बिहार में 42 दिन में खुलेंगे 122 आक्सीजन जेनरेशन प्लांट, कोरोना की तीसरी लहर से निपटने की तैयारी तेज

बिहार में कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए तैयारी तेज आइजीआइएमएस में पीएसए आक्सीजन जेनरेशन प्लांट का सांसद रविशंकर प्रसाद व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने किया उद्घाटन 50 बेड पर 24 घंटे आक्सीजन की मिलेगी सुविधा 20-20 किलो लीटर के तीन क्रायोजेनिक टैंक जल्द होंगे स्थापित

Shubh Narayan PathakMon, 19 Jul 2021 09:58 AM (IST)
बिहार में आक्‍सीजन प्‍लांट की संख्‍या बढ़ाने की कवायद शुरू। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

पटना, जागरण संवाददाता। बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि प्रदेश के मेडिकल कालेजों, सदर, अनुमंडल से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 122 पीएसए (प्रेशर ङ्क्षस्वग एडजाब्र्शन) आक्सीजन जेनरेशन प्लांट खोले जाएंगे। 30 अगस्त तक सभी प्लांट शुरू हो जाएंगे। रविवार को आइजीआइएमएस में पीएसए आक्सीजन जेनरेशन प्लांट का उद्घाटन पूर्व केंद्रीय मंत्री सह पटना साहिब सांसद रविशंकर प्रसाद और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने संयुक्त रूप से किया। आइजीआइएमएस में 20 किलोलीटर का एक क्रायोजेनिक प्लांट माह के अंत तक शुरू हो जाएगा। इससे आइसीयू में भर्ती 50 फीसद मरीजों की जरूरत पूरी होगी।

सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान आक्सीजन संकट की चुनौती सामने आई थी। इसे दूर करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व बिहार सरकार ने त्वरित प्रयास किए। इसी कड़ी में उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र के प्रमुख अस्पतालों में आक्सीजन प्लांट लगवाने की पहल की। पीएमसीएच व एनएमसीएच में उनके प्रयासों से कुछ कंपनियों के सीएसआर (कंपनी सोशल रिस्पांसबिलिटी) से आइजीआइएमएस, शेखपुरा, बख्तियारपुर और फतुहा में भी पीएसए आक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं।

इमरजेंसी के लिए ही रखने होंगे जंबो आक्सीजन सिलेंडर

स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए 122 पीएसए प्लांट के अलावा लिक्विड आक्सीजन के भंडारण और उत्पादन के लिए क्रायोजेनिक टैंक व प्लांट लगाए जा रहे हैं। 30 अगस्त के बाद आइजीआइएमएस जैसे संस्थानों में जंबो आक्सीजन सिलेंडर सिर्फ आपात स्थिति से निपटने के लिए रखे जाएंगे।

आइजीआइएमएस में पीजीआइ लखनऊ और चंडीगढ़ के समकक्ष सुविधाएं मुहैया कराने के साथ अधिक से अधिक रोगियों का इलाज हो सके, इसलिए इसकी क्षमता बढ़ाई जा रही है। 1200 बेड के नए अस्पताल का जल्द ही मुख्यमंत्री शिलान्यास करेंगे।  चिकित्साधीक्षक डा. मनीष मंडल ने धन्यवाद ज्ञापन में कहा कि पीएसए प्लांट से प्रति मिनट 233 लीटर आक्सीजन का उत्पादन होगा। इससे 50 मरीजों को 24 घंटे तक आक्सीजन दी जा सकेगी।

क्या होता है पीएसए प्लांट 

प्रेशर ङ्क्षस्वग एडजाब्र्शन (पीएसए) आक्सीजन प्लांट वातावरण की हवा में मौजूद नाइट्रोजन व अन्य गैसों को एडजार्बेंट की मदद से अलग कर आक्सीजन प्रदान करता है। इस प्लांट को अधिकतम 40 से 50 लाख रुपये में एक माह में स्थापित किया जा सकता है।

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