है। उनकी कई पुस्तकें भी प्रकाशित हुईं। उन्होंने पत्रकारिता के साथ एडवरटाइजिंग को नई विधा दी। योगेन्द्र मोहन जी ने विज्ञापन जगत में ऐसे कई कार्य किए, जो आज देशभर के समाचार पत्रों के लिए आय अर्जन के आधार साबित हो रहे हैं। श्री योगेन्द्र मोहन जी कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। बीमार होने पर उन्हें कानपुर के ही एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां शुक्रवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। 

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