जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने कहा, तटबंध टूटा तो जवाबदेही तय कर अफसरों पर होगी कार्रवाई

कहा कि दो से तीन दिनों के अंदर अन्य रुके निरोधात्मक कार्योंं को पूरा करें। अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर बांध टूटा तो जवाबदेही तय कर कार्रवाई भी होगी। इसके बाद मंत्री ने भुतही बलान के नव निर्मित बांध का निरीक्षण किया।

Ajit KumarSun, 13 Jun 2021 08:16 AM (IST)
मंत्री संजय झा ने की बाढ़ निरोधात्मक कार्यों की समीक्षा।

झंझारपुर (मधुबनी), जासं। जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने शनिवार को स्थानीय निरीक्षण भवन में अधिकारियों के साथ बाढ़ निरोधात्मक कार्यों की समीक्षा की। कहा कि बाढ़ के दौरान संबंधित सभी विभागों के अधिकारी और अभियंता सक्रिय रहें। संभावित बाढ़ से निपटने के लिए हमेशा अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया। कहा कि दो से तीन दिनों के अंदर अन्य रुके निरोधात्मक कार्योंं को पूरा करें। अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर बांध टूटा तो जवाबदेही तय कर कार्रवाई भी होगी। इसके बाद मंत्री ने भुतही बलान के नव निर्मित बांध का निरीक्षण किया। कहा कि भुतही बलान के पूर्वी तटबंध का निर्माण होने से 56 गांवों के लोगों को बाढ़ से निजात मिलेगी। उन्होंने कहा कि सीएम नीतीश कुमार जल्द तटबंध का उद्घाटन करने आएंगे। तटबंध का निर्माण कार्य समय से पूरा होगा। लोगों की वर्षो पुरानी पांच किमी तटबंध निर्माण की मांग पूरी हो गई है।  

विस्थापितों की समस्या को लेकर खोला मोर्चा

औराई (मुजफ्फरपुर), संस :बागमती परियोजना उत्तरी व दक्षिणी बांध के बीच बसे एक दर्जन गांवों के विस्थापित परिवारों को 12 वर्षों से पुनर्वास की जमीन मुहैया नहीं हो सकी है। मुआवजा एवं पुनर्वास के साथ अन्य समस्याओं को लेकर बागमती पुनर्वास संघर्ष मोर्चा की ओर से जोंकी गांव के लोगों ने अलग-अलग तीन जगहों पर समूहबद्ध होकर अपनी अपनी मांगें रखी। लोगों ने कहा कि सरकार वर्तमान दर पर मकान मय सहन का अविलंब भुगतान करे, क्योंकि जमीन और भवन निर्माण सामग्री की कीमत बहुत बढ़ गई है। बांध निर्माण में अधिग्रहित जमीन का बकाया 20 फीसद तुरंत भुगतान हो। मकान घर की मापी में त्रुटि को ठीक किया जाए, शीघ्र सभी बालिगों को पुनर्वासित किया जाए। सड़क आदि बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हो। बाढ़ विस्थापितों के सर पर है। लोग डरे सहमे हुए हैं, जबकि सरकार कुंभकरण की नींद सोई हुई है। मोर्चा के संयोजक मनोज कुमार यादव ने कहा कि जोंकी के अलावा चहुंटा, चैनपुर, बभनगामा, बारा, महुआरा ,मधुवन प्रताप आदि गांव में भी सैकड़ों लोगों को मुआवजा नहीं मिला है। बहुत लोगों को मुआवजा की नोटिस देकर वापस ले लिया गया है। बेनीपुर और जीवाजोर के अलावा कहीं के विस्थापित को बसाया नहीं गया है।

तीन अलग समूह में मनोज कुमार यादव, राजू राय, प्रमोद, किरण देवी, कुसुमी देवी ,सत्य नारायण यादव, रणवीर कुमार, विश्वजीत राय,कुंदन, प्रभात, मोनू तथा राम प्रसाद सहनी, प्रवीण राय, राजन शर्मा, राजदेव शर्मा ,पानवती देवी शामिल थे।

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