कोरोना की संभावित तीसरी लहर को लेकर मेडिकल में तैयारियां तेज, बच्चों के लिए तैयार हो रहे 71 बेड

फोटो 6 कोरोना पेज पर लीड अस्पताल के शिशु वार्ड में लगाए जाने हैं 71 बेड हर बेड तक ऑक्सीजन सक्शन पैनल लगाने की जारी है कवायद बचों के भर्ती होने वाले वार्ड को आकर्षक ढंग से सजाया-संवारा गया है जागरण संवाददाता गया मगध मेडिकल अस्पताल में कोरोना की संभावित तीसरी लहर को लेकर हर तरह की तैयारी

JagranWed, 30 Jun 2021 04:23 PM (IST)
कोरोना की संभावित तीसरी लहर को लेकर मेडिकल में तैयारियां तेज, बच्चों के लिए तैयार हो रहे 71 बेड

गया : मगध मेडिकल अस्पताल में कोरोना की संभावित तीसरी लहर को लेकर हर तरह की तैयारी की जा रही है। बेड, दवा की उपलब्धता, पर्याप्त रोशनी, एयरकंडीशन, साफ-सफाई, रंगरोगण हर चीज पर ध्यान दिया जा रहा है। शिशु वार्ड स्थित अलग-अलग वार्ड में ऑक्सीजन युक्त 71 बेड लगाया जाना है। फिलहाल दो अलग-अलग वार्ड में बेड लगाए गए हैं। अब तक 37 बेड पर यह खास ऑक्सीजन सक्शन पैनल लगाया गया है। लक्ष्य सभी 71 बेड पर ऑक्सीजन पैनल लगाने का है। वहीं शिशु वार्ड के इमरजेंसी में जहां 17 बेड लगे हुए हैं वहां भी यह खास ऑक्सीजन पैनल लगा दिया गया है। इसके जरिए भर्ती बच्चा के बेड तक पाइप लाइन के सहारे ऑक्सीजन पहुंचाई जाएगी। नीकू में 18 बेड कार्यरत है। वहीं पीकू में 10 बेड अभी कार्यरत है।

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आइसीयू के तीन अलग-अलग कमरे में लगने हैं आधुनिक बेड

-शिशु वार्ड के लिए अलग से आईसीयू का पूरा सेटअप रखा गया है। यहां तीन अलग-अलग कमरों में क्रमश: पांच, छह, छह बेड लगाए जा रहे हैं। इन सभी पर वेंटिलेटर व दूसरी आधुनिक चिकित्सीय सुविधाएं रहेंगी। जिलाधिकारी ने मेडिकल के इस शिशु वार्ड को बेहतर तरीके से जीर्णोंद्धार करने के लिए अब तक कई बार खुद पहुंचकर निरीक्षण किया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर मेडिकल अस्पताल का प्रबंधन खासकर बच्चा वार्ड के अधिकारी तैयारियों को दुरुस्त करने में लगे हुए हैं। चमकी बुखार को लेकर जांच किट व दवाओं का स्टॉक पर्याप्त रखने का निर्देश

-बच्चों के लिए जानलेवा साबित होने वाले चमकी बुखार को लेकर जिलाधिकारी की ओर से पिछले दिनों एईएस जेई जांच किट व इससे संबंधित सभी दवाएं पर्याप्त मात्रा में रखने के लिए कहा गया है। अस्पताल अधीक्षक डा. हरिश्चंद्र हरि ने कहा कि जांच किट उपलब्ध कराई जा रही है। जहां तक दवाओं की बात है तो बहुत सी दवाएं उपलब्ध हैं। जो दवा नहीं है उसके लिए सूची बनाकर विभाग को भेज दी गई है। जिलाधिकारी की ओर से जो निर्देश मिले हैं उसका अनुपालन किया जा रहा है।

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पैकेजिग

मेडिकल में बच्चों के वार्ड में दीवारों पर मुस्कुरा रहा छोटा भीम

-बच्चों के वार्ड में माहौल खुशनुमा रहे इसके लिए कुछ बेहतरीन तैयारी देखने को मिल रही है। जिला प्रशासन के निर्देश पर हरेक वार्ड में कुछ खूबसूरत वॉल पेटिग कराई गई है। इनमें कहीं छोटा भीम मुस्कुराता हुआ दिख रहा है। तो कहीं प्यारा मोट-पतलु मस्ती करता हुआ दिखाई पड़ रहा है। बच्चों के हरेक वार्ड को रंगीन चित्रकारी से सजाया गया है। कहीं नदी-झरने तो कहीं प्रकृति का ²श्य है। कुछ जगहों पर वर्णवाला भी दर्शाई गई है। इतना ही नहीं इन सभी वार्ड में मनोरंजन के लिए कुछ अच्छे-अच्छे खिलौने भी रखने के निर्देश दिए गए हैं। ताकि बच्चे इलाज के दौरान भी खुद को बेहतर महसूस कर सकें। अस्पताल प्रबंधन के एक अधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन के निर्देश पर यह सारी व्यवस्था की गई है।

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क्या कहते हैं अधिकारी :

बच्चों के अस्पताल को एक बेहतर लुक देने की कोशिश है। इलाज के साथ ही वहां का माहौल खुशनुमा रहे इसी सोच के साथ मेडिकल के शिशु वार्ड में कुछ अलग रंगरोगन व वॉल पेंटिग कराई गई है। ताकि तकलीफ में रहे बच्चे व उनके स्वजन को वहां कुछ अच्छा महसूस हो। अच्छे माहौल में किसी को भी स्वास्थ्य लाभ लेने में आसानी होती है। शिशु वार्ड की हर जरूरत को समय रहते पूरा करने का निर्देश दिया गया है।

अभिषेक सिंह, जिलाधिकारी, गया।

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ग्राफिक्स: बच्चों के लिए कुल बेड- 71

नीकू- 17 बेड

पीकू-10 बेड

बच्चों के लिए भर्ती होने वाले वार्ड की संख्या- 3

इमरजेंसी वार्ड की संख्या- 1

-भर्ती बच्चों के लिए उपलब्ध कुल वेंटिलेटर- 30

-शिशु वार्ड में तैनात कुल चिकित्सक- 19

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