बिहार में मंत्री-अधिकारी पर अभद्र टिप्‍पणी की तो जाएंगे जेल; गरमाई सियासत, तेजस्‍वी बोले: हिटलर बने CM नीतीश

मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार एवं नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव। फाइल तस्‍वीरें।

बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध ईकाई ने अपने एक पत्र में कहा है कि मंत्री सांसद-विधायक या अफसर पर अभद्र टिप्‍पणी करने वाले लोगों के खिलाफ आइटी एक्‍ट के तहत एफआइआर दर्ज की जाएंगी। इसपर तेजस्‍वी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नीतीश कुमार हिटलर बन गए हैं।

Publish Date:Fri, 22 Jan 2021 12:56 PM (IST) Author: Amit Alok

पटना, जागरण टीम। बिहार में इंटरनेट मीडिया पर सरकार, मंत्री, सांसद, विधायक या सरकारी अफसरों के खिलाफ आपत्तिजनक या अभद्र टिप्पणी करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। छवि धूमिल करने के आरोप में पोस्ट लिखने वालों पर आइटी एक्ट की धाराओं के तहत एफआइअर दर्ज किया जाएगा। इससे संबंधित पत्र

आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) के एडीजी नैयर हसनैन खान ने सभी विभागीय प्रधान सचिवों व सचिवों को जारी किया है। इसपर विपक्ष मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार पर हमलावर हो गया है। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव ने कहा है कि नीतीश कुमार हिटलर के पद-चिह्नों पर चल रहे हैं।

तेजस्‍वी ने लिखा: हिटलर के पद-चिह्नों पर चल रहे नीतीश

नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव ने अपने ट्वीट में मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार को हिटलर के पद-चिह्नों पर चलने वाला बताते हुए लिखा है कि बिहार में प्रदर्शनकारी चिह्नित धरना स्थल पर भी धरना-प्रदर्शन नहीं कर सकते तथा

सरकार के खिलाफ लिखने पर जेल की हवा खानी पड़ेगी। यहां आम आदमी अपनी समस्याओं को लेकर विपक्ष के नेता से नहीं मिल सकता। तेजस्‍वी आगे लिखते हैं कि नीतीश कुमार थक गए हैं, लेकिन वे कुछ तो शर्म करें।

एक अन्‍य ट्वीट में तेजस्‍वी यादव ने लिखा है कि लोकतंत्र की जननी बिहार में संघी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लोकतंत्र की धज्जियां उड़ा रहे हैं। उन्‍होंने अपने जमीर, सिद्धांत और विचार का सौदा तो भारतीय जनता पार्टी एवं संघ से कर लिया है, लेकिन आमजनों के मौलिक अधिकारों का हनन हरगिज नहीं करने देंगे।

सरकार के आदेश पर गरमाई बिहार की राजनीति

बिहार में सरकार के इस आदेश से राजनीति में गरमाहट आ गई है। पक्ष-विपक्ष में बयानबाजी का दौर शुरू हैं। कांग्रेस ने नीतीश कुमार पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने अपने ट्वीट में लिखा है कि भारतीय जनता पार्टी के साथ-साथ उसके जेडीयू जैसे बचे-खुचे सहयोगी दलों ने भी अभिव्यक्ति की स्‍वतंत्रता पर रोक को ही शासन का माध्यम मान लिया है। यह सोच देश को तानाशाही की ओर धकेल रही है। नीतीश कुमार ने कुर्सी बचाने के लिए नरेंद्र मोदी को अपना गुरु मान लिया है।

सुरजेवाला के ट्वीट पर भला बीजेपी कैसे चुप रहती? बीजेपी के प्रवक्ता निखिल आनंद ने वीडियो जारी कर कहा कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग हो रहा है। चरित्रहनन और मानहानि के कई मामले सोशल भी मीडिया में आए हैं। कई अधिकारी भी ऑफिसियल कोड ऑफ कंडक्ट से परे सोशल मीडिया पर बातें रखते हैं। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर सबकुछ कहने और करने की छूट नहीं दी जा सकती है। इसमें देश व समाज के हित का ध्यान रखना पड़ेगा। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने भी कहा कि सोशल मीडिया के जरिए दंगाई तत्व समाज में भाईचारा ख़त्म करने पर तुले हैं, जिनपर सरकार कारवाई कर रही है तो विपक्ष को खौफ सता रहा है।

ईओयू के एडीजी ने जारी किया पत्र

विदित हो कि ईओयू के एडीजी नैयर हसनैन खान ने सभी विभागों के प्रधान सचिवों एवं सचिवों को पत्र लिखा है कि अगर उनके विभाग में सरकार, मंत्री, सांसद, विधायक या सरकारी अफसरों के खिलाफ आपत्तिजनक या अभद्र टिप्पणी का मामला सामने आता है, तो ईओयू को अवगत कराएं, ताकि दोषियों पर जांच के बाद कार्रवाई की जा सके। ईओयू साइबर अपराध की भी नोडल एजेंसी है। इंटरनेट मीडिया पर अश्लीलता, साइबर बुलिंग, साइबर उत्पीड़न आदि के मामले भी ईओयू के दायरे में आते हैं। ईओयू पर भी भ्रामक या आपत्तिजनक पोस्ट पर नजर रखने का दायित्‍व है।

इंटरनेट मीडिया के गलत इस्तेमाल पर होगी कार्रवाई

ईओयू के एडीजी एनएच खान कहते हैं कि इंटरनेट मीडिया का गलत इस्तेमाल साइबर अपराध है। मंत्री, सांसद, विधायक या सरकारी पदाधिकारियों के संबंध में अभद्र, आपत्तिजनक एवं भ्रामक टिप्पणी की शिकायत मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 

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