अस्पताल में सुविधाओं की कमी से मरीज हो रहे परेशान

अस्पताल में सुविधाओं की कमी से मरीज हो रहे परेशान
Publish Date:Mon, 28 Sep 2020 06:04 PM (IST) Author: Jagran

- सदर अस्पताल में 72 की जगह 30 चिकित्सक हैं कार्यरत

- प्रतिदिन 300 से 400 मरीज कराते हैं रजिस्ट्रेशन

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जागरण संवाददाता,नवादा: सरकार की ओर से स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए करोड़ों रूपये खर्च किए जा रहे हैं। जिला से लेकर प्रखंड स्तर तक के अस्पतालों में इलाज की व्यवस्था की जा रही है। बावजूद अस्पतालों में सुविधाओं की कमी है। जिले का सबसे बड़ा सदर अस्पताल में आए दिन मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। अस्पताल में जरूरी सुविधाओं की कमी से मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। इसके साथ ही बीमार मरीजों का इलाज कराने आने वाले परिजनों को भी तबीयत बिगड़ जा रही है। इस अस्पताल में दूरदराज के गांवों से लोग पहुंचते हैं। इनमें अधिकांश मध्यम व गरीब परिवार के लोग होते हैं। ओपीडी में प्रतिदिन 300 से 400 मरीजों का रजिस्ट्रेशन होता है। साथ ही इतनी संख्या में परिजन भी आते हैं। लेकिन इनके सामने आधारभूत संसाधन व सुविधाएं कम पड़ जा रही है। इसके अलावा जिले के अनुमंडलीय अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व उप केंद्र मरीजों को इलाज कराने में काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।

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कब हुआ अस्पताल का स्थापना

- सदर अस्पताल की स्थापना अंग्रेजों के शासन काल में वर्ष 1925 में की गई थी। इसकी स्थापना द गुजारी कोर्ट ऑफ इस्टेट बेड के द्वारा किया गया था। स्थापना के 96 साल बीत चुके हैं। हालांकि सरकार की ओर से मरीजों के इलाज के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त किया गया है। लेकिन आज मरीजों को शतप्रतिशत इलाज की सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही है।

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टायफाइड, मलेरिया व डेंगू जांच की है व्यवस्था

- स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पतालों टायफाइड, मलेरिया व डेंगू जांच की व्यवस्था की गई है। जिले के सभी अस्पतालों में मरीजों की जांच व इलाज की सुविधा उपलब्ध है। खासकर सदर अस्पताल में डेंगू मरीजों के लिए अलग वार्ड की व्यवस्था भी की गई है। अस्पताल आने वाले मरीजों की जांच व इलाज की सुविधा प्रदान की जा रही है। सुविधा बढ़ने से पहले की अपेक्षा मरीजों की संख्या में कमी आई है।

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327 की जगह 172 उप केंद्र हो रहा संचालित

- सरकार की ओर से ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए उप स्वास्थ्य केंद्र खोला गया था। जिलेभर में कुल मिलाकर 327 उप केंद्र खोला जाना था। शुरूआती दौर में विभाग की ओर से गांवों में किराये के मकान में उप केंद्र खोलकर संचालन किया जा रहा था। हरेक केंद्र में एएनएम को ड्यूटी पर लगाया गया। लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण अधिकांश उप केंद्र का संचालन ठप है। इस समय 327 की जगह मात्र 172 उप केंद्र संचालित हो रहा है।

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अस्पताल में चिकित्सक व कर्मियों की कमी

- सदर अस्पताल में विभाग द्वारा चिकित्सकों का 72 पद स्वीकृत है। लेकिन वर्तमान में मात्र 30 चिकित्सक कार्यरत हैं। साथ ही 42 पद खाली पड़ा है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की भी काफी कमी है। अस्पताल में हड्डी रोग व रेडियोलॉजिस्ट का पद कई साल से खाली पड़ा है। इसके अलावा कर्मियों की भी कमी है। हालांकि कार्यरत चिकित्सक व कर्मियों द्वारा मरीजों को सुविधा प्रदान किया जा रहा है।

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कहते हैं अधिकारी

- अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों की सुविधा के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। चिकित्सकों व कर्मियों की कमी के बारे में विभाग के उच्च अधिकारी को अवगत कराया गया है। इस समस्या का समाधान भी बहुत जल्द हो जाएगा।

डॉ.अशोक कुमार, प्रभारी सिविल सर्जन नवादा।

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