प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि डकारने वालों पर होगी कार्रवाई, वैशाली में शुरू हुई ऐसे लोगों की पहचान

प्रधानमंत्री आवास योजना का मकसद कुछ लोगों की गलती से पूरा नहीं हो पा रहा है। वैशाली प्रखंड में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रथम किश्त की राशि लेकर घर नहीं बनाने वालों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी है।

Shubh Narayan PathakSun, 21 Nov 2021 01:35 PM (IST)
प्रधानमंत्री आवास योजना में आएगी तेजी। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

वैशाली (हाजीपुर), संवाद सूत्र। प्रधानमंत्री आवास योजना का मकसद कुछ लोगों की गलती से पूरा नहीं हो पा रहा है। वैशाली प्रखंड में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रथम किश्त की राशि लेकर घर नहीं बनाने वालों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी है। प्रखंड के सभी आवास सहायक एवं पर्यवेक्षक के साथ शनिवार को बैठक कर बीडीओ ने गहन समीक्षा की थी। बीडीओ ने सभी को निर्देशित किया है कि आवास योजना के तहत प्रथम किश्त की राशि लेकर घर नहीं बनाने वालों पर कार्रवाई करें। सभी के खिलाफ तत्काल नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। साथ ही लगातार स्थल निरीक्षण कर आवास का निर्माण कार्य तेज कराने का निर्देश भी दिया है।

निर्माण पूरा करने वालों को तत्‍काल भुगतान

वैशाली प्रखंड मुख्यालय स्थित सभागार में आवास पर्यवेक्षक एवं आवास सहायकों की बैठक में प्रखंड विकास पदाधिकारी रजत किशोर सिंह ने यह निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अपना घर पूर्ण रूप से बना लिया है उनका अविलंब भुगतान किया जाए। लाभुक को परेशान नहीं करें। साथ हीं कहा कि घर नहीं बनाने वाले से मिलकर उन्हें प्रेरित करने की आवश्यकता है। वैशाली प्रखंड में करीब पांच सौ लोगों पर पहले भी सफेद एवं लाल नोटिस जारी किया जा चुका है।

राजापाकर में किसान महासभा के कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित

राजापाकर थाना क्षेत्र के बहुआरा गांव स्थित पैक्स भवन परिसर में अखिल भारतीय किसान महासभा के कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित हुई। बैठक में उपस्थित लोगों ने केंद्र सरकार के स्तर पर तीन काले कानून को वापस लेने का स्वागत किया। महासभा ने इसे सत्य की जीत बताया है तथा कहा कि आखिरकार  किसानों के सामने केंद्र सरकार को झुकना पड़ा। यह किसानों की सबसे बड़ी जीत है। अब केंद्र सरकार को किसान के खिलाफ कोई भी कानून बनाने से पहले सोचना पड़ेगा।

अभाकिम के प्रदेश अध्यक्ष विशेश्वर प्रसाद यादव ने कहा कि ऐतिहासिक किसान आंदोलन के दबाव ने मोदी सरकार को झुकाया है। इसके लिए हमें लगभग 700 किसानों की शहादत देनी पड़ी। प्रधानमंत्री मोदी को देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। लेकिन वे कॉरपोरेट घरानों से कानून नहीं लागू कर पाने के लिए माफी मांग रहे हैं। जब तक संसद से ये काला कानून निरस्त नहीं हो जाता है लड़ाई जारी रहेगी। सभी कृषि उत्पादों और सभी किसानों के लिए लाभकारी मूल्य, एमएसपी की गारंटी अभी बाकी है।

किसानों की हत्या के दोषी केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र टेनी को बर्खास्त करना होगा। इसी तरह बिजली संशोधन विधेयक को भी वापस लिया जाना बाकी है। अब पूंजीपति परस्त चार लेबर कोड को भी रद्द करना होगा। उसी प्रकार सीएए, एनपीआर, एनआरसी, यूएपीए समेत सारे काले कानून वापस लेने होंगे। प्रधानमंत्री महंगाई, बेरोजगारी, निजीकरण, मुद्रीकरण की नीति वापस लें। देश पर कंपनीराज थोपने की साजिश बंद करें। लडऩे वाली तमाम ताकतों के लिए यह जीत प्रेरणा का काम करेगी। यह देश की जनता के संघर्षों की जीत है।

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