निगम की बैठक में घंटों चला सफाई व्यवस्था पर मंथन

नालंदा। खुद के अंदर झांकने का समय आ चुका है। आखिर कब तक जीत के गुमान में हम यूं ही इतराते रहेंगे। दस लाख की आबादी में दूसरा स्थान क्या मिला हम सफाई ही भूल बैठे। नगर निगम क्षेत्र में कुल 46 वार्ड हैं लेकिन शहर का एक भी वार्ड ऐसा नहीं जहां गंदगी का अंबार न हो।

JagranTue, 30 Nov 2021 11:51 PM (IST)
निगम की बैठक में घंटों चला सफाई व्यवस्था पर मंथन

नालंदा। खुद के अंदर झांकने का समय आ चुका है। आखिर कब तक जीत के गुमान में हम यूं ही इतराते रहेंगे। दस लाख की आबादी में दूसरा स्थान क्या मिला, हम सफाई ही भूल बैठे। नगर निगम क्षेत्र में कुल 46 वार्ड हैं लेकिन शहर का एक भी वार्ड ऐसा नहीं जहां गंदगी का अंबार न हो। ऐसे में नगर निगम की सफाई व्यवस्था पर सवाल उठने लाजमी हैं। मंगलवार को नए नगर आयुक्त तरनजोत सिंह की मौजूदगी में बोर्ड की यह पहली बैठक थी। पूर्व की तमाम बैठकों की तरह इस बार भी सफाई व्यवस्था को सु²ढ़ किए जाने पर चर्चा हुई। हालांकि पूर्व की बैठक में लिए गए निर्णय अब तक अर्थहीन ही साबित हुए हैं। ऐसे में नए नगर आयुक्त तरनजोत सिंह पर सभी की निगाहें टिकी है। प्लांट लगने के बाद करीब 80 प्रतिशत कचरे का हो सकेगा निष्पादन

मंगलवार को निगम सभागार में बोर्ड की बैठक आयोजित की गई। जिसमें सफाई व्यवस्था को सु²ढ़ किए जाने पर काफी देर तक मंथन चला। मंथन के बाद ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के तहत वेस्ट प्रोसेसिग प्लांट लगाने की स्वीकृति प्रदान की गई। बताया गया कि प्लांट लगने के बाद करीब 80 प्रतिशत कचरे का निष्पादन हो सकेगा। छह एकड़ भूमि की आवश्यकता:

चक्ररसलपुर में करीब 3 एकड़ जमीन कूड़ा-कचरा डंपिग करने के लिए अधिकृति किया गया है। पिछले कई बैठकों में यहां प्रोसेसिग प्लांट लगाने की बात भी चली लेकिन कुछ नहीं हो सका। बताया गया कि इसके लिए करीब 5 से 6 एकड़ भूमि की आवश्यकता है। भूमि की तलाश के लिए सर्वे किया जा रहा है। शहर में करीब 7 हजार अतिरिक्त एलईडी बल्ब लगाने का निर्णय

शहर को जगमग रखने के लिए पूरे शहर में 6 हजार 7 सौ अतिरिक्त एलईडी बल्ब लगाने का निर्णय लिया गया। बल्ब लगाने का काम ईईएसएल कंपनी कर रही है। सभी हाई मास्क लाइट की आवश्यक मरम्मति का भी निर्णय लिया गया। सफाई के प्रति लोगों को किया जाएगा जागरूक

शहर में नाला जाम होने का सबसे बड़ा कारण नाले में कूड़ा-कचरा फेंका जाना है। ऐसे में लोगों के बीच जागरुकता चलाने का भी निर्णय लिया गया। वहीं शहर में महीनों से पड़े कचरे को अतिशीघ्र उठाने का निर्णय लिया गया। शहर में बने यूरिनल एवं सार्वजनिक शौचालय की स्थिति काफी दयनीय है। सफाई तथा पानी के अभाव में शौचालय तथा यूरिनल दम तोड़ रहे हैं। नगर आयुक्त ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए इसे तत्काल दुरुस्त करने का आदेश दिया। मछली मंडी को अन्यत्र किया जाएगा स्थानांतरित

शहर के व्यस्तम सड़क पर मछली मंडी संचालित होने से न केवल सड़क की हालत पस्त है बल्कि जाम का भी यह बड़ा कारण है। नगर आयुक्त ने मछली मंडी को अन्यत्र स्थानांतरित किए जाने को कहा। कहा जल्द ही नए जगह का सर्वेक्षण कर इसे स्थानांतरित किया जाएगा। वहीं जल-नल योजना को गति दिए जाने का भी आदेश दिया गया।

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