माध्यमिक विद्यालय में बिना शिक्षक के बच्चों का हो रहा नामांकन

नवादा। प्रखंड की हरदिया पंचायत के उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय चिरैला में पढ़ने वाले नौवीं और दसवीं वर्ग के छात्र-छात्राओं की उड़ान को सही से पंख नहीं लग पा रहा है। इसकी वजह साफ है कि दोनों वर्ग के छात्र-छात्राओं को शिक्षा देने के लिए एक भी शिक्षक पदस्थापित नहीं है।

JagranSun, 28 Nov 2021 09:00 PM (IST)
माध्यमिक विद्यालय में बिना शिक्षक के बच्चों का हो रहा नामांकन

नवादा। प्रखंड की हरदिया पंचायत के उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय चिरैला में पढ़ने वाले नौवीं और दसवीं वर्ग के छात्र-छात्राओं की उड़ान को सही से पंख नहीं लग पा रहा है। इसकी वजह साफ है कि दोनों वर्ग के छात्र-छात्राओं को शिक्षा देने के लिए एक भी शिक्षक पदस्थापित नहीं है। दोनों कक्षा के बच्चों को प्राथमिक व मध्य विद्यालय के शिक्षक पढ़ाने का दावा कर रहे हैं। ऐसे में गुणवत्ता शिक्षा तो दूर सामान्य पाठ्यक्रम भी पूरा होना मुश्किल है। मैट्रिक परीक्षा में शामिल होंगे छात्र

इस विद्यालय में नामांकित 117 छात्र-छात्राएं वर्ष 2022 में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित मैट्रिक की परीक्षा में शामिल होंगे। इसमें 60 लड़कियां और 57 लड़के शामिल हैं। इन लोगों की विद्यालय में सिर्फ उपस्थिति ही दर्ज हो सकी। शिक्षा नहीं मिल सकी। भविष्य दांव पर है। परीक्षा का परिणाम अब उनकी काबिलियत पर टिका हुआ है। नौवीं में नामांकित है 142 छात्र

विद्यालय में नवमी वर्ग में कुल 142 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। इसमें छात्राओं की संख्या 62 और छात्र की संख्या 80 है। सरकार द्वारा दोनों वर्ग के छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए स्मार्ट क्लास चालू किया गया है, लेकिन पढ़ाने व बताने वाले शिक्षक ही नहीं है। शिक्षक नहीं होने के कारण इन बच्चों के अभिभावक काफी चितित रहते हैं।

क्या कहते हैं यहां के बच्चे

पढ़ने की इच्छा लेकर प्रतिदिन समय से स्कूल पहुंचता हूं, क्लास लेने के लिए कोई टीचर नहीं हैं। ऐसे में परेशान रहता हूं।

-नीतीश कुमार, छात्र नौवीं वर्ग

हम इतने बड़े घर से नहीं है कि शहर-बाजार जाकर बेहतर शिक्षा के लिए कोचिग व ट्यूशन का सहारा ले सकें। स्कूल में पढ़ाई हो नहीं रही है। इसलिए काफी दिक्कत होती है।

-उत्तम कुमार, छात्र नौवीं वर्ग

विद्यालय में जो शिक्षक उपस्थित होते हैं, वही कुछ जानकारी दे देते हैं, जो कुछ जानकारी मिलती उसे से काम चलाना पड़ रहा है। पढ़ने की चाहत बहुत है, लेकिन टीचर नहीं है।

खुशबू कुमारी, छात्रा नौवीं वर्ग

मां-पिता काफी गरीब हैं। मैं पढ़कर कुछ बनाना चाहती हूं, लेकिन यहां हम लोगों को ढंग से पढ़ाने के लिए कोई टीचर नहीं है। बाहर जाकर पढ़ाई करने में सक्षम नहीं हूं।

-मौसम कुमारी, छात्रा नौवीं वर्ग

क्या कहते हैं प्रभारी प्रधानाध्यापक

उच्च माध्यमिक विद्यालय में एक भी शिक्षक की प्रतिनियुक्ति नहीं है। मीडिल स्कूल के शिक्षक ही नौवीं और दशवीं वर्ग के छात्र-छात्राओं को पढ़ा रहे हैं।

राजीव कुमार, प्रभारी प्रधानाध्यापक क्या कहते हैं अधिकारी

शिक्षक की नियुक्ति होने पर विद्यालय में पदस्थापना की जाएगी। नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है।

-संजय कुमार चौधरी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, नवादा

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