बिहार : शादी करनी है तो आपके काम की है यह खबर, जानिए 14 अप्रैल से 13 दिसंबर तक के शुभ मुहूर्त

शादी के लिए शुभ मुहूर्त शुरू होने में अब केवल एक महीने का इंतजार। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

शादी-विवाह का सीजन नजदीक आ रहा है। लंबे अंतराल के बाद अप्रैल से शहनाई गूंजेगी। अप्रैल से जुलाई तक शादियों के लिए कई शुभ मुहूर्त हैं। इस खबर में जानिए शादियों के शुभ मुहूर्त और कब नहीं होंगे शुभ कार्य।

Shubh Narayan PathakTue, 02 Mar 2021 09:25 AM (IST)

जागरण संवाददाता, पटना। वैवाहिक बंधन को पवित्र रिश्ता माना जाता है। ऐसे में शुभ मुहूर्त का होना जरूरी होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शादी के शुभ योग के लिए देव गुरु बृहस्पति, शुक्र और सूर्य का शुभ होना जरूरी होता है। ज्योतिष आचार्य राकेश झा ने पंचांगों के हवाले से बताया कि जब गुरु या शुक्र ग्रह अस्त होता है तो उस दौरान विवाह जैसे शुभ कार्य की मनाही होती है। गुरु ग्रह 19 जनवरी 2021 को अस्त होने के बाद 16 फरवरी 2021 को उदित हो गए थे, लेकिन इस दिन 16 फरवरी को शुक्र ग्रह अस्त होने के साथ चैत माह के शुक्लपक्ष की षष्ठी तिथि 18 अप्रैल को उदित होंगे। इसके बाद ही शादी-विवाह का सिलसिला आरंभ हो जाएगा। अप्रैल से अगले कुछ महीने तक बिहार और उत्‍तरप्रदेश सहित पूरे हिंदी भाषी इलाके में शादी की गूंज सुनाई पड़ेगी।

14 अप्रैल से 13 दिसंबर तक शादी के शुभ मुहूर्त 20 जुलाई देवशयनी एकादशी से भगवान विष्णु योग निद्रा में रहेंगे लीन 15 नवंबर कार्तिक शुक्ल देवोत्थान एकादशी से मांगलिक कार्य आरंभ 14 मार्च से 14 अप्रैल तक लग रहा खरमास, नहीं होंगे मांगलिक कार्य

खरमास बाद बैंड बाजा-बरात

ज्योतिष आचार्य की मानें तो हिंदू पंचांग के अनुसार 14 मार्च 2021 से 14 अप्रैल 2021 तक खरमास लग रहा है। 14 मार्च की शाम सूर्य कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेंगे और 14 अप्रैल तक वहीं रहेंगे। 14 अप्रैल को सूर्य के मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करते ही खरमास का समापन हो जाएगा। मांगलिक कार्य आरंभ हो जाएंगे। 16 अप्रैल से लेकर 13 दिसंबर तक इस वर्ष शादी के 71 शुभ लग्न है।

20 जुलाई से 15 नवंबर तक नहीं होंगे शुभ कार्य

ज्योतिष आचार्य ने पंचांग के हवाले से बताया कि इस वर्ष 20 जुलाई को आषाढ़ शुक्ल देवशयनी एकादशी व्रत के साथ मांगलिक कार्य पर रोक लग जाएगी। पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान विष्णु देवशयनी एकादशी से क्षीर सागर में योगनिद्रा में चले जाते हैं। 15 नवंबर कार्तिक शुक्ल देवोत्थान एकादशी के दिन भगवान नारायण के निद्रा से जागृत होते ही मांगलिक कार्य आरंभ हो जाएंगे।

शादी-विवाह के शुभ लग्न मुहूर्त

(मिथिला पंचाग के मुताबिक)

अप्रैल: 16, 23, 25, 26, 30

मई : 2, 3, 7, 9, 12, 13, 21, 23, 24, 26, 30, 31

जून : 4, 6, 10, 11, 20, 21, 24, 25, 27, 28  

बनारसी पंचाग के अनुसार

अप्रैल : 22, 24, 26, 27, 28, 29, 30

मई : 1, 2, 3, 7, 8, 9, 12, 13, 14, 19, 20, 21, 22, 24, 26, 27, 28, 29, 30

जून : 5, 11, 15, 16, 17, 18, 19, 20, 21, 22, 23, 24, 26

जुलाई : 1, 2, 3, 6, 7, 8, 12, 15, 16

नवंबर : 19, 20, 21, 26, 28, 29        

दिसंबर : 1, 2, 5, 7, 12, 13

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.