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Bihar Assembly Election: चिराग व नीतीश के तनाव के बीच अब HAM की एंट्री, सियासत में सस्‍पेंस बढ़ा रहे मांझी

पटना, जेएनएन। Bihar Assembly Election: राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के दो घटक दलों जनता दल यूनाइटेड (JDU) व लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के बीच तनाव चरम पर है। एलजेपी सुप्रीमो चिराग पासवान (Chirag Paswan) इन दिनों मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitisj Kumar) के काम-काज की आलोचना में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। उनके सुर राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्‍वी यादव (Tejashwi Yadav) से मिलते नजर आ रहे हैं तो विपक्षी महागठबंधन (Mahagathbandhan) में शामिल हिंदुस्‍तानी अवाम मोर्चा (HAM) मुख्‍यमंत्री के काम की तारीफ कर रहा है। इसे आगामी विधानसभा चुनाव (Assembly Election) को लेकर दबाव व संभावनाओं की सियासत (Politics of Pressure and Opportunities) के रूप में देखा जा रहा है। जीतनराम मांझी (Jitan Ram Manjhi)  की पार्टी के नीतीश कुमार की ओर झुकाव को लेकर प्रवक्ता दानिश रिज़वान (Danish Rizwan) यह कह कर सस्‍पेंस बढ़ा देते हैं कि सियासत संभावनाओं का खेल है, कब क्या हो जाए कौन जानता है?

'हम' कर नीतीश के लिए नरम रुख, समर्थन में दिया बयान

बिहार में इन दिनों अजग-गजब सियासत हो रही है। एनडीए में साथ होकर भी एलजेपी नीतीश कुमार के पीछे पड़ी है तो महागठबंधन (Grand Alliance) के घटक दल 'हम' कर रूख नीतीश कुमार के लिए नरम हो गया है। जीतन राम मांझी की पार्टी का नीतीश कुमार के समर्थन में बयान देना करना सवाल खड़े कर रहा है।

कोरोना संकट को ले चिराग पासवान के हमले से किया बचाव

बीते दिनों चिराग पासवान ने बिहार में कोरोना संकट (CoronaVirus Epidemic) के मुद्दे पर मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार को कटघरे में खड़ा किया था। इसपर 'हम' के प्रवक्ता दानिश रिजवान ने एक तरफ मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार का बचाव किया है तो दूसरी तरफ चिराग पासवान पर हमला बोला है। कोरोना संकट के दौरान नीतीश कुमार के कार्यों की तारीफ करते हुए दानिश ने कहा कि चिराग पासवान संकट की घड़ी में भी सियासत कर रहे हैं। चिराग को अपने बयानों पर लगाम लगाना चाहिए। दानिश ने चिराग को  बचकानी हरकतें छोड़ देने की नसीहत दे डाली।

राजनीति संभावनाओं का खेल, संभावना तलाश रहे मांझी

मांझी की पार्टी के नीतीश कुमार के समर्थन में खड़े होने के पीछे के राजनीतिक संकेत की बाबत पूछने पर दानिश रिज़वान ने कहा कि राजनीति में कब क्या हो, कौन जानता है? यह तो संभावनाओं का खेल है। बिहार में चुनाव को देखते हुए दोनों प्रमुख गठबंधनों के चल रही आंतरिक लड़ाई के बीच दरनिश रिजवान का यह बयान मायने रखता है। महागठबंधन में समन्‍वय समिति की मांग व सहट शेयरिंग के मुद्दे पर मांझी की आरजेडी से ठनी हुई है। मांझी कई बार कोई बड़ा फैसला लेने का अल्‍टीमेटम दे चुक हैं। ऐसे में महागठबंधन के बाहर मांझी की संभावना की तलाश नीतीश के दरवाजे तक भी जा सकती है।

मांझी को साथ लेकर एजलेपी पर लगाम लगा सकता जेडीयू

महागठबंधन में नाराज चल रहे मांझी सुरक्षित विकल्प की तलाश में भी बताए जा रहे हैं तो मांझी को साथ लेकर जेडीयू भी चुनाव के पहले एनडीए में एजलेपी पर लगाम लगाने की कोशिश कर सकता है। मांझी को साथ लेकर नीतीश कुमार अपना दलित कार्ड खेल सकते हैं।

चिराग के बयानों पर खिंचीं तलवारें, एलजेपी कर सकती बड़ा फैसला

इस बीच कोरोना संकट पर नीतीश सरकार को घेरते चिराग पासवान के बयान पर आरोप-प्रत्‍यारोप का जबरदस्‍त दौर चला है। जेडीयू में नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले सांसद ललन सिंह ने एलजेपी पर बड़ा हमला बोलते हुए चिरो को कालीदास व सूरदास तक की संज्ञा दे डाली। नीतीश कुमर के एक और करीबी माने जाने वाले बिहार सरकार में मंत्री जय कुमार सिंह ने भी चिराग पासवान पर हमला बोला। उन्‍होंने कहा कि दिल्ली में बैठ कर बिहार के बारे में बोलना आसान है। चिराग पासवान बिहार आकार देखें कि परेशान जनता की मदद नीतीश सरकार कैसे कर रही है। पलटवार करते हुए एलजेपी ने भी जवाब दिया।

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