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बिहार में बड़ा हादसा: उफनती बूढ़ी गंडक में डूबी आंधी में फंसी नाव; अभी तक नौ शव मिले, आधा दर्जन लापता

बिहार में बड़ा हादसा: उफनती बूढ़ी गंडक में डूबी आंधी में फंसी नाव; अभी तक नौ शव मिले, आधा दर्जन लापता
Publish Date:Tue, 04 Aug 2020 09:10 PM (IST) Author: Amit Alok

खगड़िया, जेएनएन। बिहार के खगड़िया में मंगलवार की रात बड़ी नौका दुर्घटना हुई। बाढ़ में उफनती बूढ़ी गंडक में करीब 30 लोगों के साथ एक नाव डूब गई। दुर्घटना खगड़िया व मानसी के बीच पांच किलोमीटर घाट पर तब हुई, जब बीच नदी में नाव अचानक तेज आंधी की चपेट में आ गई। अभी तक नौ शव निकाले जा चुके हैं। जबकि, आधा दर्जन से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। घटना को लेकर बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव ने संवेदना जाहिर की है।

अभी तक निकाले जा चुके नौ शव

अभी तक नौ लोगों के शव बरामद किए गए हैं। खोजबीन के लिए खगड़िया का संसारपुर घाट अस्थाई कैंप स्थल बनाया गया है। यहां डीएम आलोक रंजन घोष व एसपी मीनू कुमारी के साथ तमाम बड़े-छोटे अधिकारी कैंप किए हुए हैं। खगड़िया और बेगूसराय की एसडीआरएफ टीमें खोजबीन अभियान में लगी हैं। अब तक बरामद शवों में अधिकांश महिलाओं व बच्चों के हैं। अब भी आधे दर्जन से अधिक लोगों के लापता होने की बात कही जा रही है।

इनके शव बरामद किए गए

डीएम ने बताया कि खगड़िया के सोनवर्षा के शंभू यादव के पुत्र 10 वर्षीय सुशांत कुमार, रंजीत यादव की पुत्री 12 वर्षीय शिवानी, रोशन यादव की पत्नी 25 वर्षीय दुलारी देवी, सोसाइटी टोला के छोटुकी यादव की पत्नी 47 वर्षीय विशेखा देवी, पोहल यादव की पत्नी 25 वर्षीय रूपम देवी, गोगरी के वासुदेवपुर के रंजीत यादव के पुत्र वर्षीय 10 अंकुश कुमार उर्फ भोला, एकनियां दियारा के रंजीत पासवान की पत्नी रेखा देवी के शव बरामद किए गए हैं।  जबकि, दो शव मुंगेर जिले के हैं। मुंगेर जिले के देवन डॉक्टर टोला के रामदेव ठाकुर के पुत्र 38 वर्षीय पुत्र रविंद्र ठाकुर और इंगलिश टोला, मुंगेर के सखीचंद्र मंडल के 15 वर्षीय पुत्र अभिमन्यू कुमार के भी शव बरामद किए गए हैं। इसके अलावा कई अभी भी लापता हैं, जिनकी खोज जारी है। डीएम ने कहा कि मृतकों के स्वजनों को आपदा राहत कोष से चार-चार लाख रुपये के चेक दिए जाएंगे।

नाव मालिक व नाविक पर दर्ज होगी एफआइआर

डीएम ने बताया कि नाैका पर कितने लोग सवार थे, अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। वैसे पता चला है कि 10 से 12 लोग तैरकर बाहर आए। उन्होंने बताया कि नदी में गश्ती करने को लेकर तैनात एसडीआरएफ की टीम ने नाविक को आंधी आने की सूचना देकर नाव नहीं चलाने को कहा था। मगर नाविक ने हिदायत के बाद भी नौका को चलाया और इतनी बड़ी घटना हुई। उन्‍होंने कहा कि इसके लिए नाव मालिक व नाविक पर एफआइआर दर्ज करने का आदेश दिए जा चुका है।

ग्रामीणों की मजबूरी है नाव की सवारी

मिली जानकारी के अनुसार नदी में पानी बढ़ने व यातायात का साधन नहीं रहने के कारण बूढ़ी गंडक के पार बसे एकनियां दियारा, सोसायटी टोला, सोनवर्षा आदि गांवों के सैकड़ों लोग रोज नाव से ही हाट-बाजार आते-जाते हैं। नाव की सवारी ग्रामीणों की मजबूरी है।

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