Bihbutipur Election 2020: विभूतिपुर सीट पर क्या जदयू का पूरा होगा हैट्रिक या माकपा करेगी वापसी?

समस्तीपुर के विभूतिपुर से प्रमुख प्रत्याशियों की तस्वीर
Publish Date:Sun, 25 Oct 2020 05:40 PM (IST) Author: Murari Kumar

समस्तीपुर, जेएनएन। समस्तीपुर कीविभूतिपुर विधानसभा सीट सबसे महत्वपूर्ण सीट मानी जाती है। यह हमेशा चर्चा में रही है। इसे जिले का दूसरा सबसे बड़ा प्रखंड होने का गौरव प्राप्त है। यहां बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दूसरे चरण में आज वाेट डाले गए। यहां कुल 56 प्रतिशत वोटरों ने वोट डाले।  विभूतिपुर विधानसभा क्षेत्र में हमेशा वामदलों का दबदबा रहा है। यह जिले की एकमात्र ऐसी सीट है जहां से माकपा बाजी मारती थी। यहां हमेशा से आमने-सामने की लड़ाई होती थी। माकपा के रामदेव वर्मा को यहां से छह बार विधायक होने का गौरव हासिल है।  लेकिन, पिछले दो चुनाव से इस सीट पर जदयू का कब्जा है। इस प्रभाव को देखते हुए चुनाव में राजद यहां से नहीं लड़कर माकपा के लिए ही सीट छोड़ता रहा है। वर्तमान में जदयू के रामबालक सिंह विधायक हैं। इन्होंने 2010 के विधानसभा चुनाव में सीपीएम के ही रामदेव वर्मा को हराने में सफलता हासिल की थी। रामबालक सिंह को 46,469 जबकि रामदेव को 34,168 वोट प्राप्त हुए थे। 2015 में राम बालक सिंह ने यहां से लगातार दूसरी बार जीत हासिल की थी।

जीत का गणित

विभूतिपुर विधानसभा हमेशा से समाज के लिए जाना जाता रहा है। जीत के गणित को देखा जाए तो कुशवाहा जाति के मतदाताओं की भी भूमिका निर्णायक होती है। इसके अलावा यादव, भूमिहार और राजपूत महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

वर्तमान विधायकः राम बालक सिंह, जेडीयू्

कुल मतदाता: 2.58 लाख

पुरुष  1.37 लाख 

महिला:  1.20 लाख 

ट्रांसजेंड : 11 

चुनाव का परिणाम

2015 में मिले मत

रामबालक सिंह (जदयू) : 57,882

 रामदेव वर्मा (सीपीएम) : 40,647

2010 में मिले मत

राम बालक सिंह (जदयू) : 46,459

राम देव वर्मा (माकपा) : 34,168

2005 में मिले मत

रामदेव वर्मा (माकपा) : 54,616 

राम बालक सिंह (लोजपा) : 41,865

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