वाहनों की फिटनेस दे रही मौत को दावत

वाहनों की फिटनेस दे रही मौत को दावत

गया। नवादा की सड़कों पर लोगों की मौत के पीछे कई कारण हैं। सड़कों पर बिना फिटनेस जांच के वाहनों का दौड़ना भी इसमें से एक है।

Publish Date:Thu, 26 Nov 2020 09:33 PM (IST) Author: Jagran

गया। नवादा की सड़कों पर लोगों की मौत के पीछे कई कारण हैं। सड़कों पर परिचालित वाहनों की फिटनेस की नियमित रूप से जांच नहीं होना बड़ी वजह है। बड़ी संख्या में दुर्घटनाएं वाहनों की जर्जर हालात की वजह से हो रही है। सरकारी स्तर पर वाहनों के लिए कोई सुरक्षा मानक जैसा प्रावधान नहीं बनाया गया है। नवादा जिला की बात करें तो राष्ट्रीय राजमार्ग-31 समेत अन्य मार्गों पर प्रतिदिन फिटनेस रहित सैकड़ों वाहन धड़ल्ले से परिचालित हो रही है। परिवहन विभाग व पुलिस प्रशासन द्वारा इन वाहनों के परिचालन पर रोक लगाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। समय-समय पर वाहनों की जांच कर सिर्फ जुर्माना राशि वसूल कर खानापूर्ति की जाती है। लेकिन स्थायी तौर पर इन वाहनों के परिचालन पर रोक नहीं लगाया जा रहा है। इसके कारण राष्ट्रीय राजमार्ग समेत अन्य सड़कों पर हमेशा सड़क दुर्घटनाएं हो रही है। साथ ही समय से पूर्व लोग काल के गाल में समा रहे हैं। कई लोग घायल होकर विकलांगता के शिकार भी हो चुके हैं।

-------------------------

जुगाड़ वाहनों का नहीं होता फिटनेस जांच

- नवादा परिवहन विभाग में जुगाड़ वाहनों का रजिस्ट्रेशन व फिटनेस जांच की कोई व्यवस्था नहीं है। सरकार की ओर से अबतक जुगाड़ वाहनों का रजिस्ट्रेशन व फिटनेस जांच के लिए कोई दिशा-निर्देश नहीं दिया गया है। इसके कारण जुगाड़ वाहनों का फिटनेस जांच आदि नहीं किया जाता है। जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग समेत अन्य मार्गों पर सुबह से देर शाम तक जुगाड़ वाहनों का परिचालन हो रहा है। बता दें कि शहर से लेकर गांव तक सैकड़ों जुगाड़ वाहन का परिचालन हो रहा है। इन वाहनों का ब्रेक व लाईट काफी कमजोर होता हैं। खासकर इन वाहनों का उपयोग खाद्य सामग्री, सब्जी समेत अन्य सामानों को ढ़ोने में किया जाता है। अधिक कमाई के चक्कर में चालकों द्वारा जरूरत से ज्यादा सामान लाद दिया जाता है। क्षमता से अधिक समान रहने से वाहन हमेशा दुर्घटनाग्रस्त होता रहता है। और लोग दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं। बावजूद परिवहन विभाग व पुलिस प्रशासन की ओर से वाहन परिचालन पर रोक नहीं लगाया जा रहा है।

--------------------------

दो पहिया व अन्य वाहनों की होती है फिटनेस जांच

- परिवहन विभाग की ओर से दो पहिया, चार पहिया व अन्य वाहनों की फिटनेस जांच की व्यवस्था की गई है। सरकार के नियमानुसार वाहनों की फिटनेस जांच किया जाता है। विभाग के डाटा ऑपरेटर हरेंद्र कुमार ने बताया कि वाहन संचालक को फिटनेस जांच के लिए ऑनर बुक, प्रदूषण, इंश्योरेंस , टैक्स टोकन, पुराना फिटनेस प्रमाण पत्र, गाड़ी का फोटो, स्पीड गर्वनर आदि कागजात को ऑनलाइन करना होगा। इसके बाद विभाग की ओर से कागजात की जांच किया जाएगा। साथ ही वाहन को अधिकारी के समक्ष दिखाना होगा। सभी तरह से ठीक रहने पर फिटनेस प्रमाण पत्र निर्गत किया जाएगा।

----------------------------

कहते हैं कर्मचारी

- सरकार की ओर से अबतक जुगाड़ वाहनों का फिटनेस जांच के लिए कोई दिशा-निर्देश नहीं मिला है। ऐसे दो पहिया, चार पहिया समेत अन्य वाहनों का फिटनेस जांच किया जा रहा है। साथ ही समय-समय पर वाहन चालकों का लाइसेंस आदि का भी जांच किया जाता है। और यातायात नियमों का पालन कराया जा रहा है। प्रतिवर्ष विभाग की ओर से सड़क सुरक्षा सप्ताह पर जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन कराया जा रहा है। नियमों का पालन नहीं करने वाले चालकों से जुर्माना वसूल किया जा रहा है। सड़क दुर्घटना को रोकने के लिए विभाग की ओर से हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।

अनिल कुमार, डाटा ऑपरेटर, जिला परिवहन विभाग कार्यालय नवादा।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.