नालंदा में सितंबर में होगा गंगाजल आपूर्ति का ट्रायल, 171 किमी पाइप लाइन बिछी

बिहारशरीफ। अब बरसात नहीं हुई और कोविड की तीसरी लहर नहीं आई तो दो माह बाद सितंबर में मरांची से राजगीर तक गंगा जल आपूर्ति का ट्रायल किया जा सकता है। 67 किमी के 52 किमी हिस्से में पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है। वहीं मरांची से गया वाया राजगीर कुल 190 किमी में 171 किमी पाइप लाइन बिछ गई है।

JagranMon, 19 Jul 2021 11:25 PM (IST)
नालंदा में सितंबर में होगा गंगाजल आपूर्ति का ट्रायल, 171 किमी पाइप लाइन बिछी

बिहारशरीफ। अब बरसात नहीं हुई और कोविड की तीसरी लहर नहीं आई तो दो माह बाद सितंबर में मरांची से राजगीर तक गंगा जल आपूर्ति का ट्रायल किया जा सकता है। 67 किमी के 52 किमी हिस्से में पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है। वहीं मरांची से गया वाया राजगीर कुल 190 किमी में 171 किमी पाइप लाइन बिछ गई है। वैसे बीते साल मार्च में 2836 करोड़ की अनुमानित लागत से शुरू की गई गंगा उद्वह परियोजना 19 माह में पूरी करने का लक्ष्य रखा गया था, परंतु लॉक डाउन व निर्माण में लगी तकनीकी टीम के सदस्यों के कोरोना संक्रमित होने के कारण 15 माह बाद जुलाई में महज 50 फीसद काम ही पूरा हो सका है। बड़ी बात यह है कि गंगा जल संग्रह व आपूर्ति की क्षमता वर्ष 2051 तक की अनुमानित आबादी के मद्देनजर रखी गई है। बता दें कि पटना जिले के मोकामा के पास मराची के निकट से गंगा नदी का पानी सरमेरा, बरबीघा होते हुए राजगीर अनुमंडल क्षेत्र के गिरियक प्रखंड के 354 एकड़ में फैले घोड़ाकटोरा रिजर्वायर में गिराया जाएगा। फिर यहां से पानी को गया तक ले जाया जाएगा। इस बाबत सिचाई विभाग के सहायक अभियंता सुशील प्रकाश ने जानकारी दी कि पाईप लाईन बिछाने का काम 90 फीसद पूरा कर लिया गया है। पाईप लाईन नालंदा जिले के सरमेरा, बिद, रहुई, बिहारशरीफ के बाद बाईपास तुंगी होते हुए महानंदपुर, मनियावां, नानंद, चमरडीहा होते गिरियक कैनाल पर से घोड़ा कटोरा डैम तक लाई जा चुकी है। रास्ते में कहीं गैप क्लोजिग तो कहीं कैनाल क्लोजिग का काम बाकी है। चूंकि गंगा नदी की सतह नीची है और राजगीर उंचाई पर है, इसलिए पानी खुद बहाव के साथ नहीं पहुंचेगा, इसके लिए जगह-जगह मोटर पंप लगाए जाएंगे।

गिरियक के घोड़ा कटोरा में डैम का निर्माण 50 से अधिक फीसदी तक किया जा चुका है। उपरौरा में वाटर सर्च टैंक का भी काम 60 फीसदी तक किया जा चुका है। इस टैंक से प्रेशर से वाटर को रिलीज किया जाएगा। घोड़ा कटोरा में रिजर्वायर भी बनाया जा रहा है।

इस पूरी परियोजना में 4 सौ से भी अधिक मजदूर काम पर लगे हैं। गिरियक के घोड़ा कटोरा डैम निर्माण में 10 इंजीनियर के अलावा सौ से अधिक मजदूर जुटे हैं। 30 टीपर्स, 15 एस्केवेटर, 2 डोजर, 3 रोलर, 2 एस्क्रेटर के अलावे दर्जनों हाईवा और ट्रैक्टर लगे हैं।

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हाथीदह में पंप हाउस का निर्माण अंतिम चरण में

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हाथीदह में पंप हाउस का निर्माण अंतिम चरण में है। मोटर व अन्य मैकेनिज्म का इंस्टॉलेशन किया जाना है। जबकि नवादा जिले के म़ोतनाजे गांव में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बन रहा है। गया जिले के तेतर में रिजर्वायर का काम बड़ी तेजी से चल रहा है। अभी घोड़ाकटोरा के 354 एकड़ में जल भंडारण के लिए डैम का निर्माण जारी है। इस एरिया में रिजर्वायर एंड ड्रेन, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, वाटर सर्च टैंक, बांध के समीप बोल्डर पीचिग, टो ग्रैंड, रिक रौक सहित अन्य साईट पर काम चल रहा है।

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राजगीर, नवादा व गया को होगा फायदा

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इस योजना के पूरा होने पर नालंदा के राजगीर सहित गया और नवादा जिले के लोगों को स्वच्छ पेयजल के रूप में पवित्र गंगा का जल उपलब्ध होने लगेगा। सिचाई विभाग के पॉपुलेशन सेंसेक्स सर्वे के मुताबिक वर्ष 2051 तक गया व बोधगया शहर को मिलाकर कुल 9 लाख 94 हजार 3 सौ 12 तथा राजगीर शहर के 1 लाख 42 हजार 1 सौ 79 की जनसंख्या को वाटर सप्लाई करनी है। राजगीर नगर परिषद क्षेत्र के रिहायशी इलाके में 6 हजार 6 सौ 50 हाउस होल्ड कनेक्शन दिए जाने हैं। वहीं नालंदा विश्वविद्यालय, बिहार पुलिस एकेडमी, अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम सह स्पो‌र्ट्स एकेडमी, फिल्म सिटी, सीआरपीएफ कैंप में पेयजलापूर्ति होगी।

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बरसात में गंगा का पानी घोड़ा कटोरा डैम में किया जाएगा स्टोर

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बरसात के दिनों में गंगा के बढ़े जलस्तर के पानी को प्रोजेक्ट इंफ्रास्ट्रक्चर मैकेनिज्म तथा पाइप लाइन के माध्यम से घोड़ा कटोरा डैम में स्टोर किया जाएगा। गंगा का जलस्तर कम रहने पर पानी की आवक रोक दी जायेगी। बरसात में स्टोर पानी सालों भर गया, नवादा और नालंदा जिले के चिह्नित हिस्सों को सप्लाई की जाएगा। इरादा गर्मी के दिनों में भूल जल स्तर को मेंटेन रखना है।

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राजगीर में सबमर्सिबल मोटर और डीप बोरिग होगा दंडनीय अपराध

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गंगाजल आपूर्ति शुरू होते ही राजगीर में सबमर्सिबल मोटर तथा डीप बोरिग दंडनीय अपराध की श्रेणी में आ जाएगा। याद दिला दें कि दो साल पहले राजगीर के विभिन्न कुंड के गर्मजल झरने और धाराओं सहित सभी जलस्त्रोत सूख गए थे। जिसे देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा था कि गंगा जल आपूर्ति होने के बाद राजगीर के भू गर्भ जल का खजाना बचाकर रखा जाएगा।

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