बिहार में आज से खुल रहे कक्षा 1 से 5 तक के स्कूल, जान लें छोटे बच्चों के लिए क्या है गाइडलाइन

बिहार में आज से एक से पांचवीं तक के स्कूल खुल जाएंगे। प्रतीकात्मक तस्वीर।

सोमवार से प्रदेश में कक्षा 1 से 5 तक के करीब 1 लाख सरकारी एवं निजी विद्यालय खुल रहे हैं। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग की ओर से पहले ही कोविड-19 से बचाव संबंधी गाइडलाइन जारी किया जा चुकी है।

Akshay PandeySun, 28 Feb 2021 09:57 AM (IST)

राज्य ब्यूरो, पटना: आज यानी सोमवार ( 1 मार्च ) से प्रदेश में कक्षा 1 से 5 तक के करीब 1 लाख सरकारी एवं निजी विद्यालय खुलेंगे। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग की ओर से पहले ही कोविड-19 से बचाव संबंधी गाइडलाइन जारी किया जा चुका है। गाइडलाइन के आलोक में शनिवार को सभी विद्यालयों में तैयारियां सुनिश्चित की गईं। सरकारी बच्चों को जीविका के माध्यम से दो-दो मास्क (निश्शुल्क) उपलब्ध कराए जाएंगे।  

शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने कक्षा 1 से 5 तक के सरकारी एवं निजी विद्यालयों में कोविड-19 संबंधी गाइडलाइन का अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश सभी जिलाधिकारियों एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को दिया है। यहां बता दें कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए पिछले साल 14 मार्च को सभी विद्यालय बंद कर दिए गए थे। कक्षा 9 से 12वीं की माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालय पिछले माह 4 जनवरी को खोले गए थे। इसी तरह कक्षा 6 से 8 तक के विद्यालय भी 8 फरवरी से संचालित किए जा रहे हैं। 

आकस्मिक सुरक्षा के सभी उपाय अनिवार्य

राज्य के सभी सरकारी व निजी विद्यालयों में बच्चों के लिए आकस्मिक सुरक्षा के उपाय करना अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार ने पहले ही स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दे रखा है कि विद्यालयों में कोरोना की रैंडम जांच सुनिश्चित करना होगा। राज्य में कक्षा 1 से 5 तक की पढ़ाई वाले करीब 1 लाख विद्यालय हैं। इनमें 72 हजार सरकारी विद्यालय हैं। इनमें से 29 हजार विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाई होती है। इन विद्यालयों में 8 फरवरी से कक्षा 6 से 8 तक की पढ़ाई शुरू हो चुकी है। शेष 43 हजार विद्यालयों में कक्षा 1 से 5 तक की पढ़ाई की व्यवस्था है। सभी 72 हजार विद्यालयों में कक्षा 1 से 5 तक में कुल 1 करोड़ 6 लाख 19 हजार 670 बच्चे नामांकित हैं। सरकारी विद्यालयों के अलावा सरकारसे अनुदान प्राप्त 108 विद्यालय हैं। इनमें अल्पसंख्यक विद्यालय भी शामिल हैं। राज्य के करीब 1100 मदरसों के अलावा संस्कृत विद्यालयों में भी कक्षा 1 से 5 तक की पढ़़ाई होती है। इसके साथ ही राज्य में तकरीबन 10 हजार निजी विद्यालय हैं जो शिक्षा के अधिकार कानून के तहत पंजीकृत हैं। इन सभी विद्यालयों में कोविड-19 संबंधी गाइडलाइन का पालन करने और उसकी निगरानी जिलाधिकारियों के जिम्मे होगी। 

इस प्रकार है गाइडइलाइन

* बच्चों, शिक्षकों एवं कर्मियों को मास्क पहनना अनिवार्य

* कक्षा में 5 फीट की दूरी पर बैठने की व्यवस्था जरूरी

* अधिक नामांकन वाले विद्यालयदो पाली में चलेंगे

* शिक्षकों व कर्मियों का शत-प्रतिशत उपस्थिति होगी

* सरकारी विद्यालयों में साफ-सफाई, डिजिटल थर्मामीटर, सैनेटाइजर, साबुन आदि की व्यवस्था विद्यालय शिक्षा समिति के जिम्मे

* विद्यालयों में आकस्मिक सुरक्षात्मक संबंधी तैयारी के लिए उत्तरादायी टीम बनाई गई है

* उत्तरादायी टीम को * सरकारी विद्यालयों में साफ-सफाई, डिजिटल थर्मामीटर, सैनेटाइजर, साबुन तथा शारीरिक दूरी आदि पालन कराने की जिम्मेवारी

* स्टाफ रूम, ऑफिस और विजिटर्स रूम में भी 6 फीट की दूरी पर बैठक की व्यवस्था रहेगी

* विद्यालय के प्रवेश द्वार पर अलग-अलग कक्षा के लिए अलग-अलग समय तय की गई है

* विद्यालय के सभी द्वार आगमन एवं प्रस्थान के समय खुले रहेंगे

* किसी प्रकार के समारोह-त्योहार के आयोजन नहीं होंगे

* टीचर्स-पैरेंट्स मीटिंग वर्चुअल होगी

* शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के साथ उनके माता-पिता व अभिभावक से अंतरराज्यीय एवं अंतरराष्ट्रीय यात्रा से संबंधित अद्यतन जानकारी देने होंगे

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