डीएमसीएच में चिकित्सक नहीं, ट्राली मैन करता है मरीज को आइसीयू में रेफर

डीएमसीएच में चंद पैसों की खातिर गंभीर मरीज की जान से किया जा रहा खिलवाड़ समस्तीपुर के मरीज को किया गया था आइसीयू में रेफर ट्राली मैन ने दूसरे मरीज को करा दिया भर्ती डीएमसीएच के प्राचार्य ने कहा-दोषी के खिलाफ होगी जांच के बाद सख्त कार्रवाई।

Dharmendra Kumar SinghSat, 25 Sep 2021 04:38 PM (IST)
डीएमसीएच के मेडिसीन विभाग में जांच के लिए सुबह 3:30 से लाइन में खड़े मरीज व उनके स्वजन। जागरण

दरभंगा, जासं। दरभंगा मेडिकल कालेज, अस्पताल (डीएमसीएच) में चिकित्सक कागज पर गहन चिकित्सा कक्ष में मरीज को भर्ती करते है। लेकिन, यहां चिकित्सक पर ट्राली मैन भारी है। वो पैसों के खातिर वास्तविक मरीज की जगह दूसरे मरीज को गहन चिकित्सा कक्ष में भर्ती कर देते हैं। वार्ड में शुक्रवार को डा. एससी झा की यूनिट के एक चिकित्सक ने हार्ट अटैक से पीड़ित गंभीर मरीज प्रमोद कुमार को सामान्य वार्ड से गहन चिकित्सा कक्ष में रेफर किया। लेकिन ट्राली मैन ने इस गंभीर मरीज को आईसीयू में नहीं भर्ती कराया।

मेडिसिन टू के ट्राली मैन श्याम ने एक मरीज के स्वजन से कथित रूप से राशि लेकर दूसरे मरीज को आईसीयू में भर्ती कर दिया। इधर, गंभीर मरीज प्रमोद कुमार मेडिसिन वार्ड टू के फर्श पर लेटा रहा। गंभीर मरीज प्रमोद की हालत गंभीर बनी हुई है। जानकारी के अनुसार समस्तीपुर जिला निवासी प्रमोद कुमार को घर पर हर्ट अटैक हुआ था। गंभीर हालत में गुरुवार को यहां भर्ती कराया गया था।

चिकित्सकों की लगातार निगरानी के बाद मरीज को कुछ होश आया। लेकिन, उसे आइसीयू की जरूरत थी। चिकित्सक ने उसे वहां भर्ती के लिए प्रक्रिया पूरी की। फिर भी आउटसोर्सिंग कर्मी ने राशि लेकर दूसरे मरीज को आइसीयू में भर्ती कर दिया। प्राचार्य डा. केएन मिश्रा ने बताया कि इस मामले की जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

डीएमसीएच के आक्सीजन प्लांट के लिए गुजरात से हुई लिक्विड की आपूर्ति

कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए दरभंगा मेडिकल कालेज अस्पताल में तीन में से दो आक्सीजन गैस प्लांट इसी माह में शुरू होने के प्रबल आसार है। इसमें एक निश्चेतना विभाग के परिसर में लगा लिक्विड मेडिकल आक्सीजन गैस प्लांट व शिशु रोग विभाग में लगा दूसरा प्लांट शामिल है। निश्चेतना विभाग के परिसर में स्थित आक्सीजन प्लांट के लिए लिक्विड की आपूर्ति गुरुवार को गुजरात से हो गई है। इस प्लांट की बीस हजार लीटर मेडिकल आक्सीजन उत्पादित करने की क्षमता है।

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