East Champaran: 38 वर्ष बाद आया हत्या मामले में फैसला, चार को उम्रकैद की सजा

East Champaran वाद में विचारण के दौरान नौ अभियुक्तों में एक-एक कर स्वर्ग सिधार गए पांच अभियुक्त जबक‍ि चार अभ‍ियुक्‍तों को दो लाख पांच हजार 500 का अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। रकम नहीं देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।

Dharmendra Kumar SinghPublish:Sat, 27 Nov 2021 02:30 PM (IST) Updated:Sat, 27 Nov 2021 02:30 PM (IST)
East Champaran: 38 वर्ष बाद आया हत्या मामले में फैसला, चार को उम्रकैद की सजा
East Champaran: 38 वर्ष बाद आया हत्या मामले में फैसला, चार को उम्रकैद की सजा

पूर्वी चंपारण (मोतिहारी),जासं। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश सिंह ने हत्या व जानलेवा हमला करने के एक मामले में दोषी पाते हुए नामजद चार अभियुक्तों को आजीवन कारावास व प्रत्येक को दो लाख पांच हजार 500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। सजा सुगौली थाना के लक्ष्मीपुर निवासी अंगद राय, शंभू राय, जवाहर प्रसाद राय व सत्यनारायण राय को हुई। मामले में सुगौली थाना क्षेत्र के मधुमालती निवासी नृपेंद्र प्रसाद राय ने सुगौली थाना कांड संख्या- 12/1983 दर्ज कराते हुए नौ लोगों राघव राय, रामचरित्र राय, लालबहादुर राय, महेंद्र राय, विदेश्वरी राय, अंगद राय, शंभू राय, जवाहर प्रसाद राय व सत्यनारायण राय के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि 8 फरवरी 1983 को नामजद लोग जबरन उसकी खेत में लगी ईंख को काटकर छिलके निकाल रहे थे।

पूछताछ करने पर वे लोग एक साजिश के तहत हरवे हथियार से लैश होकर मधुमालती सरेह स्थित ईख लगी उसकी खेत पर आये और धारदार हथियार व राइफल-बंदूक से जानलेवा हमला करने लगे। इस क्रम मेंउनलोगों ने अनिल कुमार राय को गोली मार हत्या कर दी। साथ ही अशोक कुमार राय, विक्रमा राय व अच्छेलाल राय पर जानलेवा हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिये। सत्रवाद 218/1985 विचारण के दौरान अपर लोक अभियोजक मोहन ठाकुर व सहायक अधिवक्ता श्रीमती कृष्णा सिंह ने 13 गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत कर अभियोजन पक्ष रखा। वाद विचारण के दौरान ही एक-एक कर नामजद पांच अभियुक्त राघव राय, रामचरित्र राय, लालबहादुर राय, महेंद्र राय व विदेश्वरी राय की मृत्यु होती चली गई। न्यायाधीश ने वाद विचारण व दोनों पक्षों के दलीलें सुनने के बाद बाकी बचे चार अभियुक्तों को धारा 302,307,326,324,323,148 भादवि एवं 27 आमर्स एक्ट में दोषी पाते हुए अलग-अलग सजा सुनाये। सभी सजाएं साथ-साथ चलेगी। न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा है कि कारावास में बीताई अवधि का समायोजन सजा की अवधि में होगी।