बड़ा फैसला : बिहार में अब अपराधियों की नाक में दम करेंगे ट्रांसजेंडर, राज्‍य पुलिस में होगी सीधी बहाली

बिहार में अब ट्रांसजेंडर समुदाय की राज्‍य पुलिस में होगी सीधी बहाली। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर।

बिहार में अपराधियों पर अब किन्‍नरों का डंडा चलना तय है। जी हां उनकी राज्‍य पुलिस में सीधी बहाली होने जा रही है। बिहार की नीतीश कुमार सरकार के इस बड़े फैसले की जानकारी के लिए पढ़ें यह खबर।

Publish Date:Sat, 16 Jan 2021 07:50 AM (IST) Author: Amit Alok

पटना, राज्य ब्यूरो। बिहार में किन्‍नर या ट्रांसजेंडर (Transgender) समुदाय के लोग अब अपराधियों  की नाक में दम करेंगे। जी हां, राज्‍य की नीतीश सरकार (Nitish Government) के बड़े फैसले के साथ अब  पुलिस बल में उनकी बहाली का रास्ता साफ हो गया है। अब सिपाही और अवर निरीक्षक के पदों पर किन्नरों की सीधी नियुक्ति की जाएगी। राज्य सरकार की स्वीकृति के बाद गृह विभाग ने शुक्रवार को इससे जुड़ा संकल्प पत्र जारी कर दिया है।

500 पदों पर एक पद ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए आरक्षित

सिपाही (Constable) संवर्ग के लिए नियुक्ति का अधिकार पुलिस अधीक्षक (SP) को होगा। जबकि, अवर निरीक्षक (SI) के लिए नियुक्ति का अधिकार पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) स्तर के पदाधिकारी के पास होगा। सिपाही एवं पुलिस अवर निरीक्षक संवर्ग में प्रत्येक 500 विज्ञापित पदों पर एक पद किन्‍नर समुदाय के लिए आरक्षित रहेगा। इस पद के लिए अलग से विज्ञापन भी प्रकाशित किया जाएगा। अगर किन्‍नर के लिए आरक्षित पदों पर नियुक्ति के क्रम में चयनित अभ्यर्थियों की स्थिति कम पड़ जाती है, तो आरक्षित शेष रिक्तियों को उसी मूल विज्ञापन के सामान्य अभ्यर्थियों से भरने की कार्यवाही की जाएगी।

महिला अभ्यर्थियों के समान होगा नियुक्ति का मापदंड

किन्नरों की सीधी नियुक्ति के लिए शैक्षणिक अहर्ता बिहार पुलिस हस्तक 1978 के सिपाही तथा पुलिस अवर निरीक्षक संवर्ग के अनुसार ही होगी। ट्रांसजेंडर अभ्यर्थियों के लिए शारीरिक मापदंड तथा शारीरिक दक्षता परीक्षा का मापदंड संबंधित संवर्ग के महिला अभ्यर्थियों के समान होगा। अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम उम्र विज्ञापन के अनुसार होगा और अधिकतम उम्र सीमा में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति कोटे के समरूप ही छूट प्राप्त होगा।

बिहार के मूल निवासी ही योग्‍य, जिला पुलिस में होगी तैनाती

अभ्यर्थी को बिहार राज्य का मूल निवासी होने का प्रमाण पत्र देना होगा। इसके अलावा राज्य सरकार द्वारा निर्धारित सक्षम प्राधिकार से निर्गत ट्रांसजेंडर होने का प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करना होगा। नियुक्ति के लिए विज्ञापन का प्रकाशन एवं चयन की प्रक्रिया सिपाही वर्ग के लिए केंद्रीय चयन परिषद (सिपाही भर्ती) तथा पुलिस अवर निरीक्षक के लिए पुलिस अवर सेवा आयोग द्वारा पूरी की जाएगी। नियुक्ति के उपरांत इनका पदस्थापन जिला पुलिस बल में किया जाएगा।

नहीं बनेगा किन्नरों का विशेष बटालियन

गृह विभाग ने स्पष्ट किया की किन्नरों के लिए विशेष बटालियन नहीं बनाया जा सकेगा। विशेष बटालियन के सांगठनिक संरचना के लिए कम से कम 1000 स्वीकृत बल की जरूरत होगी। इतनी संख्या में ट्रांसजेंडर समुदाय से योग्य अभ्यर्थियों का मिलना मुश्किल है, इसीलिए बिहार पुलिस में ही उनकी सीधी नियुक्ति का निर्णय लिया गया है।

राज्य के प्रत्येक एक लाख लोगों में 39 किन्‍नर

वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार राज्य की कुल जनसंख्या 10.41 करोड़ थी, जिनमें किन्‍नर वर्ग की जनसंख्या 40,827 थी। इस प्रकार राज्य की जनसंख्या में इस वर्ग का प्रतिनिधित्व प्रत्येक एक लाख में 39 है। सामान्यत: आरक्षण की व्यवस्था जनसंख्या के प्रतिनिधित्व के समरूप रहती है। बिहार पुलिस में वर्तमान स्वीकृत बल 1,30,243 है, जिसके अनुसार कम से कम 51 पद पर ट्रांसजेंडर वर्ग का प्रतिनिधित्व का प्रतिनिधित्व होना चाहिए। यानी करीब 2550 पुलिस पदाधिकारी या कर्मी पर एक ट्रांसजेंडर वर्ग से होना चाहिए। इनमें 41 सिपाही एवं 10 अवर निरीक्षक पदों की संख्या हो सकती है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.