हड़बड़ी में लगातार गड़बड़ी कर रहा पीएमसीएच प्रशासन, अब गर्भवती महिला को कोविड वार्ड में दी ड्यूटी

पीएमसीएच के कोविड वार्ड में व्‍यवस्‍था बेपटरी। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

PMCH News पीएमसीएच में एक के बाद गड़बड़‍ियां सामने आ रही हैं। रविवार को यहां एक जिंदा मरीज को स्‍वजनों को दूसरे मरीज का शव सौंप दिया गया। इसके बाद गलती सुधारी गई तो एक गर्भवती महिला की ड्यूटी कोविड वार्ड में लगा दी गई।

Shubh Narayan PathakMon, 12 Apr 2021 08:13 AM (IST)

पटना, जागरण संवाददाता। कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ते ही बिहार के सबसे बड़े अस्‍पताल पटना स्थित पीएमसीएच की व्यवस्था चरमराने लगी है। यहां अधिकारी हड़बड़ी में एक के बाद एक गलती कर रहे हैं। रविवार को भी कुछ ऐसा ही हुआ। पहले जिंदा मरीज के स्वजन को दूसरे संक्रमित का शव पैक कर अंतिम संस्कार के लिए दे दिया गया। जब प्रशासन ने कार्रवाई का निर्देश दिया तो हड़बड़ी में पहले तो स्वास्थ्य प्रबंधक को बर्खास्त कर दिया गया और बाद में उसकी जगह जिस स्वास्थ्य प्रबंधक को प्रतिनियुक्त किया गया, वह पांच माह की गर्भवती है।

केंद्र सरकार की गाइडलाइन को भी किया अनदेखा

पीएमसीएच के ही कुछ कर्मियों ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा जारी नियमावली के अनुसार किसी गर्भवती महिला की ड्यूटी कोविड वार्ड में नहीं लगाई जानी है। बावजूद इसके हड़बड़ी में अधीक्षक कार्यालय ने पांच माह की  गर्भवती को सोमवार सुबह सात से तीन बजे तक ड्यूटी दी है। इसको लेकर पीएमसीएच के कर्मी आपस में कानाफूसी करते दिखे।

अपनी गर्दन बचाने के लिए परेशान दिखे बड़े अधिकारी

दरअसल एक मरीज का शव किसी दूसरे मरीज के स्‍वजन को सौंपे जाने और गलत नाम से मृत्‍यु प्रमाणपत्र बनाए जाने का मामला सामने आते ही पीएमसीएच प्रशासन के माथे पर बल पड़ गए। पटना के डीएम चंद्रशेखर ने कहा कि इसके दोषी बख्‍शे नहीं जाएंगे तो स्‍वास्‍थ्‍य महकमे में भी इसकी गूंज दिखी। अपनी गर्दन नहीं फंस जाए, इसके लिए पीएमसीएच के बड़े अधिकारी परेशान दिखे। तत्‍काल कार्रवाई दिखाने के लिए स्‍वास्‍थ्‍य प्रबंधक को बर्खास्‍त कर दिया गया। अब कहा जा रहा है कि इस मामले में और भी कोई दोषी पाया गया तो उसपर भी कार्रवाई होगी। ऐसे में अहम सवाल यह है कि यह संपूर्ण चूक क्‍या केवल हेल्‍थ मैनेजर की है?

मरने वाले मरीजों के स्‍वजनों से भी वसूली

बिहार के सबसे बड़े अस्‍पताल में कोरोना से मरने वाले मरीजों के स्‍वजनों से रुपयों की वसूली भी हो रही है। इसका पर्दाफाश रविवार को उसी परिवार ने किया था, जिसको किसी और मरीज का शव और उनके स्‍वजन का मृत्‍यु प्रमाणपत्र अस्‍पताल प्रशासन ने थमा दिया था।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों से जुड़ी प्रमुख जानकारियों और आंकड़ों के लिए क्लिक करें।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.