Video: बिहार में शराबबंदी कानून नहीं होगा वापस, नीतीश ने अटकलों पर लगाया विराम, जानें क्‍या कहा

नशा मुक्ति दिवस पर राजधानी स्थित ज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि शराबबंदी पर दाएं-बाएं करने वाले बर्दाश्त नहीं होंगे। उन्होंने सरकारी तंत्र के लोगों को भी यह साफ संदेश देते हुए कहा कि सरकारी तंत्र के लोग भी अगर इधर-उधर करें तो बर्दाश्त नहीं करें।

Akshay PandeyPublish:Fri, 26 Nov 2021 03:43 PM (IST) Updated:Fri, 26 Nov 2021 09:58 PM (IST)
Video: बिहार में शराबबंदी कानून नहीं होगा वापस, नीतीश ने अटकलों पर लगाया विराम, जानें क्‍या कहा
Video: बिहार में शराबबंदी कानून नहीं होगा वापस, नीतीश ने अटकलों पर लगाया विराम, जानें क्‍या कहा

राज्य ब्यूरो, पटना : नशा-मुक्ति दिवस पर शुक्रवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में शराबबंदी कानून को वापस लिए जाने की संभावना से संबंधित अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया। सन् 2016 में प्रभावी हुए मद्य निषेध व उत्पाद अधिनियम के संदर्भ में उन्होंने कहा कि महिलाओं की मांग पर यह कानून बनाया गया। विधानसभा और विधान परिषद ने सर्व-सम्मति से इसका प्रस्ताव पारित किया था। इसी के साथ उन्होंने कहा कि शराबबंदी पर दाएं-बाएं करने वाले बर्दाश्त नहीं होंगे।

इधर-उधर करेंगे तो बर्दाश्त नहीं होगा

सरकारी तंत्र के लोग भी अगर इधर-उधर करेंगे तो बर्दाश्त नहीं होगा। कानून का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध हर हाल में कार्रवाई होनी चाहिए। पटना में शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित करने से पहले उन्होंने सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों को शराब नहीं पीने-पिलाने की शपथ दिलाई। यह नसीहत भी कि शपथ को भूलिएगा मत। इसके प्रति प्रतिबद्धता बिहार के हित में है। 

कानून का उल्लंघन करने पर कार्रवाई अवश्य हो

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बीच में इस कानून से लोगों का भरोसा उठ गया था। उन्हें लग रहा था कि कार्रवाई नहीं हो रही। कानून का उल्लंघन करने पर कार्रवाई अवश्य हो। लोगों को भी पता होना चाहिए कि पीने पर कोई न कोई जहरीली शराब दे देगा और उनकी मौत हो जाएगी। जहरीली शराब से मौत के मामले पर सरकार की आलोचना करने वाले विपक्ष से उन्होंने पूछा कि क्या यह मालूम नहीं कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी है! इसी के साथ उन्होंने कहा कि पहले केवल ग्रामीण क्षेत्र में आंशिक शराबबंदी का निर्णय लिया गया, लेकिन महिलाओं की मांग पर शहरी क्षेत्रों के साथ पूर्ण शराबबंदी का निर्णय हुआ था। सबकी राय से कानून बना, जो कि वापस नहीं होगा। 

लालू और तेजस्वी पर भी किया कटाक्ष

शराबबंदी के मामले में नीतीश कुमार सरकार लगातार घिरती जा रही है। विपक्ष के साथ एनडीए के घटक दल भी विरोध करने लगे हैं। खासकर आरजेडी का कहना है कि बिहार में शराबबंदी को लेकर बनाया गया कानून सफल नहीं है। ऐसे में नीतीश ने नशा-मुक्ति दिवस पर राजद पर भी हमला किया। कहा कि कभी हमारा साथ देने वाले आज अपनी बात से पलट रहे हैं। सर्वसम्मति से कानून को पास किया गया था। तब हामी भरने वाले वही लोग थे जो आज विपक्ष में हैं। उन्होंने राजद पर हमला करते हुए कहा कि पारिवारिक पार्टी से आने वाले लोगों का भविष्य ज्यादा बड़ा नहीं है।