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मुजफ्फरपुर के साहेबगंज में भूमि विवाद में चाकू घोंपकर शिक्षक की हत्या

शत्रुध्न प्रसाद तथा उनके पट्टीदारों के बीच पूर्व से जमीनी विवाद चल रहा है।

पुलिस ने दो को किया गिरफ्तार पहले भी हो चुकी पंचायती । आज होनी थी विवादित जमीन की मापी पट्टीदार भी थे मौजूद । एसकेएमसीएच पहुंचते ही चिकित्सक ने सुनील कुमार को जांचोपरांत मृत घोषित कर दिया ।

Ajit KumarTue, 11 May 2021 09:34 AM (IST)

मुजफ्फरपुर, जासं। साहेबगंज थाना क्षेत्र के मिड्लि स्कूल बालक साहेबगंज के समीप सोमवार की दोपहर भूमि विवाद को लेकर कुछ लोगों ने प्रतापपट्टी वार्ड नंबर 10 निवासी शिक्षक सुनील कुमार तथा उसके पिता शत्रुध्न प्रसाद को ताबड़तोड़ चाकू घोंप कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। आनन-फानन में स्वजनों ने दोनों को पीएचसी पहुंचाया जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देख चिकित्सक ने दोनों को एसकेएमसीएच रेफर कर दिया। एसकेएमसीएच पहुंचते ही चिकित्सक ने सुनील कुमार को जांचोपरांत मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम में भेज दिया।

बताया जा रहा है कि गांव में शत्रुध्न प्रसाद तथा उनके पट्टीदारों के बीच पूर्व से जमीनी विवाद चल रहा है। सोमवार की सुबह इसे लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद होने लगा। बाद में कुछ लोगों ने चाकू से पिता-पुत्र दोनों को गोद डाला। सुनील कुमार पूर्वी चंपारण जिले के सिसवा पटना गांव स्थित सरकारी स्कूल में शिक्षक पद पर कार्यरत थे। इस मामले में थानाध्यक्ष अनूप कुमार ने बताया कि मामले की जांच करते हुए आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। इधर, सुनील कुमार का शव पोस्टमार्टम के बाद जैसे साहेबगंज पहुंचा, वहां कोहराम मच गया। पुलिस ने पीएचसी में इलाज कराने आए आरोपित पन्ना लाल साह तथा राहुल कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मृतक के घायल पिता शत्रुध्न साह ने बताया कि केशव चौक के पास जमीन पर विवाद का निपटारा हेतु सोमवार को मापी होने वाली थी जिसकी जानकारी अपने पट्टीदार को देकर मापी में रहने का अनुरोध किया था। एक साथ सभी लोग जुटे तथा बिना कुछ कहे हमला बोल दिया। चाकू गोद कर बेरहमी से घायल कर सभी हमलावर भाग निकले। जमीन विवाद लम्बे समय से चल रहा था तथा कई दफा पंचायती भी हो चुकी थी। स्वजनों के अनुसार हत्या की साजिश रचकर हमलावर पहले से तैयार थे जिससे सुनील तथा उनके पिता बेखबर थे।

अच्छे शिक्षक के साथ मार्गदर्शक थे सुनील

सुनील कुमार अच्छे शिक्षक ही नही, बेहतर मार्गदर्शक थे। उन्होंने साहेबगंज में एक कोचिंग संस्थान की दो दशक पूर्व आधारशिला रखी थी तथा समर्पण की भावना से पठन- पाठन का कार्य कर शिक्षा के क्षेत्र अपनी पहचान बना ली थी। उनके संस्थान से शिक्षा प्राप्त कर कई प्रतिभागी ने सर्वोच्च स्थान हासिल किया है। बाद में सुनील कुमार की नियुक्ति स्थायी शिक्षक पद पर पूर्वी चंपारण के सिसवापटना स्थित सरकारी स्कूल में हो गई। उनकी मौत से शिक्षा क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है। लोगों ने उनकी हत्या पर शोक प्रकट किया है।

 

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