देसी बम से जंगली जानवरों का किया जा रहा शिकार

वन क्षेत्र के चितरकोली के समीप रह रहे बंजारों की टोली के द्वारा देसी बम से जंगली सुअरों का शिकार किया जा रहा है। मध्य प्रदेश के सतना कटनी से आए बंजारों के साथ स्थानीय लोग भी शिकार में शामिल होते हैं। इनका शिकार भोजन के लिए किया जाता है। सोमवार की सुबह जंगलों में जगह-जगह देसी बम विस्फोट कर पांच सुअरों का शिकार बनाया गया। वनों के क्षेत्र पदाधिकारी विवेकानंद स्वामी एवं वनपाल बिरेन्द्र पाठक को शिकार की सूचना दी गई है।

चितरकोली पंचायत की जंगलों में सतना कटनी से आए बंजारों के द्वारा रजौली वन क्षेत्र में जंगली सुअरों का शिकार तेजी से किया रहा है। सुअरों को कुछ लोग शौकिया तो कुछ खाने के लिए शिकार कर रहे हैं। खतरनाक जानवर होने से इनको मारना आसान नहीं होता है। इसका शिकार पर प्रतिबंध भी है। इसलिए इनके शिकार के लिए नया तरीका ईजाद किया गया है। सुगंधित पदार्थ के साथ देसी बम का इस्तेमाल किया जाता है। सुअरों के पदचिह्नों के स्थान पर इन बमों को रख दिया जाता है। जानवर इसकी सुगंध से वहां आ जाते हैं। वे इसे खाने की वस्तु समझते हैं। मुंह में डालते ही यह विस्फोट के साथ फट जाता है। सिर उड़ने के साथ हीं वे वहीं गिर जाते हैं। बम रखने के बाद शिकारी आसपास में हीं छुपे रहते हैं। विस्फोट की आवाज सुनकर वे मौके पर जाते हैं और शिकार को लेकर चले जाते हैं। इधर कुछ दिनों से बंजारों के रूप में अलग अलग राज्य के लोग भी शिकार करने आने लगे हैं। सूत्रों के अनुसार शिकार का यह तरीका इन्हीं लोगों ने ईजाद किया है। सुगंधित बम बनाने की तकनीक भी इन्हीं लोगों के पास है। सोमवार की सुबह श्रृंगी ऋषि पहाड़ के जंगल में बंजारों की टोली देसी बम लगाकर सुअरों को शिकार करते देखे गए। मांस आस-पास के गांव में ले जाकर बेच भी रहे हैं।

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पूर्व में हो चुका है बड़ा हादसा

- ज्ञात हो कि सतना कटनी से ही आए बंजारों के टीम में शामिल लोगों के बीच 17 नवंबर 2018 को महादेव मोड़ के समीप केन बम विस्फोट हुआ था। विस्फोट इतना भयानक था कि बंजारों के साथ मौजूद रहे बच्चे-बच्चियों समेत 6 लोग घायल हो गए थे। घायलों को अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यह हादसा एसडीओ व डीएसपी आवास से महज 400 मीटर की दूरी पर हुआ। तब यह बात सामने आया था कि जंगली जानवरों का शिकार करने के लिए बंजारे विस्फोटक रखते हैं। आम तौतर पर बंजारे जड़ी-बूटी, माला, ताबीज बेचने का बहाना बना कर पड़ाव डालते हैं। लेकिन कुछ वर्षों से जंगली जानवरों का शिकार भी करने लगे हैं। एक साल बाद पुन: बंजारे विस्फोटकों के साथ पहुंचे हैं और जंगली जानवरों का शिकार कर रहे हैं।

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गंभीर मामला है। वनपाल को जांच का आदेश दिया गया है। जांच प्रतिवेदन के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

- विवेकानंद स्वामी, पदाधिकारी, वन क्षेत्र

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