26 वर्षों से बगहा राजस्व जिला की उठ रही मांग, फिर निराशा लगी हाथ

वर्ष 1996 में नरकटिया दोन नरसंहार के बाद तत्कालीन राजद सरकार ने दिया था पुलिस जिले का दर्जा। कुल 2400 वर्ग किलोमीटर में फैला है बगहा अनुमंडल का दायरा। इसमें दो नगर परिषद क्षेत्र भी किए गए हैं शामिल। जिला मुख्यालय बेतिया से 65 किलोमीटर दूर है बगहा।

Dharmendra Kumar SinghWed, 24 Nov 2021 05:55 PM (IST)
बगहा राजस्व जिला की उठ रही मांग ।

बगहा (प.चं.), जासं। कभी मिनी चंबल के रूप में पहचाने जाने वाले बगहा पुलिस जिले में 90 का दशक रक्तरंजित रहा। अपराधियों का तांडव चरम पर था। वर्ष 1996 में रामनगर प्रखंड के उत्तराचंल में अवस्थित नरकटिया दोन में अपराधियों ने एक साथ सात किसानों की हत्या कर दी। इस नरसंहार के बाद तत्कालीन राजद सरकार ने वर्ष 1996 में बगहा को पुलिस जिले का दर्जा दिया। आरके मल्लिक की बतौर एसपी बगहा में पदस्थापना हुई। इसके बाद से लगातार बगहा को राजस्व जिले का दर्जा देने की मांग उठती रही। जब-जब विधानसभा चुनाव का बिगुल बजा, राजस्व जिले का दर्जा सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा बना। प्रत्याशियों, पार्टी प्रमुखों यहां तक की मुख्यमंत्री ने भी कई बार चुनावी सभाओं में कहा कि बिहार में जब भी कोई राजस्व जिला घोषित होगा, बगहा का पहला स्थान होगा। जिले के मुद्दे पर बगहा अनुमंडल के अधीन तीन विधानसभा क्षेत्रों में बीते दो दशक से एनडीए बाजी मारती रही। यदि भौगोलिक ²ष्टिकोण से देखे तो बगहा राजस्व जिले के दर्जे के लिए निर्धारित हर पैमाने पर खरा उतरता है। वाल्मीकिनगर में संभावित कैबिनेट की बैठक को देखते हुए लोगों में उम्मीद जग गई थी कि इस बार सीएम उपहार स्वरूप जिले की घोषणा करेंगे। लेकिन न वाल्मीकिनगर में न मीङ्क्षटग हुई और नहीं घोषणा। पटना में कैबिनेट बैठक हुई। लेकिन, वहां भी राजस्व जिले की घोषणा नहीं हुई।

चंपारण का केंद्र बिंदु है बगहा 

पश्चिम चंपारण जिले के केंद्र ङ्क्षबदु के रूप में बगहा पहचाना जाता रहा है। बगहा सहित तीन अनुमंडल, 18 प्रखंडों तथा पांच नगर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले इस जिले में अकेले बगहा अनुमंडल के अधीन सात प्रखंड हैं। जबकि दो नगर परिषद क्रमश: बगहा और रामनगर हैं। 5228 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल के वर्तमान जिले में तकरीबन 2400 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल अकेले बगहा पुलिस जिले का है। बता दें कि शिवहर जिले का क्षेत्रफल 443 वर्ग किमी है।

यह होगा फायदा 

राजस्व जिले का दर्जा मिलने के बाद गंडक पार के चार प्रखंडों से जिला मुख्यालय की दूरी 1200 के बदले महज 60 किमी रह जाएगी। जबकि बगहा एक व दो प्रखंड के विभिन्न गांवों समेत रामनगर के लिए भी जिला मुख्यालय की दूरी 30 किमी रह जाएगी। भौगोलिक ²ष्टिकोण से तीन भागों में बंटे इस पुलिस जिले का केंद्र बगहा हो जाएगा। बता दें कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार बगहा पुलिस जिले की जनसंख्या 14 लाख के करीब है।

स्वयंसेवी संस्थाओं ने चलाया हस्ताक्षर अभियान

बगहा विकास मंच समेत कई अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं ने बगहा को राजस्व जिले का दर्जा देने के लिए लंबे समय से आवाज बुलंद की। बगहा विकास मंच के तत्वावधान में इस मांग के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान भी चलाया। बीते एक दशक में कई बार इसके लिए धरना प्रदर्शन भी हुआ।

 प्रतिक्रिया

जिला बनाने के लिए प्रयास किया है। पत्राचार भी किया। व्यक्तिगत रूप से डिप्टी सीएम से मुलाकात भी किया।जिला के लिए वे लगातार प्रयासरत हैं। उम्मीद है कि जल्द ही जिला की घोषणा हो जाय। -राम स‍िंंह, विधायक, बगहा

विधायक रहते हुए उन्होंने जिला बनाने का मुद्दा सदन में उठाया था। बगहा वासियों की मांग बगहा को राजस्व जिला बनाने की रहती है। जिला बन जाने से बगहा का विकास और तेजी से होगा। - आरएस पांडेय, पूर्व विधायक

केंद्र और राज्य सरकार केवल वादा करती है। बगहा का जिला नहीं बनाना बगहा के विकास को बाधित कर रहा है। यहां के लोगों को 80 से 100 किलोमीटर यात्रा करके बेतिया जाना पड़ता है। समय और पैसा दोनों बर्बाद होता है। -भाई उत्कर्ष, जिलाध्यक्ष, किसान कांग्रेस

राजस्व जिला के लिए सभी मानकों को बगहा पूरा करता है। इससे कम जनसंख्या व क्षेत्रफल वाले जिले हैं। ऐसे में प्राथमिकता के आधार पर बगहा को राजस्व जिला घोषित करना चाहिए। जिला के लिए पूर्व में वह डिप्टी सीएम सुशील मोदी से भी मिल चुके हैं। -सोमेश पांडेय, भाजपा नेता

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