Bihar Black Fungus News: पटना में ब्लैक फंगस बना बड़ा खतरा, 15 दिन में सात गुना हुए रोगी

Black Fungus Cases in Bihar फंगस हमेशा से हमारे चारों ओर पाए जाते हैं। ऐसे में जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है वे इसकी चपेट में आ जाते हैं। अभी तक कोरोना से उबरे जितने ब्लैक फंगस रोगी आए हैं उनमें से 90 फीसद मधुमेह से पीडि़त हैं।

Shubh Narayan PathakMon, 07 Jun 2021 08:17 PM (IST)
पटना में तेजी से बढ़ रहे हैं ब्‍लैक फंगस के केस। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

पटना, जागरण संवाददाता। Bihar Black Fungus Cases: बिहार में कोरोना संक्रमितों की संख्या भले ही तेजी से घटी हो, लेकिन म्यूकोर माइकोसिस (ब्लैक फंगस) स्वास्थ्य विभाग के लिए मुसीबत बना हुआ है। विगत 15 दिन में ब्लैक फंगस रोगियों की संख्या सात गुना तक बढ़ चुकी है। एम्स व आइजीआइएमएस में इसके लिए संचालित विशेष ओपीडी में हर दिन करीब दो दर्जन नए रोगी सामने आ रहे हैं। हालांकि, अस्पतालों में औसतन 15 से 20 मरीज ही भर्ती किए जा रहे हैं। बेड फुल होने की बात कह कर हल्के लक्षण वाले रोगियों को दवा देकर वापस किया जा रहा है।

बताते चलें कि सिर्फ पटना में 268 रोगी भर्ती हैं। इनमें एम्स में 110, आइजीआइएमएस में 113, पीएमसीएच में 28, एनएमसीएच में पांच और निजी अस्पतालों में 22 रोगी हैं। सरकार के आदेश पर प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में ब्लैक फंगस का उपचार किया जा रहा है। अबतक पटना के अस्पतालों में 45 रोगियों की मौत हो चुकी है। वहीं, 12 लोगों की आंखें निकालनी पड़ी हैं।

एम्स में 11 मई को मिला था ब्लैक फंगस का पहला संक्रमित

एम्स में 11 मई को ब्लैक फंगस का पहला संक्रमित मिला था। 17 मई के बाद से एम्स और आइजीआइएमएस में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी थी। 19 मई को स्वास्थ्य विभाग ने महामारी घोषित करते हुए सभी मेडिकल कॉलेजों में उपचार के निर्देश देते हुए बताया था कि प्रदेश में अबतक 56 रोगी हैं। इनमें से एम्स में 24 और आइजीआइएमएस में दस भर्ती थे। 22 अन्य अस्पतालों में इलाज करा रहे थे।  31 मई तक सिर्फ पटना के अस्पतालों में 240 रोगी भर्ती थे। सात जून तक सिर्फ पटना के अस्पतालों से करीब 60 रोगी स्वस्थ हो चुके थे, 275 भर्ती थे। 

गंभीर रोगियों की संख्या के अनुसार बढ़ाए जा रहे बेड

एम्स, आइजीआइएमएस और पीएमसीएच जैसे सरकारी अस्पतालों में रोगियों की संख्या बढ़ते देख 19 मई के बाद बेड की संख्या पांच गुना तक बढ़ा दी गई है। एम्स में 20 से बढ़ाकर 140, आइजीआइएमएस में 20 से बढ़ाकर 120 और पीएमसीएच में 16 से 70 बेड कर दिए गए हैं।

कोरोना से उबरे 50 फीसद ब्लैक फंगस रोगियों में 90 फीसद मधुमेह के रोगी

एम्स में ईएनटी की विभागाध्यक्ष डॉ. क्रांति भावना के अनुसार, ब्लैक फंगस संक्रमण में इंसान की रोग प्रतिरोधक क्षमता का खेल है। फंगस हमेशा से हमारे चारों ओर पाए जाते हैं। ऐसे में जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता किसी भी कारण से कमजोर होती है वे इसकी चपेट में आ जाते हैं। अभी तक कोरोना से उबरे जितने ब्लैक फंगस रोगी आए हैं, उनमें से 90 फीसद मधुमेह से पीडि़त हैं।

ऐसे करें बचाव

नाक में कुछ भी असहज महसूस होते ही डॉक्टर से परामर्श लें। कोरोना संक्रमण के बाद हाई प्रोटीन डायट लेने के साथ नियमित व्यायाम योग व प्रणायाम करें। शुगर की नियमित निगरानी करते रहें और उसे सख्ती से नियंत्रण में रखें। यदि रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है तो कोरोना संक्रमण के बाद धूल, नमी वाली जगहों पर नहीं जाएं और मास्क पहने रहें।

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