कुशेश्वरस्थान विधानसभा उपचुनाव को लेकर दियारा क्षेत्र की बढ़ी चौकसी, कमला बलान के पश्चिमी तटबंध पर सघन गश्त

Darbhanga News कोसी के दियारा क्षेत्र में बसे गांवों पर पुलिस रख रही पैनी नजर। चुनाव को लेकर अर्द्धसैनिक बल की तीन कंपनी में एक से लगातार कराई जा रही है छापेमारी। पश्चिमी तटबंध पर सघन गश्त के साथ असामाजिक तत्वों पर रखी जा रही है नजर।

Dharmendra Kumar SinghTue, 26 Oct 2021 04:43 PM (IST)
कुशेश्वरस्थान विधानसभा उप चुनाव को द‍ियारा क्षेत्र में बढ़ी सुरक्षा। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

दरभंगा, जासं। कुशेश्वरस्थान विधानसभा उप चुनाव को देखते हुए दियारा क्षेत्र की चौकसी बढ़ा दी गई है। चुनाव को लेकर अर्द्धसैनिक बल की तीन कंपनी में एक से लगातार छापेमारी कराई जा रही है। कमला बलान पश्चिमी तटबंध पर सघन गश्त के साथ असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जा रही है। मिथिला क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक अजिताभ कुमार सीमावर्ती क्षेत्र के खगडिय़ा और सहरसा पुलिस से समन्वय बनाकर शातिरों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। इधर, वरीय पुलिस अधीक्षक बाबू राम रोजाना क्षेत्र में तैनात पुलिस पदाधिकारियों से फीडबैक ले रहे हैं। उन्होंने अपने पदाधिकारियों को अलग-अलग जवाबदेही दी है। शातिरों की गिरफ्तारी, शराब धंधेबाजों पर नकेल, असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखने सहित कई ब‍िंदुओं पर प्लान के तहत कार्य कर रहे हैं। दरअसल, कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड के दियारा क्षेत्र अपराधियों का सेफ जोन माना जाता है। ऐसी स्थिति में शांतिपूर्ण तरीके से मतदान संपन्न करने के लिए पुलिस लगातार कसरत कर रही है।

हालांकि, विगत कई चुनावों में शातिर बदमाशों की पुलिस की रणनीति के सामने एक नहीं चली। सभी समय से पहले अपने ठिकानों से फरार हो जाते हैं। बावजूद, पुलिस पूरी तरह से अलर्ट है। क्योंकि यहां बंदूक और गोलियों की भाषा बोली जाती है। सहरसा, खगडिय़ा और समस्तीपुर की सीमा पर कोशी, कमला बलान एवं करेह नदी के संगम तट पर बसा कुशेश्वरस्थान पूर्वी का दियारा क्षेत्र अपराधियों का गढ़ है। जहां अपराध करने उपरांत इसी दियारा क्षेत्र में अपराधी अपना ठिकाना बनाते हैं। दरअसल, भौगोलिक स्थिति सही नहीं रहने से पुलिस को भी यहां पहुंचने काफी परेशानी होती है। यहां तक आने-जाने के लिए कई नदियों को पार करना होता है । काफी मशक्कत बाद अगर पुलिस पहुंचती है तब तक अपराधी कोशी नदी पार कर कुशेश्वरस्थान सीमा से सटे सहरसा, खगडिय़ा और समस्तीपुर भागने में कामयाब हो जाते हैं। इस क्षेत्र का सबसे बेहतर सवारी आज भी घुड़सवारी ही माना जाता है।

कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड के दो पंचायत उजुआ सिमरटोका और तिलकेश्वर पंचायत के गैजोरी रखटी, झाझा, बुढिय़ा सुकरासी आदि गांवों की लगभग बीस हजार आबादी कोशी नदी के पार दियारा में बसा है। जहां अपराधियों का बोलबाला है। इन पंचायतों से सटे उसड़ी, सुघराईन, महिसौत एवं इटहर पर भी प्रभाव पड़ता है। पहले यह क्षेत्र नक्सलियों से काफी प्रभावित रहा है। लेकिन, पहले की अपेक्षा इस क्षेत्र में अपराधियों की कमी के साथ नक्सलियों का सफाया हो चुका है। हालांकि, तीन जिलों का सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण इन दिनों दियारा क्षेत्र में शराब माफियाओं में बढ़ोतरी हुई है। यही कारण है कि सुघराईन और रहीपुरा गांव के बीच एक अतिरिक्त पुलिस कैंप बनाने की मांग वर्षों से की जा रही है। बहरहाल, प्रशासन मतदाताओं भरोसा दिलाया है कि पुलिस आपके साथ है। डरने की बात नहीं है। आप बेखौफ होकर मतदान करें। किसी भी आपराधिक गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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