दुल्हिन बाजार में लोन दिलाने के नाम पर 200 महिलाओं से 3.28 करोड़ ठगे

पटना (दुल्हिन बाजार) : 50 हजार से एक लाख रुपये का लोन दिलाकर महिलाओं को स्वावलंबी बनाने और रोजगार दिलाने का दावा कर 200 से अधिक महिलाओं के साथ 03 करोड़ 28 लाख रुपये जालसाजी का मामला उजागर हुआ है। महिलाओं को इस बात की जानकारी तब हुई जब बैंकों से पैसा वापस करने का नोटिस आना शुरू हो गया और एजेंटों का आना-जाना बिल्कुल बंद हो गया। मामला दुल्हिनबाजार थाना क्षेत्र के तीन गांवों से जुड़ा है।

पीड़ित महिलाओं ने सोमवार को उलार सूर्य मंदिर में छठ पर्व की तैयारी को लेकर आयोजित बैठक में भाग लेने आए एसडीओ का घेराव किया और जांच कर कार्रवाई की मांग की। थानाध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि महिलाओं के समूह के साथ फर्जीवाड़े की सूचना मिली है। लिखित शिकायत मिलने के बाद जाच की जाएगी।

: लोन दिलाने के लिए 5-5 महिलाओं की टीम बनवाई :

उलार सूर्य मंदिर में छठ तैयारी की बैठक चल रही थी। तभी वहां बारा बीघा, अलीपुर, उलार गाव की दर्जनों महिलाएं बंधन बैंक, फिजन बैंक, एक्सर्स बैंक, फीड बैंक, देवकली बैंक, रोहन बैंक, समस्ता बैंक का पासबुक लेकर पहुंच गई। शोरगुल कर बैठक का विरोध किया। थानाध्यक्ष अशोक कुमार व बाल विकास परियोजना की सुपरवाइजर नजमा परवीन महिलाओं से पूछताछ करने लगीं।

पीड़ित ललिता देवी, विरंजी देवी, मालती देवी, प्रीति देवी, नीतू देवी, प्रमिला देवी, चंद्रवती देवी सहित दर्जनों महिलाओं ने बताया कि पाच माह पूर्व गाव में अलीपुर के प्रेम साव के साथ कुछ लोग आए थे। साव के साथ आए लोगों ने खुद को बैंकों का एजेंट बताया। फिर महिलाओं को स्वावलंबी बनकर अच्छी कमाई करने के लिए उत्साहित किया। गाव में पाच-पाच महिलाओं के ग्रुप बनाकर लोन देने के लिये टीम बनवाई। लोन के रुपये से रोजगार करने की योजना बनवाई।

: लोन प्रक्रिया तैयार कर भरवाया निकासी का विदड्रॉल फॉर्म :

पीड़ित महिलाओं ने बताया कि बैंक के लोन की प्रक्रिया खुद एजेंट ने तैयार की। प्रेम साव को गारंटर बनाकर महिलाओं से बैंक से पैसा निकासी का विदड्रॉल फॉर्म भरवाया। एक महिला को एक किस्त में 50 हजार रुपये की निकासी करवाई जाती थी पर निकाले गए पैसे का 10 प्रतिशत ही महिलाओं को दिया जाता था। बाकी 90 प्रतिशत रोजगार अवसर तैयार करने पर देने का वादा किया जाता था। महीनों बीत जाने के बाद एजेंटों का आना जाना कम हो गया।

: पूरी रकम निकासी का बैंक से आने लगा नोटिस :

महिलाओं के पास पूरी रकम निकासी का बैंक से नोटिस आने लगा। जबकि महिलाओं को दस फीसद रकम ही मिली थी। ऐसे में परेशान महिलाओं ने बाहरी एजेंट को ढूंढ़ना चाहा पर कोई पता नहीं चला। बैंक का नोटिस दिखाने के लिए प्रेम साव के पास लोगों को आना-जाना शुरू हुआ। करीब दस दिन पूर्व प्रेम साव की मौत हो गई। महिलाओं को जब पता चला कि वे ठगी की शिकार हो गई हैं तब वे परेशान हो गई। सुनीता देवी, राजपतिया देवी, पूनम देवी, कमला देवी, शीला देवी, उर्मिला देवी, फूला देवी सहित सैकड़ों महिलाओं ने दावा किया इन तीन गावों की महिलाओं के नाम पर 3 करोड़ 28 लाख रुपये की निकासी की गई।

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