माकपा नेता की प्रथम पुण्यतिथि पर संकल्प सभा आयोजित

माकपा नेता की प्रथम पुण्यतिथि पर संकल्प सभा आयोजित

नवादा। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मा‌र्क्सवादी के पूर्व जिला सचिव स्व.प्रो. रामदेव प्रसाद की प्रथम पुण्यति

JagranSun, 21 Feb 2021 09:59 PM (IST)

नवादा। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मा‌र्क्सवादी के पूर्व जिला सचिव स्व.प्रो. रामदेव प्रसाद की प्रथम पुण्यतिथि पर पार्टी जिला इकाई की ओर से उनके पैतृक गांव गुरम्हा में संकल्प सभा एवं प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम का आयोजन रविवार को किया गया। अध्यक्षता पार्टी के जिला सचिव प्रो. नरेशचंद्र शर्मा ने की। कार्यक्रम का उद्धाटन नवादा विधायक विभा देवी एवं रजौली विधायक प्रकाश वीर एवं सीपीआईएम के राज्य सचिव मंडल के सदस्य सर्वोदय शर्मा ने संयुक्त रूप से किया। संचालन स्व.रामदेव प्रसाद के पुत्र कुमार मुकेश ने किया। सबसे पहले प्रतिमा का अनावरण नवादा विधायक विभा देवी माल्यार्पण कर किया गया। इसके बाद रजौली के विधायक प्रकाश वीर, राजद जिलाध्यक्ष महेंद्र यादव, उपाध्यक्ष अनिल सिंह, प्रिस तमन्ना, संजय कुमार मारुति, शशि भूषण शर्मा, बृजेंद्र कुशवाहा, सीपीआई नेता अर्जुन सिंह, सीपीआई एमएल के जिला सचिव नरेंद्र सिंह, सीपीआईएम के राज्य कमेटी सदस्य उमेश प्रसाद, किसान नेता रामजतन सिंह, बैजनाथ सिंह, दानी विद्यार्थी, रामकुमार चौहान, पुष्पा कुमारी, रेणु देवी,तौकीर शहंशाह, बैजू महतो, शिवालक यादव, मणिलाल कुशवाहा, केबी सिंह, कांग्रेस नेता नरेश सिंह, शंभू विश्वकर्मा, यूसीएल नेता दिनेश कुमार अकेला आदि ने बारी-बारी से फूल चढ़ाकर श्रद्धासुमन अर्पित किया। सर्वोदय शर्मा ने प्रो. रामदेव प्रसाद की जीवनी पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि 40 वर्षों से उनके साथ संबंध रहा है उनके कार्य करने की कला अद्भुत थी। वे संगठनकर्ता व नेक दिल इंसान थे। उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि उनके अधूरे कार्यों को पूरा करना आज की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आज देश में जो किसान आंदोलन हो रहा है तथा देश की सत्ता पर जिस तरह आरएसएस फासिस्ट ताकतों के हाथों में चला गया है और देश की जनता पर जिस तरह से कहर ढाहा जा रहा है आज संविधान बचाने की जरूरत है। लोकतंत्र को समाप्त करने की ओर यह सरकार अग्रसर है। देश को कंपनी राज बनाना चाहती है। ऐसी परिस्थिति में रामदेव प्रसाद के रास्ते पर चलकर ही देश और समाज को बचाने की जरूरत है। और लूट भ्रष्टाचार संप्रदाय वाद से देश को बचाने के लिए तथा किसान आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए उनके समर्थन करने की जरूरत है। साथ ही गांव-गांव में किसान मजदूर नौजवान विद्यार्थी महिला सभी को जाति और धर्म से ऊपर उठकर के देश के संविधान देश की एकता और अखंडता को बरकरार रखने के लिए एक होकर के आगे बढ़ने की जरूरत है। और फासिस्ट ताकतों को देश की सत्ता से बेदखल करने की जरूरत है। तभी हमारी शक्ति है और संविधान बच सकता है यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। मौके पर सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल थे।

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