पश्चिम चंपारण का ग्रामीण क्षेत्र साठी बना उच्च शिक्षा का हब

यहां दो- दो बीएड कॉलेज दो आईटीआई कॉलेज तीन आवासीय विद्यालय सूफियों के लिए रिसर्च सेंटर नेशनल लाइब्रेरी मेडिकल के क्षेत्र में पारा मेडिकल की स्थापना हुई है। इससे रोजगार के क्षेत्र में अपनी जगह के साथ पहचान बनाई है। स्थानीय लोगों को रोजगार को रोजगार भी मिल रहा है।

Ajit KumarSat, 25 Sep 2021 12:36 PM (IST)
रोजगार परक शिक्षा देकर आत्मनिर्भर भारत के सपनों को किया जाता है साकार। फोटो- जागरण

पश्चिम चंपारण, [सत्येन्द्र तिवारी]। जिले के मुख्य प्रखंडों के बीच अब सिर्फ विकास और संसाधन जुटाने की ही नहीं बल्कि अब शोध और उच्च शिक्षा को लेकर प्रतिस्पर्धा दिखने लगी हैं। इसकी शुरुआत साठी जैसे सुदूर कस्बाई इलाके में हो गई है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में यह जगह हब बन गया है। यहां उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ावा देने के लिए दो- दो बीएड कॉलेज, दो आईटीआई कॉलेज, तीन आवासीय विद्यालय, सूफियों के लिए रिसर्च सेंटर, नेशनल लाइब्रेरी, मेडिकल के क्षेत्र में पारा मेडिकल की स्थापना हुई है। इससे जिले के तमाम बच्चों की तकदीर संवारने के साथ ही रोजगार के क्षेत्र में अपनी जगह के साथ पहचान बनाई है। शिक्षा के क्षेत्र के साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार को रोजगार भी मिल रहा है। इन तमाम संस्थानों में देश के अलग अलग जगहों से शिक्षक तो आते ही हैं। स्थानीय शिक्षित बेरोजगारों को भी रोजगार देने का कार्य भी किया जा रहा है। प्रति दिन हज़ारों बच्चों के इस क्षेत्र में पढ़ने आने से स्थानीय दुकानदारों को अच्छी आमदनी हो रही है। जिससे क्षेत्र का विकास भी तेजी से हो रहा है। शिक्षा के साथ साथ रोजगार को भी बढ़ावा मिल रहा है।

शैक्षणिक शोध के साथ उद्योग से जुड़ाव को भी दी जा रही प्राथमिकता

एक तरफ जहां उच्च शिक्षा प्राप्त कर शिक्षण संस्थानों में अपनी जगह बना रहे है। वही तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर स्वरोजगार के क्षेत्र में भी अपनी पहचान के साथ - साथ बेरोजगारी को दूर करते हुए आत्मनिर्भर भारत की अग्रसर हो रहे हैं। ऐसे जगहों पर शोध और उच्च शिक्षण संस्थानों के मौजूदगी के साथ उद्योग के जुड़ाव भी देखा जा रहा है। यहां के लोगों का मानना है कि शिक्षा के साथ उद्योग के क्षेत्र में भी एक बड़े हब के रूप में यह जगह विकसित होगा।

शिक्षक व छात्रों के यहां रहने से क्षेत्र में बढ़ रही आर्थिक गतिविधि

इस क्षेत्र में आधा दर्जन तकनीकी संस्थान हैं। इन संस्थानों में 250 से अधिक शिक्षक कार्यरत हैं। इसके अलावा गैर शैक्षणिक कर्मियों की संख्या 100 से अधिक है। सभी संस्थानों में 5 हजार से अधिक छात्र अपनी पढ़ाई कर रहे हैं। इनकी मौजूदगी से इस क्षेत्र में तेजी से आर्थिक गतिविधियां बढ़ रही है। यहां कई होटल और दुकानें खुल गई हैं। आने वाले दिनों में कई तरह के उद्योग भी लगने की संभावना है।

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