जंगल से काटी गई लकड़ी जब्त

गुरुवार को वन विभाग की टीम ने वन क्षेत्र के कुंभयातरी, भड़रा, राधेबीघा आदि जंगली क्षेत्रों में सुबह तीन बजे से ही जंगल से अवैध तरीके से लकड़ी काटकर लाने वाले लोगों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया, लेकिन महिलाओं को खबर पूर्व में ही लग गई। जिसके कारण सभी महिलाएं लकड़ी फेंक कर जंगल से भागने में सफल रहीं। वन विभाग की टीम बरामद लकड़ियों को वन कार्यालय रजौली लेकर पहुंचे। फॉरेस्टर वीरेंद्र कुमार पाठक ने बताया कि क्षेत्र से बराबर सूचना मिल रही थी कि जंगल में अवैध रूप से पेड़ों की कटाई हो रही है। सूचना के आलोक में सुबह से ही वन क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में छापेमारी की गई। लकड़ी काटने वाले को गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि अभी तक सिर्फ लकड़ी ही जब्त की गई है, किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि जंगली क्षेत्र से सटे हुए गांव की महिलाओं और पुरुषों को हम लोग जागरूक भी कर रहे हैं कि जंगल के हरे पेड़ों को न काटें, उसे बचाने का प्रयास करें। पर्यावरण को बचाने में अपना सहयोग दें। वन विभाग में कर्मियों की कमी से भी काफी परेशानी हो रही है। बताते चलें कि रजौली वन क्षेत्र में अभी जिन हरे पेड़ों की कटाई की जा रही है उस पेड़ को कुछ दिन पहले ही वन विभाग के द्वारा जंगल में लगाया गया है। लेकिन लकड़ी काटने वाली महिलाओं व पुरुषों को इसका तनिक भी ख्याल नहीं है। छोटे-छोटे पौधों को काटकर बर्बाद कर दिया जा रहा है। अगर इसी तरह पेड़ की कटाई जंगल में होती रही तो सरकार की हरियाली अभियान पर पानी फिरना तय है। छापेमारी टीम में चेक पोस्ट के फॉरेस्टर रामप्रवेश प्रसाद व वन विभाग के सिपाही व कर्मी शामिल थे।

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