नालंदा में आहत मृदुला कह रही, दहेजलोभियों के घर कोई बिटिया न ब्याहें

बिहारशरीफ। नालंदा थाना क्षेत्र के सूरजपुर गांव के ग्रामीण चिकित्सक मोहन प्रसाद ने सपने में भी नहीं सोचा था कि बेटी के अच्छे घर-वर की खातिर जमीन बेचकर दहेज देने के बावजूद वे उसके लिए खुशियां नहीं खरीद पाएंगे। बेटी की शादी हो गई पर विदाई के पहले वर पक्ष वालों ने दहेज के बकाया पांच लाख के लिए ऐसा तांडव कर दिया कि लूट-पीटकर घर लौट आए।

JagranThu, 15 Jul 2021 12:03 AM (IST)
नालंदा में आहत मृदुला कह रही, दहेजलोभियों के घर कोई बिटिया न ब्याहें

बिहारशरीफ। नालंदा थाना क्षेत्र के सूरजपुर गांव के ग्रामीण चिकित्सक मोहन प्रसाद ने सपने में भी नहीं सोचा था कि बेटी के अच्छे घर-वर की खातिर जमीन बेचकर दहेज देने के बावजूद वे उसके लिए खुशियां नहीं खरीद पाएंगे। बेटी की शादी हो गई पर विदाई के पहले वर पक्ष वालों ने दहेज के बकाया पांच लाख के लिए ऐसा तांडव कर दिया कि लूट-पीटकर घर लौट आए। स्तब्ध बैठे हैं और अपनी किस्मत को कोस रहे हैं। हालांकि बेटी मृदुला साहसी है। उसने ससुराल जाने से स्पष्ट इंकार कर दिया है और पटना के दानापुर थाने में वर समेत उसके स्वजन पर दहेज के लिए मारपीट का केस करके कार्रवाई का इंतजार कर रही है। उसने बड़ी बात कही है, जो समाज के लिए प्रेरक संदेश और दहेज लोभियों के मुंह पर करारा तमाचा है। कहा, ऐसे दहेजलोभियों के घर कोई अपनी बिटिया नहीं ब्याहे।

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पिटाई करते वक्त बच्चे, बूढ़े व महिलाओं को भी नहीं छोड़ा

वधू पक्ष के लोगों ने बताया कि वर पक्ष की ओर से इतनी बेरहमी से पिटाई की कि हम लोग सकते में आ गए। बच्चे, बूढ़े व महिलाओं को भी नहीं छोड़ा। करीब एक दर्जन लोग जख्मी हैं। किसी की आंख सूज गई है, तो किसी के पीठ पर चोट के निशान हैं। दो लोगों की उंगली टूट गई है।

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जानें क्या है मामला

दरअसल नालंदा थाने के सूरजपुर निवासी मोहन प्रसाद ने अपनी बेटी की शादी दानापुर के बी एस कालेज के निकट रहने वाले मेवालाल गुप्ता के पुत्र गोपाल से तय की थी। जिसमें पन्द्रह लाख रुपये देने की बात तय हुई थी। 10 लाख व जेवरात देकर बाकी 5 लाख बाद में देने की बात कह शादी का दिन निर्धारित हुआ। वर पक्ष के दबाव पर पटना के दानापुर के सागर पैलेस में कार्यक्रम रखा गया। वधु पक्ष के लोग बीते सोमवार को ही दानापुर चले गए। रात में शादी के तमाम संस्कार निभाए गए। परन्तु दहेज के बाकी 5 लाख रुपए के चलते हर समय खटास बनी रही। वधु पक्ष के लोगों को नाश्ता-खाना तो दूर पानी तक के लिए भी नहीं पूछा गया। इस कारण भी दोनों ओर से कई बार विवाद की स्थिति बनी। फिर शादी के बाद विदाई के वक्त अचानक मामला काफी उलझ गया। देखते-देखते वर पक्ष के लोगों ने वधु पक्ष के लोगों को मैरेज गार्डेन के कमरे में बंद कर दिया और बेरहमी से पिटाई करने लगे। इसके बाद पुलिस के वरीय पदाधिकारी के सहयोग से दानापुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की जा सकी। थाना स्तर तक मामले को रफा दफा करने की भी पुरजोर कोशिश की गई।

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ग्रेजुएट है नालंदा की बेटी मृदुला, दूल्हे के शिक्षक होने पर संदेह

नालंदा नगर पंचायत क्षेत्र के सूरजपुर की रहने वाली मृदुला ग्रेजुएट है। उसने मैट्रिक व इंटर (विज्ञान ) की परीक्षा रास बिहारी इंटर स्कूल, नालंदा से पास की । इसके बाद स्नातक भी किया। मृदुला की मां का देहांत पहले ही हो चुका है। उसके पिता ने अपनी बेटी की शादी जमीन बेचकर तय की थी। जिसमें बताया जा रहा है कि दूल्हा गोपाल प्रसाद शिक्षक है। परंतु इस घटना के बाद वधु पक्ष को संदेह है कि शायद यह बात भी झूठ ही निकले। वहीं दूल्हा के पिता भी नही हैं। इस कारण उसके भाई व मां ने ही इस शादी को तय किया था।

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मृदुला ने कहा, मैं ससुराल नहीं जाऊंगी

इस घटना से आहत मृदुला का कहना है कि मैं ससुराल नहीं जाऊंगी। मुझे संदेह है कि मेरे साथ कुछ अनहोनी न हो जाए। जिस तरह से मेरे परिवार के सदस्यों को मारा-पीटा गया। उस समय मेरे पति कहां थे। उन्होंने एक बार भी मेरे पास आना तक उचित नहीं समझा। वैसी परिस्थिति में मैं अब इस परिवार के बीच नहीं रहना चाहती हूं। मेरे स्वजन के साथ इंसाफ होना चाहिए। दहेज की खातिर ही इतनी बेरहमी से पीटा गया है।

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स्वजन ने कहा, सारी बात तय थी, फिर भी दिखाई हैवानियत

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मृदुला की बुआ रजनी देवी, निर्मला देवी, चाचा नागेंद्र प्रसाद ने बताया कि शादी की तिथि तय करते समय यह बात हो गयी थी कि बकाया रकम शादी के बाद दी जाएगी। बावजूद इसके लड़के के भाई ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर हैवानियत दिखाई। स्वजन ने पूर्व नियोजित तरीके से इस घटना को अंजाम देने का आरोप वर पक्ष पर लगाया है। फिलहाल, सभी घायल अपना इलाज कराने में लगे हैं। सभी का मानना है कि इस मामले में हमें न्याय चाहिए। यह शादी किसी हाल में मंजूर नहीं है।

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