एसएफसी को सीएमआर देने वाला पहला जिला बना नालन्दा

स्थानीय बाजार समिति परिसर में अवस्थित गोदाम संख्या 6 में रविवार को कुल 319 मीट्रिक टन सीएमआर (कामन मिल्ड राइस) प्राप्त किया गया। धान एवं सीएमआर अधिप्राप्ति के लिए जिलाधिकारी योगेन्द्र सिंह की लगातार मानीटरिग का नतीजा रहा कि चालू खरीफ विपणन वर्ष में नालंदा का नाम राज्य में सीएमआर प्राप्त करने वाला जिला का रिकार्ड कायम हो गया।

JagranSun, 05 Dec 2021 11:36 PM (IST)
एसएफसी को सीएमआर देने वाला पहला जिला बना नालन्दा

जागरण संवाददाता, बिहारशरीफ : स्थानीय बाजार समिति परिसर में अवस्थित गोदाम संख्या 6 में रविवार को कुल 319 मीट्रिक टन सीएमआर (कामन मिल्ड राइस) प्राप्त किया गया। धान एवं सीएमआर अधिप्राप्ति के लिए जिलाधिकारी योगेन्द्र सिंह की लगातार मानीटरिग का नतीजा रहा कि चालू खरीफ विपणन वर्ष में नालंदा का नाम राज्य में सीएमआर प्राप्त करने वाला जिला का रिकार्ड कायम हो गया। साथ ही मुख्यमंत्री के द्वारा घोषित उसना सीएमआर लेने का सबसे पहला रिकार्ड भी नालंदा के नाम रहा। सीएमआर अधिप्राप्ति समारोह में उपस्थित सभी व्यक्तियों को उसना चावल का नमूना दिखाया गया। लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त किया और कहा कि जो चावल उनके द्वारा उपभोग किया जाता है, उसी गुणवत्ता और स्तर का चावल इस बार सरकार द्वारा जनवितरण प्रणाली के दुकानों में दिया जा रहा है।

उप-विकास आयुक्त वैभव श्री वास्तव ने रविवार को सीएमआर प्राप्ति का विधिवत उद्घाटन बाजार समिति परिसर में स्थित बिहार राज्य खाद्य निगम के गोदाम पर किया। उद्घाटन के समय 11 लॉट चावल का स्वीकृति पत्र विभिन्न समितियों को राज्य खाद्य निगम स्थानीय गोदाम प्रबन्धक के तरफ से निर्गत किया गया। ध्यान रहे, सरकार ने इस बार एक लॉट चावल की मात्रा 27 एमटी से बढ़ाकर 29 एमटी कर दी गई है।

जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने बताया कि जिले की उसना चावल मिलिग की क्षमता 78 टन प्रति घंटा है। सीएमआर प्राप्त करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई से 2 माह पूर्व ही तय की गई है। बताया कि राज्य सरकार द्वारा चालू खरीफ विपणन वर्ष में धान/चावल की अधिप्राप्ति के लिए बिहार राज्य खाद्य निगम को नोडल एजेंसी नियुक्त किया गया है। बताया कि सभी सक्षम पैक्स एवं व्यापार मंडल धान क्रय केंद्र के रूप में कार्य करने के लिए अधिसूचित किए गए हैं। जिले 249 में 209 पैक्स तथा 13 व्यापार मंडल को धान खरीद के लिए चयनित किया गया है। अक्रियाशील पैक्सों को निकटम पैक्सों से संबद्ध किया गया है। बता दें,सरकार ने लोगों के भोजन रुचि को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष में निर्णय लिया है कि यथासंभव उसना चावल मिलों से ही चावल प्राप्त किया जाएगा। उसना मिलों की अनुपलब्धता की स्थिति में ही अरवा चावल मिलों से प्राप्त किया जाएगा। चावल अधिप्राप्ति उद्घाटन समारोह में जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, राज्य खाद्य निगम के जिला प्रबन्धक, प्रांतीय महासचिव, जन वितरण प्रणाली दुकानदार संघ के प्रतिनिधि वरुण कुमार सिंह, सभी प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी सहित राज्य खाद्य निगम के सहायक प्रबन्धक भी मौजूद थे।

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