UPSC 2020 Result: मुजफ्फरपुर के मोतीपुर निवासी प्रांजल को यूपीएससी में 529वां स्थान

UPSC Civil Services 2020 Resultप्रांजल ने पहले ही प्रयास में स्वाध्याय के बदौलत सफलता प्राप्त कर तैयारी में जुटे विद्यार्थियों में उत्साह का संचार किया है। प्रांजल दो भाइयों में बड़े हैं। उनके पिता विश्वनाथ प्रसाद रांची में वन अधिकारी हैं और मां गृहिणी हैं।

Ajit KumarSat, 25 Sep 2021 09:23 AM (IST)
सेल्फ स्टडी की बदौलत प्राप्त की सफलता, पिता वन अधिकारी और मां हैैं गृहिणी। फाइल फोटो

मुजफ्फरपुर, जासं। मोतीपुर प्रखंड के कल्याण हरौना निवासी विश्वनाथ प्रसाद व रीता प्रसाद के पुत्र प्रांजल प्रतीक ने यूपीएससी में सफलता प्राप्त कर जिले का मान बढ़ाया है। उनको 529वां स्थान मिला है। प्रांजल ने पहले ही प्रयास में स्वाध्याय के बदौलत सफलता प्राप्त कर तैयारी में जुटे विद्यार्थियों में उत्साह का संचार किया है। प्रांजल दो भाइयों में बड़े हैं। उनके पिता विश्वनाथ प्रसाद रांची में वन अधिकारी हैं और मां गृहिणी हैं। प्रांजल की 12वीं तक की पढ़ाई डीएवी स्कूल श्यामली रांची से हुई। इसके बाद 2017 में इंडियन एक्सप्रेस रिसर्च इंस्टीट््यूट से बीटेक की पढ़ाई की। 2019 में आइआइएम बंगलुरु से एमबीए किया। 

लाकडाउन में स्वाध्याय ने पहले प्रयास में दिलाई सफलता 

प्रांजल प्रतीक के ममेरे भाई राज रोशन झा ने बताया कि एमबीए पूरा करने के बाद उसका कैंपस प्लेसमेंट बड़ी कंपनी में कंसल्टेंट के पद पर हो गया। इसी बीच 2020 में कोरोना ने दस्तक दे दी। कंपनी ने वर्क फ्राम होम करने को कहा। इस मौके का प्रांजल ने पूरा फायदा उठाया। उन्होंने घर से काम के बाद जी तोड़ मेहनत की। इसका परिणाम हुआ कि पहले ही प्रयास में स्वाध्याय के बदौलत यह सफलता प्राप्त की है। प्रांजल ने बताया कि एनसीईआरटी पर उन्होंने पकड़ बनाई। कांसेप्ट क्लियर किया व विषयों को दोहराते रहे। वह आइपीएस अधिकारी बनेंगे।  

विवि प्रशासन के खिलाफ अभाविप कार्यकर्ताओं ने किया कीर्तन

जासं, मुजफ्फरपुर : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का अनिश्चितकालीन धरना शुक्रवार को भी विवि परिसर में जारी रहा। कार्यकर्ताओं ने ढोल, डंफ, झाल-बाजे के साथ भजन- कीर्तन किया। कहा कि कई दिनों से अभाविप के कार्यकर्ता आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन विवि के अधिकारी छात्रों के मुद्दों को लेकर थोड़ा भी गंभीर नहीं हैं। प्रभात मिश्रा, रणविजय ङ्क्षसह आदि ने कहा कि छात्राओं व एससी-एसटी के छात्रों को पीजी तक निशुल्क शिक्षा देना है। इसके बाद भी सभी महाविद्यालय विकास मद के नाम पर दो से चार हजार रुपये वसूल रहे हैं। शिकायत के बाद भी इसपर कार्रवाई नहीं की जा रही है। धरना में विश्वविद्यालय संयोजक सह सीनेटर केशरी नंदन शर्मा, दीपक यादव, देवेश्वर कुमार, ङ्क्षप्रस कुमार, प्रभात श्रीवास्तव, मयंक मिश्रा, केशव भारद्वाज, मंटू कुमार, गौरव त्रिवेदी, ज्योति भारती, शिवानी कुमारी, सोनम कुमारी आदि थीं।

 

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